बच्चों को माफ़ करने के बजाय देश के बच्चों से माफ़ी मॉंगनी चाहिये प्रधानमंत्री जी।
बच्चे मन के सच्चे होते हैं, उन्होंने देखा कि आप गालीबाज़ों को ट्विटर पर फॉलो करते हैं तो उन्होंने भी सीख लिया, बच्चों ने देखा कि आपका कैबिनेट मंत्री दिल्ली में “गोली मारो…सा…को का नारा लगा रहा था तो उन्हें भी लगा कि सीख लेनी चाहिये।
आपका हैदराबाद का एक विधायक हज़ारों की भीड़ में खुलेआम मॉं बहन की गाली देता है तो बच्चों ने भी सीख लिया।
बच्चों को माफ करने के बजाय देश के छात्रों से माफी मॉंगिये जिन पर पैलेट गन चली, जिन पर लाठियॉं चली, जिन बेटियों के प्राइवेट पार्ट की तरफ़ पुलिस ने डंडे घुसेड़ने की कोशिश की।
कब तक विक्टिम कार्ड खेलियेगा प्रधानमंत्री जी ?