@BJP4India@NitinNabin Per aaj ko barbad karane ka shrey bhi is government ko hi milega kyonki BJP ne desh jatiya nafrat ka jo jahar bo diya hai usake samane to congress ka tushtikarn zero level ka hai
@gaarimaa04@ajeetbharti Aag lagane walon ke samane purnatah aatamsamarpan,gali suno,mar khao,FIR hatao,sena ka apaman sahan karo etc. aur phir puchho mai bap aur kya chahiye sab milega
@ajeetbharti सबसे आसान तरीका है गले मे नीला दुपट्टा, हांथ में अम्बेडकर की किताब, और जय भीम के नारे, यदि इतना कर लीजिए और हां कभी कभी ब्राह्मणव���द मुर्दाबाद और मनुवाद मुर्दाबाद बोल देते तो शायद दिल्ली पुलिस परमीशन दे देती।
टेक्नीक ही गलत है तुम्हारी! पहले तो आपने दिल्ली एयरपोर्ट पर ��ना था, हाथ में अंबेडकर की किताब रखनी थी और गाना था: दिल की सुर्ख दीवारों पे, दीवारों पेऽऽऽ, नाम है तेरा तेरा
तब दिल्ली पुलिस देती है परमिशन।
@ajeetbharti@BJP4India जब तक SC ST ACT पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता तब तक BJP का बहिष्कार करें..सामान्य वर्ग क्यू इनके GC के खून के प्यासे नफ़रती अम्बेडकरवादियों के लिए अपनी बलि चढ़ाये..दिख रहा है ये कितनी नफरत करते हैं सवर्णो से फिर इनके खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं लेती सरकार?
जिस बाल्मीकी समाज का पाँव मोदी जी धोते थे, उसका यूपी में कितना उत्थान हुआ है? उपवर्गीकरण समय की माँग है।
बा���्मीकी समाज की ही तरह, मुसहर समाज को भी रावण जैसे जातिवादी नेताओं के भीड़ की ब्लैकमेल वाली धमकी का उत्तर, ऐसे ही सड़कों पर शांतिपूर्ण आंदोलन से देना चाहिए। आपके अधिकार की लड़ाई को मेरा पूर्ण समर्थन है।
Atrocity Act अब कई मामलों में असली अत्याचार रोकने का कानून कम, राजनीतिक हथियार ज्यादा बन गया है।
हिंदू देवी-देवताओं पर गाली-गलौज चले — कोई केस नहीं लेकिन वहीं अंबेडकर या किसी दलित नेता की आलोचना हो तो तुरंत SC/ST Act लग जाता है।
ये डबल स्टैंडर्ड ही असली समस्या है। कानून सबके लिए बराबर हो��ा चाहिए, न कि किसी एक समुदाय के लिए हथियार।
@ajeetbharti निशु आजाद और उनके पिता संजय के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है
अब हर जिले में हिंदुओं को अपने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए
इनकी गिरफ्तारी जल्द से जल्द होनी चाहिए
कुछ लोगों को बिल्कुल भी आईडिया नहीं है कि कितने राष्ट्रवादी प्रतीक्षारत हैं जातिवादी कीड़ों को मसलने के लिए। ह��ारे पास अच्छे-अच्छे और पुराने टेंपलेट हैं।
लाल झंडा गाड़ने वालों की गांड में डंडा डाल कर, उल्टा टाँगा है हमने। झंडे का रंग बदल जाने से कोई डर जाएगा, ऐसा ना सोचें। हम अपनी भूमि, परिवार और समाज की रक्षा के लिए दोबारा उसी रूप में आने को तैयार हैं।
तुम वामपंथी वैचारिक लड़ाई को ज़मीन पर उतारोगे, नामलेवा नहीं बचने देंगे। तुम मज़हबी लड़ाई ज़मीन पर उतारोगे, गोभी बो देंगे। तुम जातिवादी, विभाजनकारी, हिन्दूद्रोही युद्ध उतारोगे, तो हम समेट देंगे।