Catch a student cheating in exam, get slapped with false SC/ST case
Catch woman travelling without ticket in train, get slapped with false Molestation case
Catch woman committing fraud at workplace or under performing, get slapped with false sexual harrassment case
Catch girlfriend cheating with other man, get slapped with a false rape case
INDIA IS FALSE CASES CAPITAL OF THE WORLD
No caste angle has been brought up yet in the assault video coming from Jamui, Bihar.
I am sure the victims must be UCs and the accused must be from shoshit-vanchit varg. Otherwise, it would already be making headlines as Dalit beti, Dalit beti, and all the politicians would have reached there within hours.
भाजपा के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव की तरफ से दायर 50 करोड़ रूपये मानहानि मुकदमे के बाद सुनाई खरी खोटी ,
बाबा रामदेव की आज तक ऐसी बेइज्जती किसी ने नहीं की होगी , आप सुनने के लिये हेड फ़ोन का इस्तेमाल कर सकते हो ,
—बात 1992 के राजस्थान के एक गांव की है।
—गांव में गुज्जरों की अधिकता थी।
—एक दिन एक गुज्जर परिवार अपनी 3 महीने की बेटी की शादी कर रहा था।
—उसी गांव की एक महिला भंवरी देवी ने इसका विरोध किया।
—पुलिस आई। लेकिन गुज्जरों का प्रभाव इतना था कि शादी हो गई।
—गुज्जरों ने इस बात का गुस्सा भंवरी देवी का गैंगेरेप करके निकाला।
—केस मीडिया की नजर में आया।
—लोगों ने प्रोटेस्ट किया तब जाकर सरकार और पुलिस जागी।
—जब rapists को पकड़ने की कवायद तेज हुई तब गुज्जरों ने अपने बलात्कारी भाइयों के पक्ष में महापंचायत बुलाई।
—जिन गुज्जरों ने rape किया था उनको उस महापंचायत में हीरो की तरह दिखाया गया।
—यही केस जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तब कोर्ट ने Workplace पर महिला सुरक्षा को लेकर guidelines बनाई। इसी Guideline को आज Vishakha Guidelines कहा जाता है।
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—कल हुई गुज्जरों की महापंचायत को भंवरी देवी के बलात्कारियों के पक्ष में बुलाई गई महापंचायत के साथ ही देखा जाना चाहिए।
Sub clan of kachwaha clan of rajput 🌞
The Shekhawats and The army
1. First woman martyr
Kiran shekhawat
2.most decorated army officer
Saurabh Singh Shekhawat
3.India first Adc
Navya shekhawat
अलीगढ़ के सचिन राघव को कुछ अराजकतत्वों ने सड़कों सड़कों पर पी’टा |
यह पुर्णत: असंवैधानिक कृत्य है, इन अराजकतत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए,
इसके बाद 13 लोगों पर SC/ST Act में FIR भी करवा दिया गया...
1. सुंदर राघव — क्षत्रिय
2. गौरव सास्वत — ब्राम्हण
3. देवेंद्र शर्मा — ब्राम्हण
4. शांतनु महाकाल — ब्राम्हण
5. गौरी पाठक — ब्राम्हण
6. अमित सारस्वत — ब्राम्हण
7. रुद्रा पंडित — ब्राम्हण
8. पिंकू वार्ष्णेय — ब्राम्हण
9. मुकेश शर्मा — ब्राम्हण
10. सचिन राघव — क्षत्रिय
11. सोनू गुप्ता — बनिया
12. केशव श्रीवास्तव — कायस्थ
13. नितिन सक्सेना — कायस्थ
ठाकुर सचिन राघव घोर हिंदुवादी व्यक्ति हैं, सवर्ण एकता व ब्राम्हण रक्षार्थ हेतू बलिदान के लिए सबसे पहले पक्ति में अग्रसर रहते हैं...
सचिन राघव कह रहे कि, उनके समर्थन में आज 25-50 क्षत्रिय भी नहीं खड़े हैं...
खैर, सचिन राघव जी यह बताइए कि जब थोड़े नेम-फेम, वायरल होने के लिए आप जैसे लोग असंवैधानिक टिप्पणी करते हैं तो क्या समाज से पुछकर करते हैं ?
खैर, आप तो ठहरे कट्टर हिन्दू सवर्ण मसीहा...
कितने हिंदू संगठन आपके समर्थन में आये ?
1. परशुराम सेना
2. ब्राम्हण महासभा
3. अखिल ब्राम्हण महासभा
4. विश्व हिन्दू परिषद (VHP)
5. बजरंग दल
5. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कितने संगठन आज आपके साथ खड़े हैं...?
इसलिए क्षत्रिय युवाओं से अनुरोध करता हूं कि किसी के बहकावे में ना आए, असंवैधानिक टिप्पणी से बचें | किसी भी समाज व उनके नायकों पर गलत टिप्पणी ना करें...
आपको चने के झाड़ पर चढाने के लिए, हिंदुत्व, सवर्ण, ब्राम्हण, गऊ कि लठैती करवाने के लिए अनेक मिल जायेंगे.....
लेकिन जब धरातल पर मदद के लिए कोई नहीं दिखेगा, इसलिए समझार बनिए....✊
@PrabhakarJai1@PTI_News Ha sab to andhe hai na bsdk left se kaun overtack karta bo bhi itni speed se dhoom 4 ki shooting kar rha tha salo jativaadi gacchar log
UGC act, Paper leaks, Ram Mandir robbery, Ethanol scam, Inflation, UPI charges, All these vile things happened within 9 months.
BJP IT celliyas will call it MASTERSTROKE.
राजस्थान निकाय चुनाव को प्रचंड जीत बता कर खुद गाना गा कर शीशे के सामने नाचने वालों 👇इस डेटा पर भी नजर मार लो।
और किस जगह पर खड़े हो देख लो।
सामान्य वर्ग 5% भी निर्दलीय की जगह कांग्रेस को चुन लेता तो प्रचंड जीत प्रचंड हार में बदला जाती।
हम अभी कांग्रेस सपा को अपना विकल्प की तरह नहीं देख रहे पर जिस तरह से जातिवादी छर्रे कूद रहे हैं उस हिसाब से विकल्प बनाने में देर भी नहीं लगेगी।
यदि तुम अपने फायदे के लिए फुले की विचारधारा के साथ जा सकते हो तो हम भी जा सकते हैं।
पलटी मारनी हमे भी आती है।🙏
इसलिए अनुरोध है जातिवाद बढ़ाना बंद करो।
मनमाने तरीके से परिसीमन, पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल, मुख्यमंत्री के रोड शो आदि के बावजूद नगरीय निकाय चुनावों में हार से बौखलाई भाजपा अब मेयर बनाने के लिए अब पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। 10 नगर निगमों में से पाली, बीकानेर, अजमेर और भरतपुर नगर निगमों में हार चुकी भाजपा अब जोधपुर और अलवर में पुलिस के द्वारा निर्दलीय और कांग्रेस के पार्षदों को डरा-धमकाकर अपने पक्ष में करना चाहती है।
पुलिस और जिला प्रशासन सुनिश्चित करें कि ऐसा पक्षपातपूर्ण काम न हो। कांग्रेस इस कृत्य को बेहद गंभीरता से ले रही है। ऐसे अनुचित कृत्यों में शामिल अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बीजेपी के छर्रे जिस तरह रो रहे हैं, उससे इतना तो पता चलता है कि बीजेपी के अंदर खलबली तो है।
इन्हें पता है कि सामान्य वर्ग का 10% वोट भी अगर छिटक गया, तो बीजेपी 100 सीटों से नीचे आ जाएगी।
बीजेपी और उसके चाटुकारों को पता है कि कुल 100 वोटों में NDA को लगभग 40 से 45 वोट मिलते हैं, जबकि बाकी 55 से 60 वोट विपक्षी पार्टियों को जाते हैं।
NDA के 40 से 45 वोटों में करीब 25 से 30 वोट सामान्य वर्ग के होते हैं।
अब यदि सामान्य वर्ग बीजेपी के नीले प्रेम को देखते हुए, बीजेपी को वोट न दे और किसी अन्य पार्टी को भी वोट न दे, तो भी बीजेपी 100 सीटों से नीचे आ जाएगी । और यदि सामान्य वर्ग अपना वोट दूसरी पार्टियों में बांट दे, तो बीजेपी वापस 2 सीट पर आ जाएगी ।
इसलिए बीजेपी के हितैषियों से आग्रह है कि आग में घी न डाले।
इस आग का ताप झेल नहीं पाओगे।
@Sadhvi_prachi@Baliyan_x@eklavyajpr