PLI for Scale IV & above has already been credited. We are not demanding that their PLI should be withheld or taken back
Our legitimate demand is:
PLI should be credited to ALL employees without discrimination & 5Days banking
No division. No discrimination.
#PLI#5DayWeekBanking
9 Out of 10 BRICS Member's Banks work in 5 Days Week.
✅Brazil - 5 days
✅Russia - 5 days
✅China - 5 days
✅South Africa - 5 days
❌ India - 5/6 days (2nd & 4th Sat Off)
✅Egypt - 5 days
✅Ethiopia - 5 days
✅Iran - 5 days
✅UAE - 5 days
✅Indonesia - 5 days
Why Not India 🇮🇳 ?
कानपुर कभी मैनचेस्टर के नाम से जाना जाता था।
2014 में केंद्र की सत्ता में आयी बीजेपी और 2017 उत्तर प्रदेश में योगी सरकार है।
कानपुर में दशकों से बीजेपी का कब्जा है।
आखिर थक कर सावित्री सक्सेना ने बेटे का शौर्य चक्र लौटाने का फैसला किया है...
असिस्टेंट कमांडेंट विवेक सक्सेना 8 जनवरी 2003 को मणिपुर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे...उनकी वीरता के सम्मान में राष्ट्र ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया...
सरकार ने उनके परिवार को जमीन और एक स्मारक देने का वादा किया था....
लेकिन 22 साल बाद भी उनकी मां सावित्री सक्सेना को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं...
कभी उनसे डोमिसाइल का प्रमाण जाता है...कभी पूछा जाता है कि वो अपनी शादी से पहले वह कहां रहती थीं...80 साल की उम्र में वो क्या बताए... वो फिर भी चक्कर काटती हैं और पर उन्हें बस इंतजार करने के लिए कहा जाता है...
अब वह कहती हैं कि उनमें बार-बार इन दफ्तरों के चक्कर लगाने की ताकत नहीं बची है....
शहीद की ये मां देश से नाराज़ होकर नहीं है...बल्कि सिस्टम से थककर, टूटकर और निराश होकर वो ये कदम उठा रही हैं..
इसलिए शौर्य चक्र लेकर वह एक शिकायत निवारण शिविर में पहुंचीं और कहा कि अगर शहीद की मां को यही सम्मान मिलता है, तो यह सम्मान वापस ले लीजिए...उनके बेटे ने देश के लिए अपनी जान दे दी...और आज उसकी मां से यह साबित करने को कहा जा रहा है कि वह इस देश की है...
यह सिर्फ एक मां की पीड़ा नहीं है...यह हम सबको शर्मिंदा करने वाली बात है..
आखिर थक कर सावित्री सक्सेना ने बेटे का शौर्य चक्र लौटाने का फैसला किया है...
असिस्टेंट कमांडेंट विवेक सक्सेना 8 जनवरी 2003 को मणिपुर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे...उनकी वीरता के सम्मान में राष्ट्र ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया...
सरकार ने उनके परिवार को जमीन और एक स्मारक देने का वादा किया था....
लेकिन 22 साल बाद भी उनकी मां सावित्री सक्सेना को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं...
कभी उनसे डोमिसाइल का प्रमाण जाता है...कभी पूछा जाता है कि वो अपनी शादी से पहले वह कहां रहती थीं...80 साल की उम्र में वो क्या बताए... वो फिर भी चक्कर काटती हैं और पर उन्हें बस इंतजार करने के लिए कहा जाता है...
अब वह कहती हैं कि उनमें बार-बार इन दफ्तरों के चक्कर लगाने की ताकत नहीं बची है....
शहीद की ये मां देश से नाराज़ होकर नहीं है...बल्कि सिस्टम से थककर, टूटकर और निराश होकर वो ये कदम उठा रही हैं..
इसलिए शौर्य चक्र लेकर वह एक शिकायत निवारण शिविर में पहुंचीं और कहा कि अगर शहीद की मां को यही सम्मान मिलता है, तो यह सम्मान वापस ले लीजिए...उनके बेटे ने देश के लिए अपनी जान दे दी...और आज उसकी मां से यह साबित करने को कहा जा रहा है कि वह इस देश की है...
यह सिर्फ एक मां की पीड़ा नहीं है...यह हम सबको शर्मिंदा करने वाली बात है..
राहगीर:-(बाइक पर 3 पुलिस वालो को देखकर)
बहुत सही... सही जा रहे हो 😳
जिया जोगी जी... तुम्हारी कानून व्यवस्था 😳
पुलिस:- हां... हां... गां@@ड म@रा लो अपनी 😳
––––
यूपी की राजधानी लखनऊ में जब एक राहगीर ने बाइक पर सवार 3 पुलिस वालो को, वो भी बिना हेल्मेट गाडी चलाते देखकर टोका...
तो उसके जवाब मे यूपी पुलिस के जवान का जवाब बेहद घटिया था !!
टेलीप्रॉम्पटर वाली पत्रकारिता के दौर में जर्नलिस्ट रवि राज को सुनिए। बता रहे हैं कि 4400 करोड़ रुपए से बन रहा राम वनगमन पथ भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया । प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर के पास कई जगह सड़क धंस गई है। 6 लेन हाईवे अयोध्या से चित्रकूट तक है। प्रभु श्रीराम के नाम पर है।
🚨 अखिलेश यादव का चौंकाने वाला व्यवहार!
एक सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा—
"यह बीजेपी का है, इसे बाहर भेजो। तब मैं सवाल का जवाब दूंगा।" 🤯
क्या किसी पत्रकार या सवाल पूछने वाले की राजनीतिक विचारधारा देखकर जवाब देना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है? सवालों से भागने के बजाय उनका जवाब देना ही एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है।