जब तक अनुसूचित जाति/जनजाति के शिक्षकों का IIT में प्रतिनिधित्व नहीं बढ़ेगा,तब तक इन पहचानों के छात्रों के साथ भेदभाव जारी रहेगा।
इसलिए,दलित छात्रों के खिलाफ भेदभाव को रोकने के लिए IIT में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के शिक्षकों की संख्या में जल्द से जल्द वृद्धि की जानी चाहिए।
आज ‘मन की बात’ में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी द्वारा प्रतापगढ़ के आँवला और सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह का उल्लेख पूरे जनपद के लिए गौरव का क्षण है।
देश के कुल आँवला उत्पादन का लगभग 46% प्रतापगढ़ से आता है। प्रधानमंत्री जी के शब्दों से मिला यह प्रोत्साहन हमारे किसानों, महिला SHGs और आँवला उद्यमियों के लिए नए बाजारों और नई संभावनाओं को गति देगा।
प्रतापगढ़ की आँवला economy को और गति देने के लिए प्रशासन कृत संकल्पित है।
#MannKiBaat #Pratapgarh #Aonla #SHG #VocalForLocal
#प्रतापगढ़ : 22 साल के अर्जुन कुमार ने पट्टी कोतवाली के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
👉अर्जुन पर आरोप है कि एक किशोरी को भगा ले गया था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को बरामद कर हिरासत में लिया गया था।
👉किशोरी को वन स्टाप सेंटर में भेज दिया था!
ब्रेकिंग | प्रतापगढ़
पट्टी कोतवाली में 22 वर्षीय अर्जुन की मौत,
सोशल मीडिया पर घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
कुछ लोग युवक की मौत पुलिस कस्टडी में होने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ लोगो का बाथरूम में फा@# लगाने का दावा किया जा रहा है।
सच अभी तक सामने नहीं आया।
प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान 22 वर्षीय दलित युवक अर्जुन गौतम की मृत्यु बेहद दुखद और गंभीर घटना है।
बताया जा रहा है कि अर्जुन का शव कोतवाली परिसर स्थित शौचालय में फंदे से लटका मिला। पुलिस इसे कंबल के फंदे से आत्महत्या का मामला बता रही है, जबकि परिजनों ने पुलिस पर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस मामले में कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आ रहे हैं। हिरासत में मौजूद युवक तक कंबल कैसे पहुंचा? घटना किन परिस्थितियों में हुई? अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसे करीब 700 मीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय लगभग 25 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज क्यों ले जाया गया? इन सभी सवालों की समय-क्रम के साथ जांच होनी चाहिए।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें अर्जुन से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उनकी जानकारी के बिना पोस्टमार्टम कराया गया। इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। कोतवाली परिसर और घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच हो और परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी गंभीरता से पड़ताल की जाए।
एक परिवार ने अपना कमाऊ बेटा खो दिया है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पुलिस हिरासत में हुई इस मृत्यु की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी हो और पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े—यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान 22 वर्षीय दलित युवक अर्जुन गौतम की मृत्यु बेहद दुखद और गंभीर घटना है।
बताया जा रहा है कि अर्जुन का शव कोतवाली परिसर स्थित शौचालय में फंदे से लटका मिला। पुलिस इसे कंबल के फंदे से आत्महत्या का मामला बता रही है, जबकि परिजनों ने पुलिस पर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस मामले में कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आ रहे हैं। हिरासत में मौजूद युवक तक कंबल कैसे पहुंचा? घटना किन परिस्थितियों में हुई? अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसे करीब 700 मीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय लगभग 25 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज क्यों ले जाया गया? इन सभी सवालों की समय-क्रम के साथ जांच होनी चाहिए।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें अर्जुन से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उनकी जानकारी के बिना पोस्टमार्टम कराया गया। इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। कोतवाली परिसर और घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच हो और परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी गंभीरता से पड़ताल की जाए।
एक परिवार ने अपना कमाऊ बेटा खो दिया है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पुलिस हिरासत में हुई इस मृत्यु की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी हो और पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े—यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
@Uppolice@dgpup@CMOfficeUP
प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय दलित अर्जुन गौतम की मृत्यु बेहद दुखद, गंभीर और चिंताजनक है।
कोतवाली परिसर के शौचालय में अर्जुन का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस इसे कंबल के फंदे से आत्महत्या बता रही है, जबकि मृतक के परिजनों के अनुसार पुलिस की पिटाई से अर्जुन की मृत्यु हुई है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हिरासत में मौजूद युवक तक कंबल कैसे पहुंचा? आखिर कंबल से फांसी कैसे लगाई जा सकती है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए।
परिजनों के अनुसार, उन्हें अर्जुन से मिलने तक नहीं दिया गया। वहीं, अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसे महज 700 मीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय करीब 25 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज क्यों ले जाया गया? इस पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा और पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
सबसे गंभीर बात यह है कि परिजनों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना अर्जुन का पोस्टमार्टम कराया गया।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। कोतवाली परिसर और घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं तथा पुलिस हिरासत में अर्जुन के साथ हुई पूरी घटना की जांच हो। साथ ही, परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाए।
एक परिवार ने अपना कमाऊ बेटा खो दिया है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्हें न्याय मिले और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस हिरासत में हुई इस मृत्यु का सच सामने आना चाहिए। किसी भी परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े, यह सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
यूपी के प्रतापगढ़ में अनुसूचित जाति के 22 वर्षीय अर्जुन गौतम की पुलिस अभिरक्षा में संदिग्ध मौत।
परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बर्बरतापूर्ण पिटाई की,जिससे अर्जुन की मौत हुई।
पुलिस का कहना है कि अर्जुन गौतम वॉशरूम गया था और वहाँ उसने कम्बल से फाँसी लगा ली।
प्रतापगढ़ में पुलिस का नया कारनामा!
22 साल के दलित लड़के अर्जुन गौतम की थाने में मौत हो गई, और यूपी पुलिस कह रही है - "भागते हुए बाथरूम में गया और कंबल से फांसी लगा ली"
सवाल: जब कोई आम नागरिक घर पर फांसी लगा लेता है तो पुलिस मुकदमा उसके घर वालों पर लिख देती है तो पुलिस पर मुकदमा क्यों नहीं लिखा जा सकता?
वाह रे कहानीकारो!
थाने के अंदर, पुलिस की नाक के नीचे, कंबल से फांसी?
बाथरूम में कंबल कहाँ से आया? कुंडी कहाँ से आई? और पुलिस देखती क्या रही?
लगता है यूपी पुलिस ने कहानी लिखने में बाहुबली के डायरेक्टर राजामौली को भी पीछे छोड़ दिया है।
हर बार हिरासत में मौत और हर बार वही घिसी-पिटी स्क्रिप्ट - "भागा, लटका, मर गया"
सवाल सीधा है - ये आत्महत्या है या थाने में हुई हत्या?
दलित की जान इतनी सस्ती है क्या?
#Pratapgarh #UPPolice #DalitLivesMatter
प्रतापगढ़ में 22 वर्षीय दलित युवक अर्जुन गौतम की पुलिस हिरासत में मौत हो गई
पुलिस के मुताबिक़ पूछताछ के दौरान अर्जुन भागते हुए कोतवाली के बाथरूम में गया और कंबल से फांसी लगा लिया
#DalitLivesMatter
#प्रतापगढ़: पट्टी कोतवाली में हिरासत में लिए गए युवक की संदिग्ध मौत।
प्रतापगढ़ की पट्टी कोतवाली परिसर में हिरासत में लिए गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक को नाबालिग को भगाने के मामले में दोबारा FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, युवक ने आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारी कोतवाली में मौजूद रहे।
@pratapgarhpol
जनपद प्रतापगढ़ के कोतवाली पट्टी की पुलिस की हैवानियत एक बार फिर उजागर हुई
सबसे पहले तो धीरज कुमार पुत्र श्यामलाल, निवासी आसपुर देवसरा, के मामले में इन लोगों ने गेम खेला, इनकी वजह से उसको फर्जी तरीक़े से फंसा कर दिनांक 13.08.2026 से जेल में डाल रखा है, इन लोगों की करामात आज भी वो भुगत रहा है, और आज कोतवाली पुलिस, गांव के कुछ दबंगों से सांठ-गांठ कर मोलनापुर निवासी लल्लू गौतम के 22 वर्षीय बेटे अर्जुन गौतम की थाने के अंदर मौत हो गई| पट्टी पुलिस की हिरासत में अर्जुन गौतम की मौत न केवल दिल दहलाने वाली घटना है अपितु पुलिस की जातिवादी घृणित व दरिंदगी का जीवंत कुकृत्य भी l दोषी पुलिसकर्मियों व सांठगांठ में शामिल दबंगों के खिलाफ तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे जाने की मांग करता हूंl
महोदय @Uppolice@dgpup जी इस प्रकरण को महत्वपूर्ण समझते हुए संज्ञान में ले एवं उचित कार्यवाही करने की कृपया करे। आपके द्वारा उत्तर की अपेक्षा है सादर।
@pratapgarhpol@CMOfficeUP@myogioffice@myogiadityanath
प्रतापगढ़ में 22 वर्षीय दलित युवक अर्जुन गौतम की पुलिस हिरासत में मौत हो गई
पुलिस के मुताबिक़ पूछताछ के दौरान अर्जुन भागते हुए कोतवाली के बाथरूम में गया और कंबल से फांसी लगा लिया
कहानी बनाने में यूपी पुलिस ने बाहुबली के डायरेक्टर को पीछे छोड़ दिया
प्रतापगढ़ की पट्टी कोतवाली के अंतर्गत अर्जुन गौतम (22) पुत्र लल्लू गौतम निवासी मोलनापुर की पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत,यह पूरे UP की कानून व्यवस्था पर कला धब्बा है, इसकी उच्च स्तरीय जाँच हो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा हो। @Uppolice@pratapgarhpol
जनपद प्रतापगढ़ के कोतवाली पट्टी की पुलिस की हैवानियत एक बार फिर उजागर हुई जहां कोतवाली पुलिस, गांव के कुछ दबंगों से सांठ-गांठ कर मोलनापुर निवासी लल्लू गौतम के 22 वर्षीय बेटे अर्जुन गौतम की दरिंदगी व वर्वरतापूर्ण
पिटाई से मौत हो गई| पट्टी पुलिस की हिरासत में अर्जुन गौतम की मौत न केवल दिल दहलाने वाली घटना है अपितु पुलिस की जातिवादी घृणित व दरिंदगी का जीवंत कुकृत्य भी l दोषी पुलिसकर्मियों व सांठगांठ में शामिल दबंगों के खिलाफ तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे जाने की मांग करता हूंl
@dgpup@ChiefSecyUP