🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳
आजादी का यह पर्व हमें केवल स्वतंत्रता का उत्सव मनाने का अवसर नहीं देता, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय, शिक्षा, एकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प भी देता है।
4 करोड़ का घोटाला… और वो भी चार साल तक किसी को भनक तक नहीं!
क्या यही है सिस्टम की जवाबदेही?
होटल-जंगल सफारी बुकिंग में इतना बड़ा गबन हो गया, लेकिन विभाग सोता रहा।
जब जनता के पैसे की सुरक्षा ही नहीं हो पा रही, तो फिर जिम्मेदारी कौन लेगा?
👉 ये सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का खुला सबूत है।
👉 अगर समय पर जांच होती, तो करोड़ों रुपये बचाए जा सकते थे।
अब सवाल सीधा है:
आखिर 4 साल तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
किसके संरक्षण में ये खेल चलता रहा?
जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं?
⚖️ हमारी मांग: ✔️ पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो
✔️ सभी दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो
✔️ जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उन्हें तुरंत हटाया जाए
✔️ जनता के पैसे की एक-एक पाई वापस लाई जाए
जनता अब जवाब चाहती है, बहाने नहीं!
अगर अभी भी स��्ती नहीं हुई, तो ऐसे घोटाले आगे भी होते रहेंगे।
#जवाबदोसरकार #भ्रष्टाचार_खत्म_करो #जनताकापैसा
@MPTourism
@DrMohanYadav51
@CMMadhyaPradesh
@DharmendrLodhii
समर्थन पत्र
प्रति,
ओबीसी / एससी / एसटी / माइनॉरिटी संयुक्त मंच एवं
समस्त संविधानप्रेमी नागरिकों
दिनांक 18 जनवरी 2026 को आयोजित संविधान बचाओ जनआक्रोश महाआंदोलन को पूर्ण समर्थन
यह पत्र आपको अवगत कराने हेतु लिखा जा रहा है कि
ओबीसी / एससी / एसटी / माइनॉरिटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 18 जनवरी 2026 को आयोजित होने जा रहे
“संविधान बचाओ जनआक्रोश महाआंदोलन” को
ओबीसी महास��ा (रजि.) का पूर्ण समर्थन है।
वर्तमान समय में संविधान के मूल सिद्धांतों—
सामाजिक न्याय, समानता, आरक्षण, लोकतंत्र एवं संवैधानिक अधिकारों पर लगातार हो रहे प्रहार अत्यंत चिंताज��क हैं। ऐसी परिस्थिति में यह जनआंदोलन
संविधान की रक्षा एवं वंचित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की आवाज़ को मजबूती प्रदान करेगा।
ओबीसी महासभा रजि. इस आंदोलन के उद्देश्यों से पूर्णतः सहमत है
तथा संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
संविधान की रक्षा हेतु इस महाआंदोलन के साथ
कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।
हम आशा करते हैं कि यह जनआक्रोश महाआंदोलन
संवैधानिक मूल्यों की पुनर्स्���ापना में
एक निर्णायक भूमिका निभाएगा।
जय संविधान।
जय सामाजिक न्याय।
@LokeshMujalda @JAYS_org @jays_india2024
@AdvAashishSingh @baagi_kamlendra
@obcvijay @AmanObc @Rupeshsinghyad @Jitendrajeetul1
✊ आरक्षण बचाओ | 📜 संविधान बचाओ ✊
जब-जब संविधान पर हमला होगा,
तब-तब सड़क से संसद तक आवाज़ उठेगी!
आरक्षण कोई भीख नहीं,
यह सामाजिक न्याय का संवैधानिक अधिकार है।
आज आरक्षण खतरे में है,
कल संविधान होगा —
इसलिए चुप रहना अब अपराध है!
🔥 आरक्षण बचाओ – संविधान बचाओ
🔥 जनआक्रोश महाआंदोलन
📅 18 जनवरी 2026 / भोपाल
ओबीसी • एससी • एसटी • माइनॉरिटी
छात्र • युवा • मजदूर • किसान
सभी संविधानप्रेमी नागरिक एकजुट हों!
✊ जय संविधान
✊ सामाजिक न्याय जिंदाबाद
@HemraajGurjar@obcvijay@baagi_kamlendra
मध्यप्रदेश में युवाओं को अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ेगी और इसके लिए जबतक घरों से नहीं निकलोगे तब तक नेताओं के वादे और बयानबाजी पर उलझे रहोगे!
#MPPSC_न्याय_यात्रा
🔥 नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आज़ाद जी ने जातिवादियों की पोल खोल दी! 🔥
❓ कौन चाहता था कि पिछड़े वर्ग का बच्चा कुर्सी पर बैठे?
❓ ��ज भी कौन चाहता है?
जब ओबीसी समाज अपने संवैधानिक अधिकार के लिए सड़क पर उतरता है,
तो इन्हें लोकतंत्र नहीं, “अपराध” नज़र आता है!
👉 अगर सच में हिंदू–हिंदू भाई–भाई हैं
तो फिर
❗ 27% OBC आरक्षण आखिर क्यों नहीं देते?
❗ ओबीसी को उनकी आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी क्यों नहीं?
यह साफ़ है—
आरक्षण से नहीं,
बराबरी से डर लगता है!
ये लड़ाई भीख की नहीं,
ये लड़ाई संविधान में दर्ज हक़ की है ✊
अब सवाल पूछे जाएंगे,
��ब सड़क भी बोलेगी,
अब चुप नहीं बैठेंगे!
@baagi_kamlendra @HemraajGurjar
@SunilAstay
@BhimArmy_BEM
@Ravinder_ASPK
राजस्थान विश्वविद्यालय में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की पीठ (Ambedkar Chair) को बंद करना बेह��� शर्मनाक और गंभीर चिंता का विषय है।
यह कोई साधारण प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि विचारधारा आधारित साज़िश है।
जिस विश्वविद्यालय में संविधान, समानता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय पर शोध होना चाहिए था, वहाँ अंबेडकर चेयर को निष्क्रिय कर RSS के एजेंडे क�� थोपा जा रहा है।
शिक्षा और शोध की जगह आज प्रतीकात्मक कार्यक्रम और वैचारिक प्रचार बढ़ाया जा रहा है।
भाजपा नहीं चाहती कि आने वाली पीढ़ी
डॉ. अंबेडकर, महात्मा फुले, कालीबाई भील, मानगढ़ धाम
और सामाजिक न्याय के नायकों के विचार पढ़े, समझे और सवाल करे।
यह इतिहास मिटाने,
संविधान की आत्मा कमजोर करने
और सामाजिक न्याय की आवाज़ दबाने का खुला प्रयास है।
संविधान पर हमला करने वालों को याद रखना चाहिए—
ब���बा साहब सिर्फ एक नाम नहीं, एक आंदोलन हैं।
✊ संविधान बचेगा, तभी लोकतंत्र बचेगा।
@BhajanlalBjp
@RajCMO
#AmbedkarChair
#संविधान_पर_हमला
#जयभीम
#सामाजिक_न्याय
#SaveAmbedkarChair
#EducationNotPropaganda
🚨 Dying Cadre = चुपचाप रोज़गार हत्या 🚨
मध्यप्रदेश में सरकार ने चार कैडर को “Dying Cadre” घोषित कर दिया है।
मतलब साफ है —
👉 अब नई भर्ती नहीं
👉 रिटायरमेंट के साथ पद समाप्त
👉 भविष्य में पूरा कैडर खत्म
इसे तकनीकी भाषा में सुधार कहा जा रहा है,
लेकिन हकीकत में यह लाखों युवाओं के भविष्य पर ताला है।
❓ Dying Cadre क्या है?
जिस कैडर में:
नई भर्ती पूरी तरह बंद
मौजूदा कर्मचारी बस रिटायरमेंट तक
प्रमोशन लगभग शून्य
पद धीरे-धीरे खत्म
यानी ना आज नौकरी गई, ना कल उम्मीद बची।
⚠️ इससे होने वाले बड़े नुकसान:
🔥 1. सरकारी नौकरियों का स्थायी अंत
सरकार बिना संसद/जनचर्चा के चुपचाप पद खत्म कर रही है।
🔥 2. युवाओं के लिए दरवाज़े बंद
जो बच्चे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे, उनके लिए अवसर ही खत्म।
🔥 3. SC / ST / OBC सबसे ज़्यादा प्रभावित
सरकारी नौकरियां ही सामाजिक न्याय का एकमात्र साधन थीं,
अब वही छीनी जा रही हैं।
🔥 4. प्रमोशन और सम्मान खत्म
कर्मचारी नौकरी में तो रहेंगे,
लेकिन बिना भविष्य, बिना सम्मान।
🔥 5. निजीकरण का रास्ता साफ
आज Dying Cadre,
कल ठेका प्रथा,
परसों पूरी व्यवस्था ���ॉरपोरेट के हवाले।
🔥 6. संविधान की भावना पर हमला
संविधान समान अवसर की बात करता है,
यह फैसला असमानता को स्थायी करता है।
❗ सवाल सरकार से:
क्या बेरोज़गारी खत्म करने का यही मॉडल है?
क्या बिना चर्चा लाखों पद खत्म करना सही है?
क्या यही “सुशासन” है?
📢 यह प्रशासनिक सुधार नहीं, सामाजिक अपराध है।
📢 यह व्यवस्था सुधार नहीं, भविष्य की लूट है।
✊ अब चुप रहना मतलब सहमति देना है।
✊ आज आवाज़ नहीं उठाई तो क�� विकल्प भी नहीं बचेगा।
#DyingCadre
#रोज़गार_हत्या
#युवा_विरोधी_नीति
#संविधान_खतरे_में
#MP_Government
#NoMoreSilence
@HemraajGurjar @ObcArmyInd @obcvijay @OBC_DrLaxman @PratikVoiceObc
🔥 महाआंदोलन का ऐलान | ओबीसी हक़ की निर्णायक लड़ाई 🔥
📢 दिनांक: 30 जनवरी 2026
📍 नेतृत्व: गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति
13% ओबीसी होल्ड अभ्यर्थियों के हक़ और अधिकार के लिए एक ऐतिहासिक महाआंदोलन आयोजित किया जा रहा है।
इस आंदोलन को ओबीसी महासभा का पूर्ण समर्थन एवं सहयोग प्राप्त है।
✊ हम समस्त ओबीसी जातिगत संगठनों से आह्वान करते हैं कि —
इस न्यायपूर्ण संघर्ष का हिस्सा बनें,
ओबीसी अभ्यर्थियों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की इस मुहिम में सशक्त सहभागिता निभाएँ।
⚖️ यह लड़ाई सिर्फ़ हिस्सेदारी की नहीं,
यह लड़ाई सम्मान, न्याय और संविधान की रक्षा की है।
✍️ एकजुट ��हेंगे — तो जीतेंगे!
जय ओबीसी ✊
जय संविधान 🇮🇳
@Article19_India @DamodarSYadav @baagi_kamlendra @BasavanIndia @HemraajGurjar @obcvijay
@Ravinder_ASPK @BhimArmy_BEM
करणी सेना का असली चेहरा अब सामने आ चुका है।
इन्हें न युवाओं के मुद्दों से कोई सरोकार है,
न किसानों की पीड़ा से,
न महिलाओं की सुरक्षा से।
इनका एक ही मकसद है — सत्ता।
चाहे इसके लिए समाज में डर फैलाना पड़े,
हिंसा और बम-धमाकों जैसी मानसिकता को बढ़ावा देना पड़े।
आज सवाल पूरे सर्वस��ाज से है —
क्या हम ऐसे तत्वों का समर्थन करके
देश का माहौल खराब होने देंगे?
समय आ गया है सच को पहचानने का,
हिंसा और अराजकता नहीं,
संविधान, शांति और सामाजिक न्याय का साथ देने का।
✊ देश पहले
जय संविधान
माननीय मुख्यमंत्री, जो स्वयं ओबीसी समाज से आते हैं,
उन्हें मंच से “गधा” कहना किसी व्यक्ति का अपमान नहीं,
बल्कि पूरे ओ��ीसी समाज का अपमान है।
❓ सवाल यह है कि
जो लोग खुले मंच से जातिसूचक और अमर्यादित भाषा बोल रहे हैं,
उन्हीं की सभाओं में मेरे भोले-भाले OBC / SC / ST समाज के लोग
तालियाँ पीटते हुए भीड़ का हिस्सा क्यों बन रहे हैं?
सोचिए—
जिस वर्ग से मुख्यमंत्री आते हैं,
उसी वर्ग के न���ता को अपशब्द कहे जा रहे हैं
और हम चुपचाप तमाशबीन बने हुए हैं।
👉 अनिल गुर्जर को टारगेट करने के नाम पर किया गया आंदोलन
कल ही एक राजनीतिक पार्टी की घोषणा के साथ खत्म हो गया।
यानी यह आंदोलन न सिद्धांत का था, न समाज का—
यह केवल सत्ता प्राप्ति की राजनीति थी।
और सत्ता की इस भूख में
मंच से कहा जा रहा है कि
“माताएं-बहनें, युवा, किसान भाड़ में जाएं”
यह कैसी विचारधारा है?
यहां तक कि
दिल्ली में बम फोड़ने जैसे बयान भी दिए गए।
क्या ऐसी सोच रखने वाले लोग
देश को स्वस्थ लोकतंत्र दे सकते हैं?
📌 लोकतंत्र में असहमति अधिकार है,
लेकिन हिंसा और हिंसा की धमकी अपराध है।
मैं माननीय न्यायालय से निवेदन करता हूं कि
ऐसे बयानों पर स्वतः संज्ञान लेकर
कानूनी कार्रवाई की जाए,
ताकि सत्ता के नशे में
देश की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचान��� वाली
मानसिकता पर समय रहते रोक लगे।
🛑 अब भी समय है—
मेरा बहुजन समाज सोचे, समझे और जागे।
भीड़ नहीं, बुद्धि और संविधान हमारा रास्ता तय करें।
जय संविधान 🇮🇳
जय भारत
@DrMohanYadav51
ओबीसी महासभा रजि. करणी सेना के आंदोलन का समर्थन नही करती!
आगामी 21 दिसंबर 2025 को करणी सेना द्वारा प्रस्तावित आंदोलन के संदर्भ में यह स्पष्�� करना आवश्यक है कि उसमें शामिल कुछ माँगें भारत के संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत हैं।
ओबीसी महासभा यह स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि
👉 लोकतंत्र में आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है,
किन्तु
👉 संविधान के विरुद्ध किसी भी माँग या विचारधारा का समर्थन नहीं किया जा सकता।
ओबीसी महासभा संविधान, सामाजिक न्याय एवं समान अवसर की अवधारणा में पूर्ण आस्��ा रखती है। इसी कारण ओबीसी महासभा करणी सेना द्वारा उठाई गई निम्नलिखित माँगों का समर्थन नहीं करती—
1. आर्थिक आधार पर आरक्षण —
आरक्षण की अवधारणा संविधान द्वारा सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर स्थापित की गई है, न कि केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर।
2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के विरोध का समर्थन —
यह कानून ऐतिहासिक रूप से शोषित एवं वंचित वर्गों की संवैधानिक सुरक्षा हेतु बनाया गया है, इसका विरोध सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
3. पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की माँग का समर्थन —
पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान समान अवसर एवं प्रत���निधित्व सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक रूप से मान्य है।
@ObcMahasabha_ स्पष्ट करती है कि वह किसी भी संविधान-विरोधी, सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाने वाली या वंचित वर्गों के अधिकारों को कमजोर करने वाली माँग का समर्थन नहीं करती।
हमारा संघर्ष सदैव
✔️ संविधान के भीतर
✔️ लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुसार
✔️ सामाजिक न्याय एवं समता के लिए
जारी रहेगा।
#ओबीसी महासभा रजि.
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@MPARMYCHIEF @gouravjaiswal
“आरक्षण गरीबी हटाने की योजना नहीं है।”
गरीबी हटाने के लिए भारत सरकार पहले से ही
सैकड़ों योजनाएँ चला रही है—
• इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड
• अनाज के लिए राशन कार्ड
• मजदूरी के लिए मनरेगा
• शिक्षा, आवास, पोषण व कल्याण की अन्य योजनाएँ
👉 ये सभी योजनाएँ गरीबी उन्मूलन के लिए हैं, और इनका लाभ हर गरीब को मिलता है, चाहे वह किसी भी जाति का हो।
लेकिन आरक्षण…?
आरक्षण का मकसद गरीबी नहीं, बल्कि समता, सामाजिक न्याय और अवसर की समानता है।
क्योंकि सदियों से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी नौकरियाँ और समाज में बराबर भागीदारी से दूर रखा गया।
🔹 आरक्षण प्रतिष्ठा लौटाने का माध्यम है
🔹 आरक्षण प्रतिस्पर्धा में बराबरी का स्तर तैयार करता है
🔹 आरक्षण साम��जिक न्याय की संवैधानिक व्यवस्था है
यही फर्क समझना ज़रूरी है:
“गरीबी हटाने की लड़ाई योजनाएँ लड़ती हैं,
समानता दिलाने की लड़ाई आरक्षण लड़ता है।”
@gouravjaiswal
@HemraajGurjar
@obcvijay
@Radhejat1983
🔥OBC युवाओं का सब्र अब जवाब दे रहा है🔥
6 साल से 27% OBC आरक्षण क्यों लटका रखा है?
किसका भविष्य रोककर किसका भला हो रहा है?
मध्यप्रदेश में 27% OBC आरक्षण रोककर
9,000 से ज्यादा नियुक्तियाँ होल्ड में डाल दी गईं!
👉 क्या OBC युवाओं का हक़ सिर्फ फाइलों ��ें फंसा रहेगा?
👉 कब तक अदालत–सरकार की रस्साकशी में हमारा भविष्य कुचला जाएगा?
👉 कब तक OBC समाज को उसका संवैधानिक हिस्सा छीना जाएगा?
सच्चाई यह है — आरक्षण रोककर नुकसान सिर्फ OBC युवाओं का नहीं,
बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के विकास का किया जा रहा है।
अब OBC समाज चुप नहीं बैठेगा…
हक़ छीनना है तो संघर्ष का बिगुल बज चुका है!
✊🔥 हम अपना हक़ लेकर रहेंगे! 🔥✊
@CMMadhyaPradesh
@DrMohanYadav51
@rst_adv
@obcvijay
@HemraajGurjar
@baagi_kamlendra
@Rupeshsinghyad
@Jitendrajeetul1
भारत के सच्चे रॉबिनहुड, आदिवासी स्��ाभिमान के प्रतीक,
अपनी संस्कृति, परंपराओं और जन-अधिकारों की रक्षा के लिए
ब्रिटिश शासन के खिलाफ सबसे बुलंद आवाज उठाने वाले
महान जननायक टंट्या भील जी को
उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन।
टंट्या मामा केवल एक योद्धा नहीं थे,
वे जनजातीय अस्मिता, संघर्ष और वीरता के अमर प्रतीक थे।
उनकी विरासत हर पीढ़ी को अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस देती है।
@LokeshMujalda @jays_india2024 @JAYS_org @HIRA_ALAWA @VikramAchhaliya @anandrai177
@HemraajGurjar @baagi_kamlendra @obcvijay
ये कौन-सी मिसाल बनाने में लगा है,
गाँधी के रास्तों को बचाने में लगा है…
“गद्दार” कह रही है उसे ये हुकूमत,
लेकिन सच ये है —
वो तो जेल में भी बच्चों को पढ़ाने में लगा है!
जिसे सत्ता अपराधी दिखा रही है,
वो समाज को शिक्षित करने में लगा है।
जिसे वे देशद्रोही बताते थकते नहीं,
वो संविधान और समानता की लौ जलाए खड़ा है।
आज सच बोलने वाला कैद है…
और झूठ फैलाने वाले सत्ता पर काबिज!
इतिहास गवाह है—
सच्चाई को कैद किया जा सकता है, हराया नहीं जा सकता। ✊🔥
@Wangchuk66
भावनाओं की आहत का ठेका लेने वालों IAS संतोष वर्मा जी के खिलाफ 52 ने मोर्चा खोल दिया था,
अब जब मुरारी पांडे द्वारा कुर्मी समाज को अभद्र रूप से टिप्पणी की गई है, तो तुम लोगों की भावनाएं क्यों मर गई है,???
@rshuklabjp , @drnarottammisra , @vdsharmabjp@rameshwar4111
मुंह से आवाज क्यों नहीं निकल रही है??
IAS संतोष वर्मा ने कुछ भी ग़लत नहीं कहा था,, मनुवादी व्यवस्था ने देश को तबाह कर दिया, IAS संतोष वर्मा की बातों से बौखला गए थे क्योंकि वह सत्य को पचा नहीं सकते।
📢 न्याय चाहिए — सिर्फ़ आश्वासन नहीं!
✍️ @ObcMahasabha_ के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष @Rupeshsinghyad जी ने महामहिम राज्यपाल महोदय को पत्र लिखा।
मध्यप्रदेश सिविल जज भर्ती परीक्षा के परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आरक्षण व्यवस्था को सही और ईमानदारी से लागू नहीं किया जा रहा है।
👉 SC वर्ग के 18 पदों में से सिर्फ़ 1 चयन
👉 ST वर्ग के 121 पदों में से एक भी चयन नहीं
👉 OBC वर्ग के 9 पदों में से केवल 5 चयन
❗इससे साफ़ है कि आरक्षित वर्गों—खासकर SC, ST और OBC—के साथ खुला अन्याय हुआ है।
प्रदेश के लाखों मेहनती एवं योग्य युवाओं के मनोबल पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है।
ओबीसी महासभा ने मांग की है—
1️⃣ सिविल जज भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2️⃣ SC, ST, OBC वर्गों के सभी आरक्षित पद पूर्ण रूप से भरे जाएं।
3️⃣ पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, न्यायालयीन मानकों के अनुसार।
4️⃣ आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को समान अवसर, कोचिंग एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
5️⃣ भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा–निर्देश जारी किए जाएं।
🛑 यह सिर्फ़ एक भर्ती की बात नहीं…
यह सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और समान अवसर की लड़ाई है।
✊ हम तब तक आवाज़ उठा��े रहेंगे जब तक आरक्षित वर्गों के साथ न्याय नहीं होता!
#OBCMahasabha
#ReservationRights
#SocialJustice
#CivilJudgeExam
#MPGovt
#SCSTOBCJustice