क्रिमिनल माइंड अवनीश गुप्ता जिस पर ४ मुकदमे और 2023 में २ और FIR है एक और FIR 6 अप्रैल 2025 को हुई है। 5 अप्रैल को फिर मेरे साथ गाली गलौज करके झगड़ा किया, FIR किया, पुलिस को चकमा देकर फरार है, कृपया मेरी मदद करे🙏
@myogiadityanath@sanjaychapps1@dgpup@noidapolice
आख़िर क्यों आम्रपाली के घर खरीदार सड़क पर हैं..??
क्यों घर खरीदार @CBIHeadquarters और @dir_ed द्वारा जाँच की माँग कर रहे हैं…!
क्या इसमें कोई धांधली हुई है…!!
वैसे तो ये जाँच का विषय है और सुप्रीम कोर्ट को इस माँग को लेकर फ़ैसला करना चाहिए।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों @OfficialNBCC ने आम्रपाली की दो परियोजनाओं के खाली पड़े जमीन को डेवलप करने के लिए निविदा निकाली थी। पहली परियोजना गोल्फ होम्स जिसे मेन्शन बिल्डर ने 8600/ प्रति स्क्वायर में बोली लगा कर लिया।
लेकिन ठीक इस ऑक्शन के 10 दिन बाद दूसरी निविदा आम्रपाली सेंचुरियन पार्क के लिए निकाली गई थी। गोल्फ होम्स के ऑक्शन के बाद एनबीसीसी को मार्केट रेट पता चल गया था, इसके बावजूद NBCC गोल्फ होम्स से भी अच्छे लोकेशन में स्थित आम्रपाली सेंचुरियन पार्क की बिड प्राइस को सिर्फ 6900/_ प्रति स्क्वायर फीट रखा और इसे @gaursons_india गौर बिल्डर ने महज 7200/_ प्रति स्क्वायर फीट में ले लिया।
अब गौर बिल्डर एनबीसीसी से लेने के बाद इसे मार्केट में ₹10000-11000/ प्रति स्क्वायर फीट पर बेच रहा है।
यह सोचने की जरूरत है कि लगभग ₹3000-4000 प्रति स्क्वायर फीट का सीधा-सीधा फायदा ब्रोकरेज के रूप में बिना कुछ किए गौर बिल्डर को हो रहा।
इसमें यह बात भी सामने आ रही है कि सेंचुरियन पार्क स्थित एस्पायर एनबीसीसी सेंचुरियन पार्क के ऑक्शन में दो डमी बिडर को लाकर ऑक्शन को मैनेज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज प्रदर्शन कर रहे सभी घर खरीदारों का एक ही सवाल है कि " एक तरफ फंड की कमी का हवाला देकर हमारे फ्लैटों को कैंसिल किया जा रहा है और वहीं दूसरी तरफ एक निजी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी एजेंसी @OfficialNBCC कौड़ियों के भाव में प्राइम लोकेशन की जमीन को दे रहा है" यह कहाँ का न्याय है।।
.@dgpup@PrashantK_IPS90@CP_Noida@Uppolice@noidapolice@OfficialGNIDA@myogiadityanath@myogioffice@DhirendraGBN@mansukhmandviya@CMOfficeUP@dmgbnagar@FitIndiaOff@PMOIndia@narendramodi सादर सूचनार्थ, चिन्तनार्थ एवं संज्ञानार्थ
ग्रेनो वेस्ट के 130m रोड पर आगामी 23 मार्च को @HCL_Foundation का Cyclothon होने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के Life Line 130m सड़क पर 24X7 भारी ट्रैफिक दबाव के बावजूद 27km सड़क को साइकिलिंग इवेंट के लिए अनुमति दी गई है, वहीं ग्रेनो वेस्ट के पहले 10KM मैराथन के लिए 60m रोड पर मात्र एक ओर के 2.5KM सड़क की अनुमति नहीं दी गई, जबकि इसी 60m सड़क पर 2021 में यथार्थ अस्पताल के Walkathon के लिए दोनों ओर की सड़के की अनुमति दी गई थी।
क्या गौतमबुद्ध नगर में सड़क पर खेल की अनुमति केवल कॉर्पोरेट बिज़नेस वर्ल्ड को ही दिया जाता है? पूर्व में नोएडा की सडकों पर राहगीरी का आयोजन शायद भूल गई नोएडा ट्रैफिक पुलिस।
हम किसी भी खेल आयोजन के खिलाफ नहीं, ज्यादा से ज्यादा खेल होने चाहिए और बढ़ावा भी मिलना चाहिए, परन्तु जिस प्रकार नोएडा ट्रैफिक डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने 10KM मैराथन के आयोजन हेतु 60m सड़क के सिर्फ एक तरफ़ के 2.5km देने में आनाकानी की उससे हम आहत हैं।
मैराथन पूर्व निरीक्षण पर आया ट्रैफिक इंस्पेक्टर मैराथन के आयोजन से पूरी तरह अनभिज्ञ थे, उनकी बातों से ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे उन्होंने कभी मैराथन देखा नहीं। बिना जानकारी वाले अधिकारी को निरीक्षण हेतु भेजना वरिष्ठ अधिकारियों की गलती है। दूसरी बात वह अधिकारी ग्रेनो वेस्ट में जाम की समस्याएं सोशल मीडिया पर उठाए जाने से बुरी तरह नाराज थें। अधिकारी ने साफ़ कहा आप लोग तो हर बात को सीधे ट्वीट करते हैं।
हमारी संस्था ने पूर्व में कई ट्रैफिक अवेयरनेस ड्राइव चलाए हैं, हमारे काफी सदस्य ट्रैफिक वालंटियर भी हैं, लेकिन नए वरिष्ठ अधिकारी और नए TI के काम का रवैया जनहित से ज्यादा खुद के आराम का है। आए दिन TI अपनी मर्जी और अपने आराम के लिए गोलचक्कर और सड़कें बंद कर सड़क किनारे आराम फरमाते हैं, जिसकी सीधी रिपोर्ट CP DCP तक नहीं पहुंचती। हमारे सदस्य रोजाना ट्रैफिक जाम से परेशान होकर अपनी परेशानी सोशल मीडिया पर व्यक्त करने को मजबूर हैं क्योंकि फिल्ड में मौजूद TI/TSI निवासियों की बिलकुल भी नहीं सुनते और ट्वीट होते ही वही TSI/TI हरकत में आ जाते हैं। फिर निवासी जाम की समस्या को सोशल मीडिया पर क्यों ना डालें?
ट्रैफिक अधिकारी को पता था कि सड़क टूटी हुई है फिर भी मैराथन के लिए 60m सीधी सड़क नहीं देने का रिपोर्ट लगाया क्योंकि 60m सड़क पर ट्रैफिक मैनेज करने के लिए ट्रैफिककर्मी लगाने पड़ते, मेहनत करनी पड़ती जो उन्हें नागवारा लगा। टूटी सड़क पर दौड़ते हुए कई बच्चे और बड़े घायल हुए। क्या ऐसे में ग्रेनो वेस्ट में अब कोई बड़ा खेल कूद आयोजन हो पाएगा? @DhaorAshni@Adityakripa@MeenakshiSTOI
आम्रपाली बायर्स तो यहाँ तक बोलते हैं की कोर्ट रिसीवर के आदेश को भी अनसुना करता है, तथा चीजों को लटकाने में और लोगों को नीचा दिखाने में इसकी ज्यादा रुचि होती है! कई बार कोर्ट रिसीवर से इसके बारे में लोगों ने शिकायत किया है परंतु वह भी कुछ नहीं कहते हैं!
@MLJ_GoI@OfficialNBCC
कोर्ट रिसीवर ऑफिस में यदि किसी #Amrapali बायर्स की फाइल एल शिवरमन के पास वेरिफिकेशन के लिए जाए तो मान कर चलें कि वह अनावश्यक अड़ंगा लगाकर महीनों लटका देगा. उत्तर भारतीयों को घृणित नजरों से देखना और लोगों को परेशान कर इसे मजा आता है @OfficialNBCC@MoHUA_India@PMOIndia@MLJ_GoI
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी,
क्या भाजपा के रसूखदार नेता के भाई की सोसाइटी होने का मतलब यह है कि निवासी प्रताड़ित होते रहे..??
सांसद,विधायक या कोई भी भाजपा नेता इस पर सुनवाई करने से कतराते हैं। यहाँ के निवासी क्या करें, कहां जाएं, जिससे इनके समस्या का हल हो सके?
6 साल से हजारों लोग इस सोसाइटी में रह रहे, बिल्डर इतना निर्दयी हो गया है कि (अनावश्यक लेट पेनाल्टी) तथा बकाया वसूलने के लिए भीषण गर्मी में लोगों के फ्लैट की लाइट काट देता है, चाहे दिन हो या आधी रात।
अब तो हद्द ही हो गई क्योंकि अनावश्यक लेट पेमेंट फीस लगाने के मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो चारों तरफ़ से घेर कर कल एक निवासी को मेंटेनेंस स्टाफ़ और मैनेजर ने बुरी तरह पिटाई किया.
क्या कानून का राज ऐसे अहंकारी बिल्डर पर नहीं चल सकता? इसकी सभी सोसाइटी में कमोबेश यही हालत है!
इन सभी समस्याओं का मूल जड़ यह है कि बिल्डर मेंटेनेंस से होने वाली मोटी कमाई को छोड़ना नहीं चाहता है और सोसाइटी अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन को हैंडोवर देने को तैयार नहीं होता है, जिसके चलते अनावश्यक विवाद करके सोसाइटी में लंबे समय तक टिका रहता है।
यह समस्या इस क्षेत्र के ज्यादातर सोसाइटी की है.
सभी निवासी आपकी तरह उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे,कृपया पंचशील ग्रीन्स 2, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों की विनती को सुनें.
.@CP_Noida@DCPCentralNoida@2_noida@hemant_up@noidapolice@Uppolice@dgpup आप वरिष्ठ अधिकारियों से निवेदन है इसकी निष्पक्ष जाँच कराएँ, पहले भी वर्तमान@SHObisrakh का आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिली हैl जनता इन्हें मदद के किए फ़ोन करते है, लेकिन ये फ़रियादियों के साथ दुर्व्यवहार करतेदल पुलिस का व्यवहार सवेंदनशील होना चाहिएl
नक्सलियों के काल, रणवीर सेना के संस्थापक, हमारे भूमिहार समाज के रक्षक, अभिभावक और सिरमौर रहे स्वर्गीय बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ सिंह जी (मुखिया जी) की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन 🙏💐
#मुखिया_जी_अमर_रहें
एसीईओ @GargAnnapurna मैडम के निर्देश पर एवं @nefowaoffice के अध्यक्ष @abhishek_nefowa जी के शिकायत पत्र पर आज #GNIDA के ओएसडी @InduPrakashPCS जी सेक्टर 16 निरीक्षण करने आए.निवासियों की लगातार शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ठेकेदार को 2 दिन के अंदर सभी कार्य संपादित करने का आदेश दिए.
आम्रपाली ग्रुप की सभी परियोजनाओं को पूरा करने का ठेका @OfficialNBCC को 8500cr में मिलने के बाद भी सुरक्षा एवं क्वालिटी से लगातार समझौता कर रही है. जबकि इसके अलावा #NBCC को 8%PMC भी मिला है. @PMOIndia@HardeepSPuri@Secretary_MoHUA
आम्रपाली वेरोना हाइट्स के एफ टावर से कल देर रात दसवीं मंजिल से दो मजदूर के गिरने के कारण उनकी मौत हो गई है.अत्यंत दुखद समाचार,परंतु सबसे बड़ा सवाल फिर से वही है कि आखिर @OfficialNBCC सुरक्षा मानकों का ख्याल क्यों नहीं रखती है और इस तरह के हादसे क्यों हो रहे हैं? @Mihirlawyer
2013 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मेट्रो का शिगूफा दिया,
2016 में डीपीआर आई,
2019 में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वीकृत करके पीआईबी को भेजा,
2020 में सॉइल टेस्टिंग हुई,
2022 में पीआईबी ने स्वीकृत किया,
2023 में PMO की नींद खुली और कहा कि इस रूट में खामी है और DPR रिजेक्ट हो गया.
हमारे जनप्रतिनिधि फिर से डीपीआर का खेल दिखाकर जनता को ठगने की कोशिश में लगे हैं। पिछले 10 वर्षों में ऐसे कई डीपीआर और टेंडर का लॉलीपॉप हम लोग खा चुके हैं। जब तक केंद्र सरकार सभी प्रक्रिया को पूरी नहीं कर लेती हम सब निवासी चुप नहीं बैठेंगे. @nefowaoffice#Metro4GreaterNoidaWest
ग्रेटर नोएडा वेस्ट पर एक नजर:
- सार्वजनिक परिवहन नहीं
- मेट्रो पर 10 साल से झूठा वादा
- घरों की रजिस्ट्री नहीं
- अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट की भरमार
- कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं
- कोई स्टेडियम नहीं
लिस्ट लंबी है,आखिर ऐसा सौतेलापन क्यों?@myogiadityanath जी @Bhupendraupbjp जी