छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मचारियो मे जगी आस!
माननीय मुख्यमंत्री श्री @vishnudsai जी से मुलाकात कर @cgmgkm के प्रांतीय पदाधिकारियो ने छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मचारियो ��े लिए मानव संसाधन नीति एवं राजस्थान की तर्ज़ पर मनरेगा कर्मियो के नियमितीकरण जैसी मांगो के सम्बंध मे अवगत कराया।
मनरेगा कर्मचारियो के आंदोलन को स्थगित कराकर मान.@Kawasilakhma जी ने 3 माह के भीतर मांगो को पूरा कराने का वादा किया था, कमेटी भी बनी थी।
न कमेटी का निर्णय आया और न ही इनकी मांग�� पूरी हुई❓️
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संवारने वाले मनरेगा कर्मियो के साथ ऐसा व्यवहार, बंद करे सरकार🙏
हमारा केवल एक ही #लक्ष्य हैं, #छत्तीसगढ़ के #संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण। डाटा लेने यदि चंद्रमा में भी जाना पड़े तो हम जाने को तैयार हैं।।
CM - 4.50 वर्षो में ��ेवल 22 विभाग द्वारा जानकारी भेजी गईं हैं।
क्या ये कथन सही हैं या सरकार हमें गुमराह कर रही। कॉमेंट करके जरूर बताएं
संविदा, अनियमित कर्मचारी, मनरेगा कर्मचारियों को इस बजट से बहुत ही आशा थी।
लेकिन उन्हें मिला क्या, बाबा जी का ठुल्लू।।
@bhupeshbaghel जी याद रखेंगे हम इस बजट को, आज खून के आंसू रोया हैं, एक एक कर्मचारी, वक्त आने में ये आंसू हमारा हौसला बनकर दहाड़ेगा।।
#वक्त_हैं_आंदोलन_का।
छत्तीसगढ़ मे पिछले 4.5 साल से अपने नियमितीकरण के लिए संघर्षशील 12 हजार से ज्यादा मनरेगा कर्मचारी को भी "न्याय की दरकार" है।
यदि कांग्रेस का महाधिवेशन जनता की आवाज उठाने के लिए और देश को नई राह दिखाने के लिए है?
तो फिर मनरेगा कर्मचारियो को उनका नियमितीकरण रूपी अधिकार जरूर दिलाए
@RahulGandhi जी
पिछले 4 स��ल मे आपने छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मियो के लिए कितने प्रेस कॉन्फ्रेंस किए?
उम्मीद है कि आप अपना किया हुआ वादा भूले नही होंगे और जल्द ही छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मियो को नियमित करवाने के लिए बिना डरे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
हम भी यही कहते है - डरो मत! 🔥
संविदा कर्मियो से वादा खिलाफी का कांग्रेस मॉडल👇
➡️ संविदा कर्मियो की मांगो को 10 दिवस के भीतर पूरा करेंगे।
➡️ संविदा कर्मियो के नियमितीकरण का फैसला कैबिनेट मे होगा।
अब
➡️ कैबिनेट मे नियमितीकरण का फैसला नही
➡️ मान. मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel
जी ने कहा "जब फैसला होगा तो होगा"
अपनी जायज मांगों को पूर्ण कराने हेतु #दंतेवाडा के संविदा साथी #रायपुर के लिए रवाना होते हुए।।
04 वर्ष बीते, ले��िन अभी तक वादा अधूरा हैं।
हौसला रखो संविदा कर्मचारी, अभी हमारा संघर्ष जिंदा हैं।।