Who are these lathi-armed goons in plainclothes @DelhiPolice? Who have you hired on your force to beat us up? Why are such monsters called police in India?
सरकार चाहती तो शुरुआत से ही संवाद स्थापित करके समाधान निकाल सकती थी।
सरकार सिर्फ़ चुनाव जीतने के बाद जनता से मुक्त नहीं हो जाती।
जनता का हर सवाल,
हर feedback,
हर चिंता…सरकार के लिए मायने रखनी चाहिए।
जनमत से ही सरकारें बनती हैं…
और उसी जनमत के भरोसे पर लोकतंत्र खड़ा रहता है।
लेकिन जब जनता की आवाज़ सुनी ही नहीं जा रही,
तो सबसे पहले सरकार पर से विश्वास कम होता है…
और जनमत भी।
SSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें 2021 में हुई UPSI 9534 भर्ती प्रक्रिया से मिलजुलती नजर आ रही हैं , वो बात अलग है कि SI भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बता दिया गया हो
लेकिन मामला अभी भी HC में लंबित है
#UPSI_SCAM9534 फिजिकल के दौरान भर्ती बोर्ड या यूपी सरकार द्वारा बिना उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित किए जांच करवाई जो कि आधारविहीन थी केवल शक के आधार पर दिखावे की कार्रवाई करी गई थी।
अब इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 29/08/25 को जजमेंट देकर सभी आरोपियों को 03 महीने में नियुक्ति के लिए कहा है।
यूपी दरोगा भर्ती 2021 मे बड़े पैमाने पर धांधली हुई लेकिन सरकार ने नही सुना और वो लोग इस 2025 की दरोगा भर्ती के लिए ओवर age हो गये 2021 मे धांधली के कारण योग्य अभ्यर्थी का चयन नही हो पाया तो हम लोग कोर्ट जाने की सोच रहे है तो कौन-कौन साथ देगा #DM करे।
@vivekkumar84 सर सुझाव दे??
मैं स्वयं 9534 यूपी दरोगा भर्ती प्रक्रिया से पीड़ित हूं क्योंकि जब धांधली के आरोप लग रहे थे तब भर्ती बोर्ड ने कहा था कि धांधली की खबरें भ्रामक है
उसके बाद 56+ FIR दर्ज हुई
सैकड़ों पकड़े गए
कैदी दरोगा बना था
40 माह बाद भी फर्जी अंगूठा वाले दरोगा पकड़े जा रहे
#UPSI9534_SCAM2021
यह कहानी है 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की
जब आयरन लेडी इंदिरा गांधी जी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर, विश्व का भूगोल बदल दिया था
दबाव तो तब भी बहुत बने, पर वह अडिग रहीं
यह कहानी है भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की. यह कहानी है मजबूत और साहसी नेतृत्व की
जय हिंद 🇮🇳
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में तेनाली हाईवे पर तीन दलित युवकों को पुलिसकर्मी द्वारा सड़क के बीचोंबीच बैठाकर बेरहमी से पीटा गया। लाठियों से प्रहार, घुटनों पर पैर रखकर कुचलने की कोशिश-यह कोई कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि जातंकवाद और सत्ता की बर्बरता है।
पीड़ित युवकों का आरोप है कि पुलिसकर्मी चिरंजीवी ने उनसे रिश्वत मांगी थी। जब उन्होंने मना किया, तो उन पर झूठा केस बनाकर यह सरेआम हिंसा की गई।
मैं मुख्यमंत्री @ncbn जी से कहना चाहता हूँ कि यह घटना केवल पुलिस बर्बरता नहीं — यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन, संविधान के अनुच्छेद 15, 17 और 21 की हत्या है।
हम @AndhraPradeshCM से माँग करते हैं:
पुलिसकर्मी को तत्काल बर्खास्त कर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, BNSS की सख्त धाराओं और मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जाए।
पीड़ितों को राज्य द्वारा मुआवज़ा, सुरक्षा और कानूनी सहायता दी जाए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग स्वतः संज्ञान लें।
आंध्र प्रदेश सरकार इस पर सार्वजनिक बयान दे और जवाबदेही तय करे।
@India_NHRC@NCSC_GoI