भाजपा को जंतर मंतर वाला पढ़ा लिखा युवा नहीं चाहिए..उसे ये वाला युवा चाहिए…ये वाला युवा कांवड़ निकालता है…ये वाला युवा सरकार से कुछ नहीं मांगता है..ये वाला युवा सरकार को किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार भी नहीं ठहराता है…ये वाला युवा जो मांगता है भगवान से मांगता है…अच्छे बुरे के लिए भगवान को जिम्मेदार ठहराता है..ये वाला युवा हर चीज के लिए भगवान को उत्तरदायी मानता है..इसीलिए भाजपा इस वाले युवा के ऊपर फूल बरसाती है…और जंतर-मंतर वाले युवा पर बंदूकों से पैलेट दागती है..आंसू गैर के गोले दागती है..PRAGYA KA PANNA पर पूरी रिपोर्ट- कुछ देर में... https://t.co/HtlvGZ0lKk
आदरणीय सोनम वांगचुक जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि अपना आमरण अनशन स्थगित कर दीजिए। इस संवेदनहीन सरकार से आपकी नैतिक लड़ाई को समझने या सच्चे संवाद की उम्मीद बहुत कम है।
आपके पीछे खड़े हर युवा को वचन है कि शिक्षा और हर सड़ते तंत्र के सवाल हम सड़क से संसद तक उठायेंगे। जय हिंद!
जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र एक्शन गलत है-
रामपुर में #जौहर_यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र चलेगा. ये खबर सुनकर स्तब्ध हूँ. 2006 में बनी यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासन को अब होश आया है कि ये गलत तरीक़े से बनाया गया है. यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र वही चला सकता है जो शिक्षा के महत्व को नहीं समझता हो. इतना बड़ा कैंपस, उतनी शानदार यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र चलाने वालों के हाथ नहीं काँपेंगे? कोई भी विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है. जो बनने के बाद किसी एक व्यक्ति का नहीं रह जाता. हज़ारों स्टूडेंट जो वहाँ पढ़ाई कर रहे हैं उनका भविष्य तो अधर में चला जायेगा.
बेहतर तो ये होगा कि सरकार उसे अपने अधीन कर ले और चलाये यूनिवर्सिटी .
मगर उसे तोड़ना पूरी तरह से गलत है. सरासर गलत.
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के अनुसार, इसकी स्थापना साल 2006 में हुई थी. परिसर 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें कई बिल्डिंग्स हैं. यहाँ विज्ञान, लॉ, शिक्षा, वाणिज्य, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, नर्सिंग सहित पैरामेडिकल विज्ञान और एग्रीकल्चर से जुड़े कोर्स करवाए जाते हैं. इसके अलावा बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस जैसे इनडोर गेम और फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल, घुड़सवारी, रस्साकशी के ग्राउंड है.
वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 90 टीचर 24 अलग-अलग विषयों को पढ़ाते हैं.
दलित छात्रा की हत्या के विरोध में हो रहे प्रोटेस्ट में पहले से हिरासत में लिये गये प्रदर्शनकारी को मेरठ SSP द्वारा इस तरह खीझकर मारपीट करना पूरी तरह संविधान विरुद्ध है।
इसकी जितनी निंदा की जाये कम है।
एक IPS अधिकारी का इस तरह से आपा खो देना ये दर्शाता है कि इन दिनों लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस प्रशासन दुश्मन समझता है।
@Uppolice@meerutpolice
अब तो इस्तीफ़ा दे दो!
NEET की परीक्षा में फिर से धोखाधड़ी बताती है कि भाजपाई गैंग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा लगाकर आई, क्योंकि नीचे-से-ऊपर तक सब मिले थे, इसीलिए बायोमेट्रिक की जाँच में भी घपला किया गया। ये तो एक जगह है जहाँ बात खुल गई, बाक़ी न जाने और कितनी सेंटरों पर ये हुआ होगा।
युवाओं के साथ हो रहा ये धोखा तभी बंद होगा जब भाजपा के ख़िलाफ़ इस देश का हर छात्र, उनके माता-पिता, उनका संपूर्ण परिवार एकजुट हो जाएगा।
भाजपा अपराध और नाउम्मीदगी का दूसरा नाम बन गई है।
वोट की लूट से बनी सरकार, पेपर धांधली से लेकर चढ़ावा-चंदा-दान चोरी तक पहुँच गई है। भाजपा और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों ने सरेआम-बेईमानी के अपने ही बनाए रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं।
#NEET
#NEET_REEXAM
Going home to see my parents, it’s been more than a year since I last met them. They've suffered a lot over the last 15 days and had to leave home because of threats. Will be taking them back to home.
FYI, today’s protest was just a trailer. Thank you for showing up in such huge numbers! ❤️
#CPGRAMS/#PMOPG
प्रधानमंत्री जी को अब पत्र लिखने से कोई फायदा नहीं। अब #PMO के अधिकारी आपके पत्र को सीधे CPGRAMS पर डाल देते हैं, भले ही पत्र बधाई संदेश हो या शिकायत पत्र हो या पब्लिक पॉलिसी पर हो या फिर एक बड़े वर्ग की डिमांड हो। वहां आंखे बंद कर बस PMOPG पर अपलोड करने का रिवाज बना दिया गया है ताकि यह दिखाया जा सके कि CPGRAMS ने आखिर कितनी ग्रीवांसेज सुलटा दी हैं। जवाब में 40 दिन में आपके पास आ जाएगा कि ग्रीवांस DISPOSED कर दी गई है क्योंकि यह एक सजेस्टिव पत्र था आदि आदि। एक टाइम था जब उन पत्रों की प्रकृति के हिसाब से उनसे संबंधित कार्यवाही होती थी मगर अब ये महज औपचारिकता बन चुकी है। और तो और PMOPG के द्वारा आपको सैकड़ो बार मैसेज ऐसे मैसेज भेजा जाएगा कि मामला निपटा दिया गया है जैसे बीजिंग में भारत का झंडा गाड़ दिया हो। पिछले कुछ वर्षों से यह परंपरा बना दी गई है। माननीय प्रधानमंत्री जी मन की बात करते हैं तो हर हफ्ते एक पत्र लाइव आकर क्यों नहीं पढ़ते और उस पर अपनी प्रतिक्रिया देते ताकि हकीकत में कुछ कार्रवाई हो सके। लेकिन पब्लिक के पत्रों को सीधे पढ़ना शायद इतना आसान नहीं है। लेकिन जिस दिन प्रधानमंत्री @narendramodi जी स्वयं पत्र पढ़कर आदेश देने लगेंगे उस दिन सच्चे मायनों में लोकतंत्र की समस्याओं का समाधान होने लगेगा और पब्लिक को भी असल तसल्ली होने लगेगी। #manjeetsinghpatel
बेरोज़गार युवा क्रिकेट का खेल देखकर तालियाँ पीट रहे हैं.
इन बेरोजगार दर्शकों की बदौलत BCCI अरबपति हो चुका है. बाज़ार मालामाल है. और खिलाड़ी अपनी सात पीढ़ियों का बंदोबस्त करके संन्यास ले रहे हैं…
आपके पसंदीदा खिलाड़ी को आपकी बेरोज़गारी और अवसाद से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता.
आपने अपने जीवन के सैकड़ों-हज़ारों घंटे उनके लिए बर्बाद कर दिये, उनकी तरफ़दारी में कीबोर्ड पर उँगलियाँ घिस डालीं…
…लेकिन उनकी तरफ़ से आपके रोज़गार के लिए दो ट्वीट तक नहीं हुए!
क्यों करेंगे वो? उनका एक-एक ट्वीट लाखों-करोड़ों का होता है…और आप! आप जाकर अपना बाज़ार भाव पता कीजिए.
#IndiaVsNewZealand #T20WorldCup