सम्माननीय श्रीमती सुशीला कार्कीजी को नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमन्त्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
माता आदिशक्ति से प्रार्थना करते हैं कि वे नेपाल को शक्ति, सद्भाव और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करें।
🌸 जय माता दी 🌸
@bbcnepali@NepaliTimes
■ ललितपुर, नेपाल में भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा होने वाली हर माह की दिव्य महाआरती के पावन स्थल पर आज कुछ अराजक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ अत्यंत निंदनीय और दुःखद है। यह केवल धार्मिक आस्था पर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता पर भी प्रहार है।
हम सब मिलकर ऐसे विघटनकारी प्रयासों का शांतिपूर्ण विरोध करते हैं और माँ भगवती से प्रार्थना करते हैं कि समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक जागरण का संचार हो।
🙏 माँ भगवती सबको सद्बुद्धि दें, मार्गदर्शन करें और समस्त मानवता के कल्याण का पथ प्रशस्त करें।
🌺 जय माँ भगवती — सत्य, धर्म और संस्कार की विजय हो। 🌺
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काठमांडू घाटी: डिजिटल शक्ति और भू-राजनीतिक संघर्ष ■
नेपाल की काठमांडू घाटी और उसके चारों ओर की पहाड़ियाँ आज केवल भौगोलिक महत्व ही नहीं रखतीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र भी बन गई हैं। लंबे समय से अमेरिका ने यहाँ अपने “एसेट्स” तैयार किए हैं—ऐसे लोग और नेटवर्क जो भारत व चीन के प्रभाव को संतुलित करने तथा नई कहानियाँ गढ़ने में लगे हैं।
राजशाही की वापसी के समय इन ताकतों ने उसे कमजोर करने का प्रयास किया। आज वही रणनीति डिजिटल माध्यमों से लागू हो रही है। फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर नेपाल के छोटे व्यवसाय निर्भर थे। लेकिन जब Meta ने जानबूझकर सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया और स्थानीय पंजीकरण से बचा, तो यह निर्भरता एक दबाव का हथियार बन गई। इसके विपरीत, TikTok ने नियमों का पालन कर अपनी स्थिति मज़बूत की।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अब केवल संचार या व्यापार का साधन नहीं रहे, बल्कि वे भू-राजनीतिक युद्ध और जनमत निर्माण की निर्णायक ताकत बन चुके हैं। नेपाल का अनुभव चेतावनी है कि किसी भी राष्ट्र को अपनी डिजिटल संप्रभुता को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी
भारत सरकार
नई दिल्ली
विषय: भारतीय शिक्षा प्रणाली में नवाचार, गहन चिंतन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहन देने हेतु सुझाव▪︎¤¤
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
मैं आपके नेतृत्व में देश के सर्वांगीण विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करता हूँ। इसी क्रम में, मैं आपका ध्यान भारतीय शिक्षा प्रणाली के एक महत्वपूर्ण और मूलभूत पहलू की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो कि भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में अत्यंत आवश्यक है।
आज भारत में "क्विक कॉमर्स" जैसे अल्पकालिक लाभ आधारित व्यवसाय तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जबकि चीन जैसे देश डीप सी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक वाहन, एयरोस्पेस, और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह विचारणीय है कि भारत जैसे युवा राष्ट्र में अभी भी इस स्तर का नवाचार और दीर्घकालिक निवेश मानसिकता क्यों विकसित नहीं हो पा रही है?
मुझे विश्वास है कि इसका एक बड़ा कारण हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली की संरचना और लघुकालिक परिणामों पर केंद्रित मानसिकता है।
मुख्य चिंताएँ और बिंदु:
1. विद्यालय स्तर पर शिक्षा का उद्देश्य केवल एक अच्छे कॉलेज में प्रवेश तक सीमित हो गया है।
2. कोचिंग संस्थानों की बढ़ती भूमिका ने शिक्षण को प्रतिस्पर्धा आधारित बना दिया है, जहाँ केवल परीक्षा पास करना ही लक्ष्य बन गया है।
3. कॉलेजों में प्लेसमेंट ही एकमात्र प्राथमिकता बन गई है, जिससे अनुसंधान, रचनात्मकता और दीर्घकालिक सोच हाशिए पर चले गए हैं।
4. छात्रों में जोखिम उठाने, गहन चिंतन करने, दृढ़ता, और वैश्विक दृष्टिकोण जैसे गुणों को विकसित करने की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं हो पा रहे हैं।
मेरा विनम्र सुझाव है कि:
1. शिक्षा के उद्देश्यों को केवल रोजगार तक सीमित न रखते हुए, नवाचार और उद्यमशीलता के विकास की दिशा में विस्तारित किया जाए।
2. पाठ्यक्रम में समस्या समाधान, डिज़ाइन थिंकिंग, अनुसंधान, और प्रयोगात्मक शिक्षा को स्थान दिया जाए।
3. स्कूलों और कॉलेजों को केवल परीक्षा केंद्र नहीं, बल्कि विचार निर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
4. उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सशक्त और जीवंत साझेदारी स्थापित की जाए ताकि छात्र व्यावहारिक दुनिया के लिए तैयार हो सकें।
5. राष्ट्रीय स्तर पर एक सांस्कृतिक आंदोलन चलाया जाए जिसमें दीर्घकालिक सोच, धैर्य, और वैश्विक नेतृत्व के मूल्यों को प्रचारित किया जाए।
माननीय प्रधानमंत्री जी,
यह केवल शिक्षा नीति में परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज में मानसिकता और दृष्टिकोण के परिवर्तन की आवश्यकता है। आपकी दूरदर्शिता और नेतृत्व में यह संभव है कि भारत ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करे, जो केवल नौकरियाँ न दे, बल्कि वैश्विक नेतृत्वकर्ता, वैज्ञानिक, उद्यमी, और नीति निर्माता तैयार करे।
भवदीय,
अजय अवस्थी
@PMOIndia@narendramodi@AshwiniUpadhyay@dpradhanbjp@birla_vedant@ananya_birla@drsangitareddy #AajTakSocial @BscpBharat@DattaHosabale
माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी,
प्रधानमंत्री,
भारत सरकार,
नई दिल्ली – 110001
महोदय,
मैं एक जागरूक नागरिक होने के नाते भारत की वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति को देखते हुए, "जनसंख्या नियंत्रण कानून" की तत्काल आवश्यकता के विषय में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।
वर्तमान में भारत 142 करोड़ से अधिक जनसंख्या के साथ विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है। यह स्थिति न केवल संसाधनों पर असहनीय बोझ डाल रही है, बल्कि देश की 50% से अधिक प्रमुख समस्याओं—जैसे कि बेरोजगारी, शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट, स्वास्थ्य सेवाओं का संकट, पर्यावरणीय क्षरण, और सामाजिक असमानता—का मूल कारण बन चुकी है।
तथ्यों द्वारा स्पष्ट होता है कि:
1. प्रति वर्ष 1.2 करोड़ से अधिक युवा नौकरी की तलाश में आते हैं, परंतु सीमित अवसर उपलब्ध हैं।
2. NITI Aayog की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक भारत के कई प्रमुख शहरों में जल संकट चरम पर होगा।
3. स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सरकारी डॉक्टर पर 10,000 से अधिक लोगों का बोझ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ चरमरा रही हैं।
4. प्रति व्यक्ति GDP अभी भी अपेक्षाकृत कम है, क्योंकि संसाधनों का विभाजन बहुत अधिक हो गया है।
इन सबका समाधान जनसंख्या की दर पर नियंत्रण के बिना संभव नहीं है।
हमारा सुझाव है कि भारत में एक संतुलित और प्रोत्साहन-आधारित जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाया जाए,
जिसमें: दो से अधिक बच्चों वाले परिवारों को सरकारी नौकरियों, चुनावी प्रत्याशिता, और योजनाओं में सीमित किया जाए
दो या कम बच्चों वाले दंपतियों को कर छूट, प्राथमिकता वाली सेवाएँ, और मुफ्त शिक्षा-स्वास्थ्य की सुविधा मिले
महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवार नियोजन में निवेश बढ़ाया जाए
व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर जनसंख्या नियंत्रण को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में प्रस्तुत किया जाए
माननीय प्रधानमंत्री जी, आपने हमेशा "सबका साथ, सबका विकास" की नीति को आगे बढ़ाया है। यदि जनसंख्या विस्फोट को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह विकास की गाड़ी को पटरी से उतार सकता है। चीन, बांग्लादेश और थाईलैंड जैसे देशों के अनुभव से हम सीख सकते हैं कि जनसंख्या नियंत्रण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, और मानव विकास सूचकांकों के सुधार के लिए अनिवार्य है।
अतः मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून को संसद में प्रस्तुत कर, इसे एक राष्ट्रीय प्राथमिकता का दर्जा दिया जाए।
आपके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंचों पर जो गरिमा अर्जित की है, वह तभी स्थायी बन सकती है जब देश के भीतर भी संसाधन, विकास और जनसंख्या में संतुलन बना रहे।
अजय अवस्थी
@PMOIndia@narendramodi@AshwiniUpadhyay@aajtak
आज प्रयागराज के पावन संगम में स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह केवल जल में डुबकी लगाना नहीं था, बल्कि आत्मशुद्धि, आस्था और नवचेतना का अनुभव था। जैसे गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम पवित्रता का प्रतीक है, वैसे ही जीवन में भी श्रद्धा, ज्ञान और कर्म का संगम हमें श्रेष्ठ बनने की प्रेरणा देता है।
संगम के निर्मल जल ने यह संदेश दिया कि मन की अशुद्धियों को धोकर हम नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें। बीते हुए कल के बंधनों को छोड़कर, आने वाले कल की ओर आशा और सकारात्मकता के साथ बढ़ें। जैसे नदी अपने प्रवाह में बाधाओं को पार कर निरंतर आगे बढ़ती है, वैसे ही हमें भी अपने जीवन में हर चुनौती को आत्मविश्वास के साथ पार करना चाहिए।
यह स्नान केवल शरीर को नहीं, आत्मा को भी शुद्ध करने का माध्यम बना। आओ, हम सभी अपने विचारों को निर्मल करें, अपने कर्मों को पावन करें और अपने जीवन को समाज के कल्याण के लिए समर्पित करें। यही सच्ची आस्था, सच्ची साधना और सच्चा जीवन है।
हर हर गंगे! जय संगम!
जिस देश को सांप और सपेरों का देश कहकर मजाक उड़ाया जाता है अब उसी देश में जब इंटरनेशनल फ्लाइट महाकुंभ आती है तो सुनिए क्या एनाउंसमेंट की जाती है▪︎▪︎▪︎
ये लैंडिंग घोषणा सुनकर सनातनियों को गर्व महसूस होगा 🙏🙏
"रक्तदान महादान!
परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्रजी महाराज के शुभ जन्मदिवस के उपलक्ष्य में, भगवती मानव कल्याण संघठन - नेपाल द्वारा आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।
दिनांक: मंसिर 24, सोमवार
स्थान: कोटेश्वर महादेवस्थान मंदिर प्रांगण
समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक
आपका एक कदम किसी के जीवन को बचा सकता है। आइए, इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें और मानवता की सेवा करें।
सहयोगी संस्थान: नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी
@radioannapurna
आपका सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है।"
आज भगवती मानव कल्याण संगठन (नेपाल) द्वारा आयोजित नशामुक्त नेपाल और समृद्ध नेपाल जनजागरण पदयात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ▪︎▪︎▪︎
1. "नशा छोड़ो, जीवन संवारो, परिवार बचाओ!"
2. "समृद्ध नेपाल, नशा मुक्त समाज!"
3. "युवाओं का संकल्प: नशा मुक्त भविष्य!"
4. "हर कदम, नशा मुक्ति की ओर!"
5. "अपने जीवन को नशे से दूर रखें और समाज को उज्ज्वल बनाये!
यहाँ पर एक संक्षिप्त संदेश है जिसे आप इस तस्वीर के साथ साझा कर सकते हैं:
आज #nepal के पर्यटन, संस्कृतिक एवं उड्डयन मंत्री श्री बद्री पाण्डेय जी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की।
इस दौरान भगवती मानव कल्याण संगठन (नेपाल) द्वारा चलाये जा रहे
विभिन्न महत्वपूर्ण जनजागरण से अवगत कराया! सिद्धाश्रम धाम, आने का निमन्त्रण भी दिया ▪︎▪︎
उनके नेतृत्व में प्रगति की आशा रखते हैं।
"Here’s to a potential Trump presidency!
With a focus on reinvigorating economic policies, supporting American jobs, and prioritizing national security, many believe his leadership could help the U.S. address pressing challenges and foster growth. Let's hope for a strong vision that unites the nation and paves the way for a prosperous future."
@IvankaTrump@IvankaNews_@realDonaldTrump@elonmusk@ElonMuskAOC@aajtak@ABPNews
2024 USA PRESIDENT
Mr TRUMP▪︎▪︎▪︎