परमवीर क्षत्रिय राजा रामचन्द्र जी का राजपरिवार, परमवीर क्षत्रिय पांच पांडवों का राजपरिवार व परमवीर क्षत्रिय महाराणा प्रताप जी का राजपरिवार अपने महलों को त्याग बेघर हो कभी यूँ नहीं भटकते फिरते अगर उनके प्रिय क्षत्रिय रिश्तेदार लालच वश उनके विरुद्ध बड़ा षड्यंत्र कर अधर्म नहीं करते।
esp. when there were no guns and cannons by which it's easy to kill enemies without using too much strength, unlike by fighting with swords and spears etc.
Jauhar is different from the Sati in which a patni willingly ended her life on a pyre after the demise of her pati.
Horrendously wrong comparison between a kind and great queen Padmavati who sacrificed her life for honour and the cruel barbaric dacoit Phoolan who murdered people in cold blood.
Only those women who had trained for fighting for a long time could fight trained armies not others
When given an opportunity in life, choose not to copy Padmavati. Draw inspiration from Phoolan Devi, Jhalkari Bai, Uda Devi Pasi, Rani Lakshmi Bai or Rani Durgavati. The filmmaker should be held accountable under the Sati Prevention Act, 1987 for glorifying such a horrific act. There are countless examples of courageous women who have taken up arms to fight for their rights.
सेना मेडल प्रदान किया गया।
फिल्म निर्देशक जे.पी. दत्ता ने वर्ष 2018 में कर्नल बिशन सिंह राठौड़ के जीवन पर आधारित फिल्म पलटन बनाई थी। फिल्म में उनका किरदार सोनू सूद ने अदा किया था। कर्नल राठौड़ जी पिछले कुछ वर्षोँ से लेखन कार्य भी कर रहे थे।
जय भारत 🚩
जय क्षत्रिय धर्म ⚔️🚩
भारतीय सेना में नाथुला टाइगर के नाम से विख्यात कर्नल बिशन सिंह राठौड़ का रविवार सुबह 84 वर्ष की उम्र में जयपुर में निधन हो गया। उनका जन्म भ���वानपुरा गांव, नागौर जिले में हुआ था।
कर्नल बिशन सिंह राठौड़ जी को भावभीनी श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन। 🏵️🙏🏼
कर्नल बिशन सिंह राठौड़ जी ने 1967 के भारत-चीन युद्ध नाथू ला बैटल में हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए पर उनके व उनकी सैन्य टुकड़ी के अदम्य साहस के कारण चीन की सेना को वापस पीछे हटना पड़ा। जिसके लिए उन्हें ‘नाथुला टाइगर’ के नाम से जाना जाता है। युद्ध में वीरता के लिए उन्हें...
परमवीर योद्धाओं गोरा जी और बादल जी के मेवाड़ की राजधानी रही चित्तौड़ में किर खेड़ा, भोई खेड़ा गांवों में बेड़च और गंभीरी नदि���ों के संगम के समीप समाधियां प्रस्तर स्तम्भ स्थापित हैं जिस जगह उन्होंने लड़ाई में अद्भुत शौर्य दिखाते हुए दुष्ट मक्कार अलाउद्दीन खिलजी की छावनी में घुसकर..
"महारानी हो तुम सिसोदिया कुल की जगदम्बा हो प्राण प्रतिष्ठा एक लिंग की ज्योति अग्निगंधा हो।
जब तक गोरा के कंधे पर दुर्जय शीश रहेगा महाकाल से भी राणा का मस्तक नहीं कटेगा।
तुम निश्चिन्त रहो महलों में देखो समर भवानी और खिलजी देखेगा केसरिया तलवारों का पानी।"
– जय माँ भवानी ||
भूख से जूझते अफगानिस्तान को 2 करोड़ किलोग्राम अनाज भेज रहा ���ै भारत, गरीबों की मदद के लिए पहली खेप रवाना: पहले भेज चुका है 4 करोड़ Kg अनाज
#Afghanistan #India #Grains
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ऊँ भूर्भुवः स्व: | तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गो देवस्य धीमहि | धियो यो नः प्रचोदयात् ||
राजपूत क्षत्रिय ब्रह्मर्षि विश्वामित्र जी ने परम तप करके विश्व को महान गायत्री मंत्र प्रदान किया जो सूर्य देव को समर्पित है।
जय क्षत्रि�� धर्म 🚩
जय सूर्य देव || 🏵️🙏🏼
परमवीर राजपूत क्षत्रिय महाराजा सुहेलदेव जी जिन्होंने आक्रमणकारी सैयद सालार मसूद गाजी को बहराइच के युद्ध उसकी विशाल सेना सहित मार गिराया था उन्हें शत् शत् नमन। 🏵️🙏🏼
जय क्षत्रिय धर्म 🚩
जय राजपूत महाराजा सुहेलदेव 🚩
#RajputMaharajaSuheldev
और विदेश से भारी तोपें, बन्दूकें लाकर प्रयोग करने से राजपूतों को भारी हानि हुई, फिर भी हजार साल तक राजपूत लड़ते रहे तभी 1947 से पहले राजपूतों की भारत में 500 से अधिक बड़ी रियासतें थीं जिनमें राजपूतों के अनेक ठिकाने थे। इसके अलावा हजारों राजपूत तालुकदारों, जमींदारों के क्षेत्र थे।
प्रोफेसर बताकर @profapm का फिर इतनी मूर्खतापूर्ण बातें करना हद है!
राजपूत कई सौ सालों तक पहले जीतते रहे थे, बप्पा रावल व उनके वंशजों और अन्य राजपूत राजाओं का इतिहास पढ़ो। यह ��ो विदेशी आक्रांताओं ने बाद में छल-कपट कर, राजपूतों के रात में युद्ध न लड़ने की परंपरा का फायदा उठाकर...
स्वयं को प्रोफेसर बताकर फिर इतनी मूर्खतापूर्ण बातें करना हद है!
राजपूत कई सौ सालों तक पहले जीतते रहे थे, बप्पा रावल व उनके वंशजों और अन्य राजपूत राजाओं का इतिहास पढ़ो। यह तो विदेशी आक्रांताओं ने बाद में छल-कपट कर, राजपूतों के रात में युद्ध न लड़ने की परंपरा का फायदा उठाकर...