ब्रो का नाम मोहन यादव है।
ब्रो को तलवारबाजी का भी शौक है,
ब्रो खुद के PR के लिए करोड़ो खर्चा करता है,
ब्रो धोखे से मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बन गया है,
ब्रो ने ये वाली वीडियो इंस्टाग्राम पर स्ट्राइक मरवाकर हटा दिया है ,
ब्रो हमारी टीम ने लोहा चूम लिया है अब ये वीडियो पूरा देश देखेगा।
कांग्रेश और भाजपा एक है कहना बिल्कुल गलत नहीं है, सवर्णों को या तो अपनी पार्टी बना कर बिल्कुल कमर कसके मैदान में उतरना चाहिए या भारत छोड़ने के लिए तैयार रहना होगा।
देखिए कैसे मोहन यादव और कांग्रेस के जीतू पटवारी मिलकर मध्यप्रदेश में 73 प्रतिशत आरक्षण की पैरवी कर रहे हैं।
गुजरात के सूरत से लगभग 10 लाख मजदूर बिहार लौट रहे हैं। @DainikBhaskar की इस रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें काम के निर्धारित घंटों से अधिक काम करना पड़ता है और छुट्टी भी नहीं मिलती।
यूनियन लीडर दुबे जी के अनुसार, यह ‘गाँव चलो आंदोलन’ है, क्योंकि मजदूर अपनी परिस्थितियों में सर्वाइव नहीं कर पा रहे हैं।
यूनियन लीडर को मजदूरों को संगठित करके वहीं हड़ताल के माध्यम से अपनी माँगों पर सौदेबाजी करनी चाहिए थी। मजदूर अगर अपने घर बिहार लौट भी आएँ, तो ऐसा नहीं है कि वहाँ उनके लिए रोजगार तैयार बैठा है। एक-दो महीने में वे इससे भी कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर होकर वापस लौटेंगे।
योगी महाराज सर्वे पर सर्वे करवा रहे हैं
हर सर्वे में बीजेपी की हार ज्यादा से ज्यादा हार ही सामने आ रही है
सारी सीट अगर सवर्णो को दे दे तो भी सवर्ण वोट नहीं मिलेगा
मोदी हटेंगे तभी बचेंगे
बता दें कि ये 100 करोड़ रुपये OBC साइड के वकीलों पर खर्च हुए हैं!
सामान्य वर्ग के खिलाफ सरकार खुद लड़ रही है- ये सब आंखें खोलकर देख लें!
और ये भी देख लें कि भाजपा के मुख्यमंत्री और कांग्रेस, दोनों सामान्य वर्ग के खिलाफ, एकसाथ खड़े हैं!
📢 जंतर-मंतर से बड़ी अपडेट 🇮🇳
हम जंतर-मंतर पहुँच चुके हैं।
हमारे कुछ साथियों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। इसके बावजूद लोग लगातार पहुँच रहे हैं।
✊🏻 मुद्दे वही हैं, सवाल वही हैं — UGC ROLLBACK की मांग और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार। ⚖️
“रास्ते में रुकावटें हो सकती हैं, लेकिन संवाद जारी रहना चाहिए।”
#UGCRollback #JantarMantar #PankajDhavraiyya #RSP #Delhi #ReservationReform #11October2026
सूरत में काम कर रहे हजारों मजदूरों को फैक्ट्री मालिको ने काम से निकला दिया है जिसमे बिहार के मजदूर भी शामिल हैं। ये लोग घर लौट रहे हैं। निराश है हताश है अचानक नौकरी जाने से। देखिए में बिहार में रोजगार की कमी नहीं है लेकिन यहाँ पैसा बचत नहीं हो पाता है और पूरा महीना रोजगार नहीं मिल पाता है इसीलिए लोग दुसरे राज्यों में पलायन करते हैं।
सौ करोड़ का खर्च केवल वकील पर!
वाह मध्यप्रदेश...
आरक्षण को 73% करने के लिए खुल कर खेल हो रहा है। यह सौ करोड़ किस नेता के पिताजी के FD से जा रहा है?
#UGC_काला_कानून
ब्रो का नाम मोहन यादव है
ब्रो इत्तेफाक से MP के मुख्यमंत्री है
ब्रो का बस चले तो सारे विभाग अपने पास रख लें
ब्रो हर भाषण में मोदी जी का जोरदार अभिवादन करते हैं
ब्रो से घोटाले और विकास की बस बात मत करो 🤡
बड़ा सवाल! CM के बगल में खड़े होकर जीतू पटवारी का दावा है कि MP में 73% आरक्षण केस पर ₹100 करोड़ खर्च हुए हैं। सरकार बताए, क्या वाकई इस केस पर ₹100 करोड़ खर्च हुए हैं?
अगर हाँ, तो यह पैसा जनता का है, किसी सरकार या पार्टी की निजी संपत्ति नहीं। GC के लोगों ने भी टैक्स दिया है, उनके पैसे का हिसाब कौन देगा?
मोदी जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना से इतने घर दे दिए, उससे बच जाते हैं तो योगी जी कहते हैं, नहीं-नहीं, मुख्यमंत्री आवास योजना से देंगे। फिर कहते हैं, ब्राह्मण? नहीं, ब्राह्मण स्वीकार नहीं। ब्राह्मण, राजपूत मिट्टी के घर में रहें। दलित, पीड़ित, वंचित, शोषित, ये मेरे नाम के वाले हैं।
उनको योग्य बोल दो कि तुम योग्य नहीं हो, तो लगेगा कि ये तुम्हारे जातिगत श्रेष्ठता-बोध से आ रहा है।
मोदी जी की सरकार के आँकड़ों के मुताबिक, ऐसे दो लाख अट्ठासी हजार मामले अदालत में लंबित हैं। पिछले पाँच साल में दोषसिद्धि दर 8% रही; बिहार में 0.67% और तमिलनाडु में 14%।
फिर भी हर मामले में एससी एक्ट लगा दिया जाता है। खुद पुलिस वाला पूछता है, आप तो एससी समाज से हैं ना? लिखो कि हमको जातिसूचक गालियाँ दीं।