हे मूर्खों !
मुख्यमंत्री जी ने खुद के बारे में कहा है कि उन्होंने सब्जियां बेची हैं।
पीढ़ी दर पीढ़ी युवाओं से दरियां बिछवाने वाले और कोर्ट के माध्यम से पिछले दरवाजे से भर्तियों को अटकाने वाले अब स्वरोजगार के भी दुश्मन बन गए हैं।
सरकारी नौकरी मिलने तक स्वरोजगार में बुराई क्या है?
दरअसल घोर वंशवादी CLU गैंग के लोग अंध विरोध में इतने अहंकारी हो गए हैं कि जायज बातों में भी राजनीति ढूंढ लेते हैं।
ये बात और है कि जनता उन्हें चुनाव दर चुनाव नकारती जा रही है