पहली बार किसी रिपोर्टर को ' इंकलाब
ज़िंदाबाद ' जैसे नारे पर एतराज करते देख रहा हूं.
ABP न्यूज की इस रिपोर्टर को इंकलाब ज़िंदाबाद जैसे नारे से दिक्कत है ?
टीवी चैनल का माइक थामने से पहले थोड़ी बहुत तो पढ़ाई की होगी ?
या बस ऐसे ही ?
आज़ादी की लड़ाई के वक्त हसरत मोहानी ने पहली बार ये नारा दिया था. भगत सिंह जैसे देशभक्त ये नारा लगाया करते थे . आज भी सत्ता और सिस्टम के खिलाफ सबसे बुलंद नारा है - इंकलाब जिंदाबाद
हमें सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की चिंता है। हमारे देश में संवेदनहीन सरकार बैठी है, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा को नहीं समझती है।
ऐसी संवेदनहीन सरकार के खिलाफ विरोध के तरीके बदलते रहना चाहिए।
@Pawankhera ji
सभी बहुत चिंतित हैं। सरकार को बात करनी चाहिए। सरकार नहीं करती है तो समाज को आगे आना चाहिए। सोनम के साथ-साथ छात्र भी अनशन पर बैठे हैं। कितने साल तक परीक्षाओं में चोरी और धांधली को यह देश स्वीकार करेगा। 13 साल बीत गए फिर भी परीक्षाएँ विश्वसनीय नहीं हो सकी हैं। बात केवल परीक्षा की नहीं है, पढ़ाई के मामले में भी जो नुकसान हुआ है, वहाँ से वापसी करना संभव नहीं है।
इसी अवसर पर गंगा की सफाई और अविरलता को लेकर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन को याद करने की ज़रूरत है। 2018 में 109 दिनों के अनशन के बाद उनकी मौत हो गई थी। तब काफी सवाल उठे थे। मीडिया की पुरानी रिपोर्ट आप देख सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीन तीन पत्र लिखे। उन पत्रों को निकाल कर पढ़ सकते हैं। गंगा के लिए प्रो जी डी अग्रवाल ने जान दे दी और गंगा के नाम पर राजनीति करने वालों ने उन्हें भुला दिया। गंगा की समस्याओं का समाधान करने के बजाए गंगा के घाट पर आरती का आयोजन कर लोगों के सवालों की धारा मोड़ दी गई। अच्छा होता कि प्रो जी डी अग्रवाल को सुना जाता, गंगा भी साफ होती और तब उसके किनारे आरती की शोभा और दिव्य होती। जो मीडिया जंतर मंतर नहीं जा पा रहा है वह गंगा के नाम पर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन की कहानी के पन्ने फिर से पलट सकता है। गंगा के लिए तो बोल ही सकते हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश यशस्वी पूर्व मुख्यमंत्री PDA के नायक श्री अखिलेश यादव जी को जन्म दिवस की अशेष शुभकामनाएँ।
शोषित वंचित और पीड़ित समाज की आवाज़ बुलंद हो।
संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने हर एक भारतीय को संविधान के रूप में एक सुरक्षाकवच दिया जो स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व की गारंटी है। बाबासाहेब के अथक प्रयासों से वंचित वर्गों के सवाल हमारे स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान का अभिन्न हिस्सा बने। सबको समान अवसर, समान अधिकार और सबका कल्याण ही बाबासाहेब की विचारधारा का मूल है। संविधान के मूल्यों व बाबासाहेब के विचारों की रक्षा का संकल्प ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
बाबासाहेब की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
My mother and father are senior citizens and wish to travel to our village, but for many days we have not been able to get a confirmed ticket.I humbly request you to kindly look into this matter and help confirm the ticket if possible.Your kind support will be highly appreciated.
@ADevvrat@maha_governor
माननीय राज्यपाल महोदय (Honorable Sir), महाराष्ट्र, सादर निवेदन है कि मेरा सेवा/Service Matter लंबे समय से बॉम्बे HC लंबित है एवं मुझे गंभीर मानसिक व आर्थिक परेशानी हो रही है।
कृपया मुझे आपसे भेंट हेतु समय (Appointment) प्रदान करने की कृपा 1/1
Donald Trump is INSULTING India on a daily basis.
Never forget how much Adani sucked up to Trump, just because he wants to save himself from a corruption trial in america.