जो व्यक्ति स्वविवेक का इस्तेमाल करता है ,,,वो हमेशा सही decision लेता है,
वो समझ जाता है कि किसका उद्देश्य क्या है और किसने किस संदर्भ में बोला है,,
आज से कुछ महीने पहले हनुमान जी ने बोला कि - कौन जानता था तेजा जी को, मैंने पूजवा दिया तेजाजी को भाइयों!
लोग समझ गए थे कि हनुमान जी का उद्देश्य कोई तेजाजी का अपमान करना या नीचा दिखाना नहीं था, उन्होंने दूसरे संदर्भ में बोला कि मैंने लोकसभा में तेजा जी का जयकारा लगाया तो पूरे देश को तेजा जी का जयकारा सुनायी दिया!
अभी कुछ दिन पहले काँग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने युवाओं के एक सम्मेलन में बोला कि RPSC में जाति देखकर फैल किए जा रहे हैं इसलिए ऐसा कुछ भी मत बोलना कि सामने वाले को पता चल जाये तुम जाट हो और तुम्हारा इंटरव्यू में नुकसान हो जाये!
अगर कोई तुम्हारी जाति पता करने के लिए तेजाजी फैजाजी का कोई सवाल पूछ लें तो उस पर कांटा मार देना कि साहब मैं नहीं जानता जिससे कि तुम्हारा इंटरव्यू में नुकसान ना हो!
अब जिसमें स्वविवेक था वो समझ गया था कि दोनों ही नेता तेजा जी को बहुत मानते हैं किसी का भी उद्देश्य तेजा जी का अपमान का नहीं है ,,,,उन्होंने दोनों में से किसी भी बात को तूल नहीं बनाया था!
2018 -2021 तक @GovindDotasra शिक्षा मंत्री थे,
REET 2021 Dotasara जी के शिक्षामंत्री रहते हुए शिक्षा संकुल से गर्ग ने पेपर निकलवा कर अपने अग्रसेन ग्रुप में ही डाल दिया था!
अगर Reet 2021 के लिए उस वक्त का शिक्षामंत्री जिम्मेदार है तो बाकी जो पेपर लीक हुए उनके लिए @DrBDKallaINC और बाकी शिक्षा मंत्री जिम्मेदार कैसे नहीं है?
आदरणीय मोदी जी
पेट्रोल डीजल बचाने के जितने भी संदेश जनता के बीच जाने चाहिए थे, वे सारे के सारे जा चुके हैं। आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि अब अपने मंत्रियों को यह बात बता दीजिए। मैं तो कहूंगा कि बाकायदा एक पत्र जारी करके आदेश दे दीजिए कि अब किसी को भी पेट्रोल बचाने का संदेश नहीं देना है। जिनको पेट्रोल बचाना होगा, वे बचाएंगे और जलाना होगा वे जलाएंगे। रेट तो आप वैसे भी बढ़ा ही रहे हैं।
अब देखिए हमारे शिक्षा मंत्री जी रोडवेज की बस में आकर बैठ गए। अब मंत्री जी को यह पता नहीं है कि उनके कितने फोटो खींचे जाएंगे। फोटो खींचने के बाद वे उठने के लिए उद्यत हुए तो उन्हें फिर से बिठा दिया गया। अब आखिर कोई मंत्री, जिसके पास सरकारी फॉर्च्यूनर गाड़ी हो, सरकारी तेल से सरकारी ड्राइवर चलाता हो, वह आखिर रोडवेज में कितनी देर बैठेगा? मीडिया इतना हो गया है कि वह मंत्रियों के धैर्य की परीक्षा लेने पर उतारू हो जाता है।
आखिर हमारे मंत्री क्यों नहीं समझते कि रोडवेज की बस हमारे जैसे लोगों के लिए बनाई गई है। हालांकि हमारे रोडवेज में यात्रा करने से किसी को कोई संदेश नहीं जाता और हम कोई फोटो भी पोस्ट नहीं कर सकते क्योंकि इससे उल्टा संदेश यही जाता है कि भाई आजकल कड़की में चल रहा है। इसलिए लोगों को उनके हाल पर छोड़ दीजिए। आपके मंत्रियों के रोडवेज में आकर बैठने से उल्टा लोग डिस्टर्ब ही होते हैं। रोडवेज की बस तक आने में जो सरकारी पेट्रोल डीजल खर्च होता है वह अलग।
उम्मीद है, आप हमारे मन की बात जरूर समझेंगे और जरूरी कदम उठाएंगे।