*अमहट मंडी सुल्तानपुर में सफाई घोटाला: 12 के नाम पर 6-7 लोग, सरकारी धन की लूट, अधिकारी 20 साल से जमे*
_बारिश में मंडी बन जाती है नदी, खराब सब्जी खाकर लोग हो रहे बीमार_
*सुल्तानपुर।* जिले की सबसे बड़ी कृषि उत्पादन मंडी अमहट में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सफाई कर्मियों ने खुद स्वीकार किया है कि मंडी में *6 से 7 लोग ही सफाई करते हैं*, जबकि मंडी समिति के अधिकारी कागजों में *12 लोगों का भुगतान* दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
*"कागज पर 12, धरातल पर 6-7"*
सफाई कर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें पूरे महीने की सैलरी नहीं मिलती और काम का बोझ भी ज्यादा है। मंडी में आलू मंडी, फल मंडी और सब्जी मंडी समेत पूरे परिसर की सफाई सिर्फ 6-7 लोगों के भरोसे है। लेकिन मंडी समिति के रजिस्टर में 12 कर्मचारियों की हाजिरी और भुगतान दिखाया जा रहा है।
व्यापारियों का आरोप है कि इसी वजह से मंडी में नालियों की सफाई नहीं हो रही और जगह-जगह कचरा व कीचड़ जमा है।
*बारिश में मंडी बनती है नदी, खराब होती है सब्जी*
बारिश के मौसम में मंडी की स्थिति और बदतर हो जाती है। पूरे परिसर में पानी भर जाता है और मंडी नदी का रूप लेती है। कीचड़ और गंदे पानी के कारण सब्जियां सड़ रही हैं। व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सबसे खतरनाक बात यह है कि यही सड़ी-गली और कीचड़ वाली सब्जियां जिले के कोने-कोने में सप्लाई हो रही हैं। व्यापारियों का कहना है, "इन सब्जियों को खाकर लोग बीमार भी हो रहे हैं, लेकिन मंडी प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता।"
*20 साल से एक ही जगह जमे अधिकारी*
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी समिति के अधिकतर कर्मचारी *15 से 20 साल से* इसी मंडी में तैनात हैं। प्रमोशन होने के बाद भी उनका ट्रांसफर नहीं किया गया। एक ही जगह लंबे समय तक रहने से अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत बढ़ गई है, जिसके कारण मंडी की व्यवस्था सुधर नहीं पा रही।
*उच्च अधिकारी भी मौन, कार्रवाई की मांग*
व्यापारियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद उच्च अधिकारियों द्वारा मंडी समिति के दोषी अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मंडी व्यापारियों ने मांग की है कि सफाई टेंडर और भुगतान की जांच हो, दोषी अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए, मंडी में पर्याप्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएं और नालियों की नियमित सफाई कराई जाए।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल करोड़ों के कारोबार वाली अमहट मंडी गंदगी, घोटाले और लापरवाही की भेंट चढ़ रही है।
@GorakhnathMndr@parishad_mandi@DirectorMandi@myogiadityanath@CMOfficeUP@SultanpurDm@suryapsingh_IAS
कुछ असामाजिक तत्व लगातार नन्दवंशी समाज को ‘असद’ कहकर पूरे समाज को बदनाम कर रहे हैं।
स्थानीय युवाओं द्वारा सोशल मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग समाज की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है।
इसकी निंदा करते हुए जिला प्रशासन व पुलिस से ऐसे युवाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
संवेदनशील समाज को बदनाम करने वाले तत्वों पर तुरंत अंकुश लगाया जाए, ताकि सामाजिक सद्भाव बिगड़ने से रोका जा सके।
प्रशासन से अपील है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए।
इसी आईडी पर पोस्ट किया गया है
@noidapolice@DGPMaharashtra@noidapolice@Uppolice@CPMumbaiPolice@polimernews
कुछ असामाजिक तत्व लगातार नन्दवंशी समाज को ‘असद’ कहकर पूरे समाज को बदनाम कर रहे हैं।
स्थानीय युवाओं द्वारा सोशल मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग समाज की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है।
इसकी निंदा करते हुए जिला प्रशासन व पुलिस से ऐसे युवाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
संवेदनशील समाज को बदनाम करने वाले तत्वों पर तुरंत अंकुश लगाया जाए, ताकि सामाजिक सद्भाव बिगड़ने से रोका जा सके।
प्रशासन से अपील है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए। इसी आईडी पर पोस्ट किया गया है
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*अमहट मंडी में सरकारी रिकॉर्ड से गायब किया 85 वर्षीय विधवा का लाइसेंस नवीनीकरण, SP से FIR की मांग*
_मंडी अधिकारियों पर जालसाजी, कूटरचना और 'आपराधिक षडयंत्र' का गंभीर आरोप, विपक्षी को लाभ पहुंचाने की साजिश_
*सुल्तानपुर।* जिले की अमहट कृषि उत्पादन मंडी समिति में भ्रष्टाचार और जंगलराज का एक और बड़ा मामला सामने आया है। मंडी के अधिकारियों-कर्मचारियों पर एक 85 वर्षीय विधवा महिला का वैध लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन जानबूझकर सरकारी रिकॉर्ड से गायब करने और विपक्षी को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए कूटरचना करने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक से दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
*रसीद जमा करने के बाद भी फाइल गायब*
प्रार्थिनी अमरूल निशा पत्नी स्व0 अब्दुल रसीद, निवासी 998 अन्नू चौराहा, खैराबाद ने SP को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह अमहट मंडी में दुकान संख्या-13 की वैध लाइसेंसधारक हैं। उन्होंने नियमानुसार लाइसेंस नवीनीकरण हेतु आवेदन के साथ निर्धारित शुल्क और दुकान का किराया भी जमा कर दिया था। इसकी सभी मूल रसीदें उनके पास सुरक्षित हैं।
लेकिन आरोप है कि मंडी समिति के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत कर प्रार्थिनी का नवीनीकरण आवेदन सरकारी अभिलेखों से गायब/विलोपित कर दिया।
*"विपक्षी को लाभ पहुंचाने की साजिश"*
महिला का आरोप है कि यह सब विपक्षी मोहम्मद शफीक को अनुचित लाभ पहुंचाने और उसके नाम पर अवैध रूप से लाइसेंस तैयार करने के लिए किया गया है। प्रार्थिनी ने बताया कि पहले भी मोहम्मद शफीक का नाम कूटरचित पार्टनरशिप के आधार पर उनके लाइसेंस में अवैध रूप से जोड़ा गया था। बाद में सक्षम अधिकारी की जांच में वह नाम हटाया गया था। इससे स्पष्ट है कि रिकॉर्ड में पहले भी हेराफेरी हुई है।
*BNS की धाराओं में FIR की मांग*
प्रार्थिनी ने पत्र में कहा है कि अधिकारियों द्वारा सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी, साक्ष्य मिटाने और पद का दुरुपयोग कर लगातार विपक्षी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़, जालसाजी, कूटरचना, धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र बताया है।
महिला ने SP से मांग की है कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं में मंडी सचिव, डीलिंग क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर और विपक्षी मोहम्मद शफीक के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही मंडी के सभी मूल अभिलेख, रजिस्टर, कंप्यूटर डेटा और CCTV फुटेज तत्काल जब्त किए जाएं।
*व्यापारियों में आक्रोश*
इस मामले के सामने आने के बाद मंडी व्यापारियों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में बिना टेंडर सफाई, अवैध वसूली के बाद अब सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ कर आम व्यापारियों को उजाड़ने का खेल शुरू हो गया है।
अब देखना होगा कि SP सुल्तानपुर इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं।
@igrangeayodhya@Igrangelucknow@dgpup@DgPrisons@Uppolice@CMOfficeUP@CMHelpline1076@SaumyaIas@yadavakhilesh@ipsCharuNigam@CharuNigamIPS
*अमहट मंडी में 4 महीने से नहीं हुआ सफाई का टेंडर, गंदगी-जलभराव से दूषित हो रही जिले भर की सब्जियां*
_अधिकारियों पर 'जंगलराज' का आरोप, 12 मजदूर की जगह 4 से चल रही सफाई_
*सुल्तानपुर।* जिले की सबसे बड़ी थोक सब्जी मंडी अमहट मंडी परिषद में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बीते 4 महीने से सफाई का टेंडर न होने के कारण मंडी परिसर कचरे और गंदगी का अड्डा बन गया है। मंडी समिति के अधिकारियों पर आरोप है कि वे टेंडर की प्रक्रिया लटकाकर प्राइवेट आदमी रखकर मनमानी सफाई करा रहे हैं और मोटी रकम कमा रहे हैं।
*हल्की बारिश में डूब जाती है मंडी, सब्जियां हो रही दूषित*
व्यापारियों का कहना है कि मंडी में नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। हल्की सी बारिश होते ही पूरे मंडी परिसर में जलभराव हो जाता है। गंदे पानी में पड़ी सब्जियां, फल और अन्य खाद्य सामग्री सीधे दूषित हो रही हैं।
यही दूषित सब्जियां जिले के कोने-कोने के साथ-साथ अन्य जिलों में भी सप्लाई की जा रही हैं। व्यापारियों का आरोप है कि "यही सब्जियां लोग खाकर बीमार हो रहे हैं, लेकिन मंडी समिति को इसकी कोई फिक्र नहीं है।"
*12 मजदूर की जगह 4 से काम, टेंडर के नाम पर लीपापोती*
व्यापारियों ने बताया कि नियमानुसार मंडी में 12 सफाई मजदूरों की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन अधिकारी केवल 4 लेबरों से खानापूर्ति करवा रहे हैं। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया जानबूझकर लटकाई जा रही है ताकि बिना टेंडर के प्राइवेट तरीके से सफाई कराकर मोटी कमाई की जा सके।
*"जंगल राज की तरह चल रही मंडी"*
मंडी व्यापारियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। कई बार मंडी समिति के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
व्यापारियों का कहना है कि "अमहट मंडी जंगल राज की तरह चलाई जा रही है। यहां टेंडर नहीं होता, नालियां नहीं साफ होतीं, और अधिकारी अवैध तरीके से कमाई कर रहे हैं।"
*क्या चाहते हैं व्यापारी*
1. अमहट मंडी में सफाई का टेंडर तत्काल कराया जाए और निर्धारित संख्या में सफाई कर्मी तैनात किए जाएं।
2. नालियों की सफाई और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
3. बिना टेंडर सफाई कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि प्रदेश में "स्वच्छता" और "भ्रष्टाचार मुक्त" की बात करने वाली सरकार के राज में अमहट जैसी प्रमुख मंडी गंदगी और भ्रष्टाचार का शिकार क्यों बनी हुई है? जिला प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेगा, यह देखना बाकी है।
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*कागजों पर 0.101 हेक्टेयर, कब्जा पूरे रकबे पर! तहसीलदार का 2 साल पुराना आदेश भी धूल खा रहा, ग्राम सभा की जमीन बना दी 'निजी संपत्ति'*
*कादीपुर, सुल्तानपुर।*
"जीरो टॉलरेंस" की सरकार और "फाइलों में कार्रवाई" का प्रशासन। विकास खंड दोस्तपुर के ग्राम नारामधईपुर में ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जे का जीता-जागता नमूना यही है। तहसीलदार न्यायिक का बेदखली आदेश 01.12.2023 को आया, आज 2 साल बीत गए लेकिन जमीन पर कब्जा करने वाले का एक ईंट तक नहीं हिली। उल्टा, गाटा संख्या के एक हिस्से के मुकदमे की आड़ लेकर पूरे रकबे पर अवैध साम्राज्य खड़ा कर दिया गया है।
*मुकदमा 0.101 हे0 का, कब्जा पूरे रकबे पर*
वाद संख्या 3497/2022 के तहत तहसीलदार ने गाटा संख्या 648/0.025 हे0 व 649/0.167 हे0 में से सिर्फ 0.101 हे0 भूमि पर बने पक्का मकान, पशुशाला, लैट्रिन व सेड को हटाने का आदेश दिया था। लेखपाल की आख्या में भी यही लिखा था।
लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कब्जाधारक ने इस आदेश का फायदा उठाकर गाटा 648 और 649 के पूरे रकबे 0.192 हे0 पर कब्जा जमा लिया है। यानी कागजों पर दिखाया 0.101 और कब्जा कर लिया डबल से ज्यादा। प्रशासन आंख बंद करके बैठा है।
*हाईकोर्ट तक गई बात, फिर भी नहीं टूटी नींद*
इस मामले मे इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खण्डपीठ में रिट याचिका 376/2023 दायर की थी। माननीय न्यायालय ने 02.05.2023 को तहसीलदार कादीपुर को सख्त निर्देश दिया था कि मामले का निस्तारण कर अतिक्रमण हटवाया जाए।
उसी आदेश के अनुपालन में तहसीलदार ने बेदखली + ₹12,120 क्षतिपूर्ति + ₹5 निष्पादन व्यय का आदेश सुनाया। लेकिन आदेश के बाद न बेदखली हुई, न पैसा वसूला गया, न अतिक्रमण हटा।
*ग्राम सभा की ऊसर जमीन बनी 'प्राइवेट कॉलोनी'*
राजस्व अभिलेखों में गाटा 648 व 649 ग्राम सभा के खाते में "ऊसर" दर्ज है। यानी यह जमीन पशु-पक्षियों के पानी और गांव के सामुदायिक काम के लिए थी। आज वहां पक्का निर्माण, सेड और कब्जा है। बरसात में पानी नहीं भरता, सांप-बिच्छू का अड्डा बन गया है और प्रशासन को "फाइल लंबित" बता कर पल्ला झाड़ रहा है।
ग्रामीणों का सीधा सवाल:
_"जब हाईकोर्ट और तहसीलदार दोनों आदेश दे चुके, तो फिर किसके इशारे पर कब्जा नहीं हट रहा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या गोली चलने का इंतजार कर रहा है?"_
*जनता की मांग - 24 घंटे में बुलडोजर चले*
ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी सुल्तानपुर और एसडीएम कादीपुर से मांग की है कि:
1. तहसीलदार के आदेश का तत्काल अनुपालन कर पूरे गाटा 648 व 649 से अवैध कब्जा हटाया जाए, न कि सिर्फ 0.101 हे0 से।
2. मामले में लापरवाही बरतने वाले लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और हल्का सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो।
3. ग्राम सभा को हुई क्षति की वसूली 12% ब्याज के साथ की जाए।
अब देखना यह है कि "भ्रष्टाचार मुक्त" और "अतिक्रमण मुक्त" के दावों वाली सरकार नारामधईपुर की इस ग्राम सभा जमीन को कब मुक्त कराती है, या फिर कागजों पर ही "जीरो टॉलरेंस" चलता रहेगा।
@InfoDeptUP@SultanpurDm@CMOfficeUP@PMOIndia@Uppolice@SureshKKhanna@GorakhnathMndr@RabdiyaNTR20
*85 वर्षीय वृद्धा के मंडी लाइसेंस में फर्जीवाड़े का आरोप, मंडी सचिव समेत 3 के खिलाफ कोतवाली में तहरीर*
*सुल्तानपुर।* कृषि उत्पादन मंडी समिति सुल्तानपुर में लाइसेंस में फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। खैराबाद निवासी 85 वर्षीय वृद्धा अमरुलनशा ने मंडी सचिव, एक लिपिक और एक व्यापारी पर फर्जी पार्टनरशिप डीड बनाकर लाइसेंस में नाम जोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने 24.06.2026 कोतवाली नगर में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
*क्या है पूरा मामला*
अमरुलनशा ने तहरीर में बताया कि सब्जी मंडी में दुकान नंबर 13 "अब्दुल रशीद मो0 दावद एण्ड कम्पनी" का लाइसेंस उनके पति अब्दुल रशीद के नाम था। पति की मृत्यु के बाद यह लाइसेंस उनके नाम एलाट हो गया और वह प्रोपराइटर थीं।
आरोप है कि तत्कालीन मंडी सभापति विपिन कुमार द्विवेदी, मंडी सचिव रवीन्द्र वर्मा और मो0 शफीक ने मिलकर 14-09-2021 को एक फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार कर ली और लाइसेंस में मो0 शफीक को अवैध रूप से पार्टनर बना दिया।
वृद्धा को इसकी जानकारी तब हुई जब 18.06.2026 को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 01.04.2026 के अनुपालन में उन्हें मंडी परिसर बुलाया गया।
*फर्जीवाड़े के तरीके पर उठाए सवाल*
तहरीर में कहा गया है कि मंडी अधिनियम में प्रोपराइटरशिप लाइसेंस में पार्टनर बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके मंडी सचिव ने अपने हस्ताक्षर व मुहर लगाकर फर्जी पार्टनरशिप डी.ड. प्रमाणित कर दी।
पीड़िता का आरोप है कि पार्टनरशिप डी.ड. न तो रजिस्टर्ड थी और न ही नोटरी से प्रमाणित। लिपिक पंकज ने उनसे कहा कि शपथपत्र दे दो तो पार्टनरशिप डीड निरस्त हो जाएगी। मंडी सचिव ने कहा कि शपथपत्र में फर्जीवाड़े का जिक्र न करें, जिससे मामला आसानी से निपट जाएगा। भरोसा कर वृद्धा ने वैसा ही लिखकर दे दिया।
*क्या मांग की*
अमरुलनशा ने तहरीर में मांग की है कि फर्जी पार्टनरशिप डीड दिनांक 14-09-2021 को निरस्त किया जाए और मंडी सचिव रवीन्द्र वर्मा, मो0 शफीक व लिपिक पंकज के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और कूटरचना की धाराओं में FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
पीड़िता ने कहा कि "मेरे लाइसेंस नंबर एल/2022/234/24060353 के साथ भारी फर्जीवाड़ा किया गया है। मैं 85 वर्ष की वृद्ध महिला हूं। न्याय मिलना चाहिए।"
@Uppolice@dgpup@igrangeayodhya@ACOUPPolice@SultanpurDm@ipsCharuNigam
* मंडी लाइसेंस रिन्यूअल में भटक रहा व्यापारी, ऑनलाइन फीस जमा करने के बाद भी नहीं हो रहा अनुमोदन*
*सुल्तानपुर।* कृषि उत्पादन मंडी समिति सुल्तानपुर में लाइसेंस रिन्यूअल को लेकर व्यापारियों की परेशानी सामने आई है। नवीन मंडी स्थल के व्यापारी मो0 फुरकान ने सचिव, कृषि उत्पादन मण्डी समिति को प्रार्थना पत्र देकर लाइसेंस के अनुमोदन की मांग की है।
व्यापारी मो0 फुरकान का आरोप है कि पारिवारिक स्थिति खराब होने के कारण वह समय पर अपना लाइसेंस रिन्यू नहीं करा सका था। इसके बाद उसने कई बार सेक्टर प्रभारियों से रिन्यूअल के लिए निवेदन किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
परेशान होकर व्यापारी मण्डी निदेशक लखनऊ से मिला। निदेशक ने कहा कि प्रदेश की सभी मंडियों में लाइसेंस प्रक्रिया अब ऑनलाइन है। इसके बाद व्यापारी ने 18.10.2025 को लाइसेंस संख्या एल/2018/234/59718463 की रिन्यूअल फीस ऑनलाइन जमा कर दी और फीस मंडी के सरकारी खाते में जमा होने का प्रमाण भी दे दिया।
व्यापारी का कहना है कि फीस जमा करने के बाद भी मंडी सचिव द्वारा अनुमोदन नहीं किया जा रहा है, जिससे उसका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
मो0 फुरकान ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि "मेरी फर्म मो0 फुरकान एण्ड कम्पनी का लाइसेंस है। मैंने फीस जमा कर दी है। कृपया अनुमोदन करने की कृपा करें।"
अब देखना होगा कि मंडी प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और व्यापारी को राहत मिल पाती है या नहीं।
@GorakhnathMndr@dcmandi@parishad_mandi@DirectorMandi@SultanpurDm@CMOfficeUP@Uppolice
*फीडर वल्लीपुर की बत्ती गुल, किसान परेशान - खेत में लगे ट्यूबवेल बंद, सिंचाई कार्य ठप*_
*सुल्तानपुर:* विधानसभा इसौली के ग्राम सभा आदमपुर नटवली के किसान इस समय बिजली संकट से जूझ रहे हैं। फीडर वालीपुर से जुड़ी बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण गांव के किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार किसान अपनी फसल बचाने के लिए ट्यूबवेल लेकर खेतों तक पहुंच गए हैं, लेकिन घंटों तक लाइट न आने से सिंचाई का काम पूरी तरह ठप पड़ा है। धान और सब्जी की फसल को पानी की सख्त जरूरत है, ऐसे में बिजली न मिलने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
किसानों का कहना है "ट्यूबवेल तो खेत में पहुंचा दिया, लेकिन लाइट ही नहीं आ रही। दिन-रात इंतजार करते-करते फसल सूखने की कगार पर है।"
*अधिकारी नहीं उठा रहे फोन*
समस्या को लेकर परेशान किसानों ने विद्युत विभाग के जेई और एसडीओ एमपी सिंह से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन न तो जेई ने और न ही एसडीओ एमपी सिंह ने फोन उठाया। अधिकारियों के संपर्क में न आने से किसानों में आक्रोश है।
गांव वालों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से मांग की है कि फीडर वालीपुर को तत्काल सुचारू किया जाए और किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली आपूर्ति दी जाए, ताकि उनकी फसल बर्बाद होने से बच सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक बिजली बहाल कर राहत दिलाता है।
@yadavakhilesh@aksharmaBharat@AKSharmaOffice@MVVNLHQ@mvvnlsultanpur@MVVNLmd@UPGovt@CMOfficeUP@SultanpurDm@UPPCLLKO
*अमहट मंडी फिर बनी "नदी", हल्की बारिश में जलभराव से ठप हुआ व्यापार*
_बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी सफाई व्यवस्था, कागजों में 12 तो काम 4 लोग कर रहे_
*सुल्तानपुर।* भारतीय फल एवं सब्जी थोक व्यापार मंडल अमहट मंडी की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। हल्की सी बारिश होते ही पूरी मंडी तालाब और नदी में तब्दील हो गई। व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।
व्यापारियों के अनुसार फल मंडी में सरताज की दुकान से लेकर सजन की दुकान तक सड़क पर पानी भरा हुआ है। जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और व्यापार पूरी तरह बाधित हो गया है। सब्जी मंडी की हालत भी इससे अलग नहीं है। जगह-जगह नालियां चोक हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
*कागजों में 12, धरातल पर 4 सफाई कर्मी*
व्यापारियों ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी में सफाई का ठेका अवैध रूप से चल रहा है। कागजों पर 12 सफाई कर्मियों को दिखाकर उनका पैसा निकाला जाता है, जबकि वास्तविकता में सिर्फ 4 लोगों से ही काम कराया जा रहा है। इसी कारण मंडी में गंदगी का अंबार लगा है और समय पर सफाई नहीं हो पा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि कई बार मंडी समिति के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
*नुकसान की आशंका*
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि जलभराव के कारण फल-सब्जियां खराब हो रही हैं। बरसात में अगर यही स्थिति रही तो व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी और मंडी प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए, नालियों की सफाई कराई जाए और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अन्यथा मजबूरन व्यापारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
@ChiefSecyUP@CMOfficeUP@PMOIndia@GorakhnathMndr@parishad_mandi@SultanpurDm@DirectorMandi@yadavakhilesh@SBM_UP@swatantrabjp@AmitShah
*अमहट मंडी में 4 महीने से नहीं हुआ सफाई का ठेका, गंदगी और भ्रष्टाचार से व्यापारी परेशान*
_व्यापार मंडल की बैठक में जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग, कहा - भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं_
*सुल्तानपुर।* अमहट मंडी की बदहाल स्थिति को लेकर सोमवार 7 जुलाई को भारतीय फल एवं सब्जी थोक व्यापार मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंडी परिसर में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष मोहम्मद शमीम उर्फ लईया ने की। इसमें भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
*4 महीने से लटका सफाई ठेका, फैली गंदगी*
बैठक में व्यापारियों ने मंडी की जर्जर व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश जताया। अध्यक्ष शमीम ने बताया कि अमहट मंडी में पिछले 4 महीने से सफाई का ठेका नहीं हुआ है। अधिकारी और कर्मचारी अपनी कमाई के चक्कर में ठेका नहीं दे रहे हैं। निर्धारित संख्या से कम सफाई कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है, जिससे पूरे मंडी परिसर में गंदगी का अंबार लगा है।
व्यापारियों ने कहा कि हल्की सी बारिश में ही मंडी में जलभराव हो जाता है। नालियां चोक हैं, शौचालय जर्जर और बदबूदार हैं। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। जलभराव के कारण व्यापारियों के फल और सब्जी खराब हो जाते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
*लाइसेंस के नाम पर अवैध वसूली का आरोप*
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी लाइसेंस बनाने के नाम पर मंडी इंस्पेक्टर्स और कर्मचारी निर्धारित शुल्क से कई गुना अवैध वसूली कर रहे हैं।
*जिलाधिकारी से मिलकर कार्रवाई की मांग*
इस मौके पर प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ अधिकारी और कर्मचारी अभी भी नहीं सुधर रहे।
उन्होंने कहा कि "जिलाधिकारी महोदय के संज्ञान में अब तक जो भी समस्याएं लाई गई हैं, उन्होंने तत्काल कार्रवाई कर समाधान कराया है। मंडी की समस्याओं को लेकर भी हम सभी जिलाधिकारी से मिलेंगे। निश्चित रूप से कार्रवाई होगी और जो भी अधिकारी-कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे उन पर कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। किसी भी दशा में व्यापारी हित से समझौता नहीं किया जाएगा और व्यापारी उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।"
*बैठक में रहे मौजूद*
बैठक में मोहम्मद नदीम, मिराज, मोहम्मद फुरकान, सूरज शर्मा, मुकेश सोनकर, जगराम सोनकर, मोनू भाई, मोहम्मद सिद्दीक सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
@narendramodi@CMOfficeUP@SultanpurDm@SadarSim@swatantrabjp@BJP4UP
*सुल्तानपुर: 85 वर्षीय वृद्धा से धोखाधड़ी, मंडी सचिव पर फर्जी पार्टनरशिप डीड बनाने का आरोप*
_हाईकोर्ट के आदेश के 3 महीने बाद भी नहीं हुआ अनुपालन, पीड़िता की फाइल भी "गायब"_
*सुल्तानपुर।* जनपद के खैराबाद निवासी 85 वर्षीय वृद्धा अमरुलनशा के साथ सब्जी मंडी में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने मंडी सचिव रवींद्र वर्मा और मो. शफीक पर मिलकर उनके प्रोपराइटरशिप लाइसेंस में अवैध रूप से पार्टनर जोड़कर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है।
*क्या है पूरा मामला*
पीड़िता अमरुलनशा के अनुसार सब्जी मंडी में लाइसेंस उनके दिवंगत पति अब्दुल रसीद के नाम था, जो उनकी मृत्यु के बाद विधिक रूप से अमरुलनशा के नाम स्थानांतरित हो गया था। आरोप है कि मंडी सचिव रवींद्र वर्मा ने मो. शफीक को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए 14-09-2021 की तारीख में एक फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार कर दी और उस पर खुद हस्ताक्षर व मुहर लगाकर प्रमाणित कर दिया।
पीड़िता को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी 18-06-2026 को हुई, जब उन्हें माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए मंडी परिसर बुलाया गया।
*हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना*
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि माननीय उच्च न्यायालय ने 01-04-2026 को ही आदेश दिया था कि मौके पर जाकर अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए अधिकारियों की टीम भी गठित की गई थी।
उपजिलाधिकारी सदर, सुल्तानपुर द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि आदेश के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जो न्यायालय के आदेश की स्पष्ट अवहेलना है। प्रशासन ने इसे 'अत्यंत खेदजनक' बताते हुए संबंधित अधिकारियों को 03 दिनों के भीतर हाईकोर्ट के आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
*फाइल भी हुई "गायब"*
सूत्रों के अनुसार पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। आरोप है कि मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइल भी कार्यालय से गायब कर दी गई है।
*न्याय की गुहार*
पीड़िता अमरुलनशा ने जिलाधिकारी सुल्तानपुर से मांग की है कि 14-09-2021 की फर्जी पार्टनरशिप डीड को तत्काल निरस्त किया जाए और दोषी मंडी सचिव व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उनका लाइसेंस सुरक्षित रह सके और उन्हें न्याय मिल सके।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही और न्यायिक आदेशों की अवहेलना के चलते वृद्धा दर-दर भटकने को मजबूर है।
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*जिला महिला अस्पताल में 'दबंग' गार्डों का पहरा, ओपीडी में पत्रकारों की नो-एंट्री! क्या योगी सरकार के सख्त आदेशों को ठेंगा दिखा रहा प्रशासन?*
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की दबंगई सातवें आसमान पर है। अस्पताल की बदहाली और ओपीडी का सच बाहर ना चला जाए इसलिए पत्रकारों को गार्डों ने अंदर जाने से रोक दिया। ऊपर से 'आदेश' का रौब झाड़ते हुए मीडियाकर्मियों से बदसलूकी भी की गई।
अब सवाल यह उठता है कि एक तरफ सूबे की योगी सरकार भ्रष्टाचार और कामचोरी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति चला रही है, वहीं दूसरी तरफ सुल्तानपुर अस्पताल प्रशासन अपनी अव्यवस्थाएं छिपाने के लिए पत्रकारों का मुंह बंद करने में जुटा है। क्या स्थानीय स्वास्थ्य महकमा खुद को सरकार के नियमों से ऊपर समझता है?
अस्पताल में दलालों की सक्रियता और मरीजों की परेशानी को दबाने के लिए मीडिया पर लगाई गई यह 'अघोषित इमरजेंसी' सीधे तौर पर सरकार की छवि को धूमिल कर रही है। स्थानीय पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अगर इन दबंग गार्डों और इन्हें शह देने वाले अफसरों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
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*CM-मंत्री के आगमन पर वीआईपी मार्ग रातों-रात गड्ढा मुक्त, अमहट मंडी रोड बदहाल - मोहल्लेवासी घरों में कैद*
*सुल्तानपुर।* मुख्यमंत्री और मंत्री के आगमन से पहले शहर के वीआईपी मार्ग को रात में ही गड्ढा मुक्त कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर अमहट से सटी अमहट मंडी रोड पर पिछले एक महीने से चल रहा निर्माण कार्य रेंगते हुए चल रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं।
सोमवार 06 जुलाई 2026 की शाम गभ्भारिया, गोरबरिक स्थित अमहट मंडी रोड का हाल देखकर साफ हुआ कि यहां सड़क की हालत एकदम खराब है। निर्माण के दौरान बनाई गई नालियां इतनी ऊंची हैं कि मोहल्लेवासी अपने घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। अब तक उनके निकलने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। सड़क पर मलबा, गिट्टी और मिक्सर मशीन बिखरी पड़ी है।
*दोहरा रवैया से आक्रोश*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब वीआईपी मूवमेंट होता है तो प्रशासन रातों-रात सड़कें चमका देता है, लेकिन आम जनता वाले मार्गों की सुध कोई नहीं लेता। अमहट मंडी सुल्तानपुर की सबसे बड़ी थोक मंडी है। यहां से रोजाना हजारों किसान और व्यापारी आते-जाते हैं। निर्माण कार्य की धीमी गति और लापरवाही के कारण मंडी तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
*नगर पालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग*
मोहल्लेवासियों ने नगर पालिका और संबंधित विभाग से मांग की है कि वे तत्काल संज्ञान लें। सड़क का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए, नालियों के बीच क्रॉसिंग/जोड़ बनाए जाएं ताकि लोगों का आना-जाना हो सके। साथ ही उच्च अधिकारियों से मौके पर आकर निरीक्षण करने की भी मांग की गई है।
लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो बरसात में यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाएगा और मंडी का कारोबार भी प्रभावित होगा।
*स्थान:* अमहट मंडी रोड, गभ्भारिया, गोरबरिक, सुल्तानपुर
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*योगी जी के खौफ का कमाल महीनों से टूटी अमहट-बस अड्डा सड़क रातों-रात होने लगी 'गड्ढा मुक्त'!*
*अफसरों की खुली नींद! कल आ रहे हैं 'महाराज', तो आज रात में ही दौड़ने लगे रोड रोलर; जनता बोली- 'वाह रे सिस्टम!'*
सुल्तानपुर:इसे कहते हैं 'योगी राज' का खौफ और प्रशासनिक तत्परता! जिस अमहट से बस अड्डा रोड की सुध लेने के लिए महीनों से लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन के पास टाइम नहीं था, वही सड़क मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की घोषणा होते ही रातों-रात चकाचक होने लगी है। सोमवार की शाम से ही अमहट के गभड़िया इलाके में जो नजारा दिखा, उसने प्रशासन की पोल भी खोल दी और जनता को हंसने का मौका भी दे दिया।
दिन में धूल, रात में 'धुआंधार' काम!
कल तक जिस सड़क पर हिचकोले खाते हुए जनता अधिकारियों को कोसती थी, आज उसी सड़क पर भारी-भरकम रोड रोलर और पीली बत्तियां जलती नजर आ रही हैं। मुख्यमंत्री के आने की खबर क्या आई, अमहट से बस अड्डा तक की किस्मत ही बदल गई
हेडलाइट की रोशनी में विकास
रात के अंधेरे में, गाड़ियों की हेडलाइट और स्ट्रीट लाइट के भरोसे डामर बिछाने और गड्ढों को पाटने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। अमहट से बस अड्डा जाने वाला यह मार्ग वीआईपी रूट का हिस्सा हो सकता है, बस इसी डर से अधिकारियों के हाथ-पैर फूले हुए हैं कि कहीं महाराज की गाड़ी किसी गड्ढे में न हिचकोला खा जाए!
महीनों का काम घंटों में जो काम टेंडर और बजट के बहानों के बीच महीनों से लटका था, वो महज कुछ घंटों के भीतर पूरा करने की जिद ठान ली गई है।
"योगी जी हर महीने आया करो!"
रातों-रात सड़क चमकाने के इस प्रशासनिक 'जादू' को देखकर स्थानीय नागरिक और व्यापारी भी चुटकी लेने से बाज नहीं आ रहे हैं।
सड़क पर खड़े एक स्थानीय नागरिक ने हंसते हुए कहा
"साहब! हमारे चिल्लाने से तो यहाँ एक गिट्टी भी नहीं गिरती थी। आज महाराज आ रहे हैं, तो पूरा अमला रात को नींद खराब करके सड़क बना रहा है। भगवान करे योगी जी हर महीने सुल्तानपुर का दौरा करें, इसी बहाने हमारे जिले की सारी सड़कें शीशे जैसी चमक जाएंगी!"
वीआईपी के लिए ही क्यों जागता है सिस्टम?
अमहट से बस अड्डा रोड का यह नजारा साफ बयां करता है कि प्रशासन के पास संसाधन भी हैं, मजदूर भी हैं और नीयत भी... बस कमी थी तो एक 'कड़े आदेश' और 'डर' की। अब देखना यह है कि रात के अंधेरे में आनन-फानन में बनाई जा रही यह सड़क कितनी मजबूत होती है, या फिर मुख्यमंत्री के जाते ही यह दोबारा पुराने रंग में लौट आएगी!
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*अमहट मण्डी में घोटाले की बू, टेंडर ताक पर रख अवैध सफाई ठेका चलाने का बड़ा आरोप*
*भारतीय फल व सब्जी उद्योग व्यापार मण्डल ने जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग, लिपिक पंकज पर गंभीर आरोप*
सुल्तानपुर। नवीन मण्डी स्थल अमहट में सफाई व्यवस्था को लेकर सनसनीखेज विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय फल व सब्जी उद्योग व्यापार मण्डल, सुल्तानपुर ने कृषि उत्पादन मण्डी समिति पर ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया का घोर उल्लंघन कर अवैध रूप से सफाई ठेका चलाने का गंभीर आरोप लगाया है। मण्डल का कहना है कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर स्थानीय लिपिक पंकज पूर्व उपजिलाधिकारी के कथित संरक्षण में अनियमित तरीके से ठेका संचालित करा रहा है।
मण्डल के अध्यक्ष ने 6 जुलाई 2026 को कृषि उत्पादन मण्डी समिति को लिखे पत्र में खुलासा किया कि समिति द्वारा 17 जून 2026 को कु0उ0म0स0/सफाई कार्य 2026-27/995 संख्या से ऑनलाइन निविदा जारी की गई थी। इस निविदा की कार्य अवधि 1 जुलाई 2026 से मार्च 2027 तक निर्धारित है, लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाकर अवैध ढंग से पुराने ठेकेदार को काम चलाने दिया जा रहा है।
*नियमों की धज्जियां, सिर्फ 5 कर्मचारियों पर मण्डी की सफाई*
पत्र में आरोप लगाया गया है कि पिछले ठेकेदार के पास महज पांच सफाई कर्मचारी हैं, जिनके भरोसे पूरी मण्डी की सफाई का दावा किया जा रहा है। नतीजतन मण्डी परिसर में चारों तरफ गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। कूड़ा-करकट, सड़ांध और गंदा पानी हर तरफ फैला है, जिससे व्यापारियों, किसानों और खरीदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य को खतरा मंडरा रहा है और मण्डी की गरिमा धूमिल हो रही है।
व्यापार मण्डल ने कई बार लिखित पत्र देकर सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग की, लेकिन मण्डी समिति और संबंधित अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। मण्डल अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यह सरकारी विज्ञप्ति और निर्धारित प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन है।
*पूर्व उपजिलाधिकारी के संरक्षण का आरोप, लिपिक पंकज पर सवाल*
व्यापार मण्डल ने लिपिक पंकज पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वह पूर्व उपजिलाधिकारी के कथित संरक्षण में नियमों को दरकिनार कर अवैध ठेका चला रहा है। मण्डल का कहना है कि यह घोटाले की बू दे रहा है और मण्डी की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा रहा है।
*उच्चस्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग*
व्यापार मण्डल ने जिलाधिकारी से तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही नियमों के विरुद्ध कार्य करने वाले लिपिक पंकज और अन्य संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ दण्डात्मक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। मण्डल ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी वर्ग आगे आंदोलन करने को मजबूर होगा।
*व्यापारियों-किसानों की आवाज*: अमहट मण्डी सुल्तानपुर के आर्थिक हब के रूप में जानी जाती है। यहां रोजाना सैकड़ों किसान और व्यापारी आते हैं। अगर सफाई व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो मण्डी की साख पर असर पड़ेगा और कारोबार प्रभावित होगा।
*जिलाधिकारी और मण्डी समिति से अपेक्षा है कि इस मामले की तुरंत संज्ञान लेकर पारदर्शी जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें*, ताकि मण्डी में सफाई व्यवस्था सुधरे और जनहित सुनिश्चित हो।
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