ये हमारे छात्रों की जीत है, जो हिंदुस्तान के भविष्य हैं।
देश की शिक्षा व्यवस्था की कभी दुनिया में तारीफ होती थी, लेकिन पिछले कुछ साल से इसपर कब्ज़ा किया जा रहा है। RSS ने दीमक बनकर एजुकेशन सिस्टम को खोखला कर दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार, अयोग्यता और शिक्षा व्यवस्था की तबाही का symbol थे और अच्छा हुआ कि ये symbol हट गया।
मगर अब शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे।
छात्रों की दो और मांगे हैं, जिन्हें हमें नहीं भूलना नहीं है 👇
• छात्रों से बर्बरता करने वालों पर कड़ा एक्शन हो
• नरेंद्र मोदी देश के सभी छात्रों से माफी मांगे
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
छात्रों की गूंज, देश की मांग— धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद से हटाया जाए और इस्तीफा लिया जाए।
यह मांग NEET पेपर लीक के बाद से उठनी शुरू हुई थी और अब यह आंदोलन का रूप ले चुकी है। पूरा देश, हर परिवार, हर नागरिक और विशेषकर युवा— पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार से आक्रोशित है। जब तक इस मामले में निष्पक्ष और जवाबदेह कार्रवाई नहीं होती, तब तक युवा अपनी आवाज़ बुलंद करता रहेगा और सरकार से जवाब मांगता रहेगा।
असली सवाल अब भी वही है— जिन लोगों ने इस भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया, जिन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं को पनपने दिया और लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, उनके नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे? जवाबदेही तय करने से क्यों बचा जा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल— शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सरकार क्यों लगी हुई है?
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
अपने भविष्य की रक्षा में डटकर खड़े होने वाले हर युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीजिए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं।
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
भारत की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को कारगिल विजय दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
देश आपके साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की छात्रों की जीत है, भारत के GEN Z की जीत है।
#NEET पेपर लीक होने के पहले दिन से ही नेता विपक्ष राहुल गांधी जी और कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक युवाओं को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे हैं। 🇮🇳
@RahulGandhi@ShayarImran@INCHarshsapkal
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
Dharmendra Pradhan is a criminal Education Minister. He has to be removed.
He is the symbol of the collapse of our education system.
He is the reason thousands of people are outside.
: LoP Shri @RahulGandhi
"The Modi government has not just degraded India’s education landscape but has also made a habit of acting with utter impunity, supreme self-delusion, and abject insensitivity. India’s students have called the Modi regime’s bluff. It is our moral, political, and constitutional duty to stand with them and safeguard their future."
~ Smt. Sonia Gandhi ji, CPP Chairperson
“The Narendra Modi government has responded to the students’ courage with cowardice and wanton cruelty, treating them not as inheritors of the future but as enemies of the nation.
The Modi government has not just degraded India’s education landscape but has also made a habit of acting with utter impunity, supreme self-delusion, and abject insensitivity.
If is our moral, political and constitutional duty to stand with students and safeguard their future.”
Congress Parliamentary Party Chairperson Smt. Sonia Gandhi Ji.