ગુજરાત પોલીસ ભરતી બોર્ડ દ્વારા 472 PSI ભરતીનું આખરી પરિણામ જાહેર થયાને 4 મહિનાથી વધુ સમય વીતી ગયો છે, છતાં સફળ ઉમેદવારોને હજુ સુધી નિમણૂક આપવામાં આવી નથી.
રાજ્યમાં કાયદો અને વ્યવસ્થા વધુ મજબૂત બને તેમજ યુવાનોની વર્ષોની મહેનતને યોગ્ય પરિણામ મળે તે માટે વિનંતી છે કે નવા PSI બેચની ટ્રેનિંગ અને નિમણૂકની પ્રક્રિયા સત્વરે શરૂ કરવામાં આવે.
આશા છે કે સરકારશ્રી અને સંબંધિત વિભાગ આ બાબતે વહેલી તકે હકારાત્મક નિર્ણય લેશે.
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शब्द वही है बस साल और समय बदल गया। इस बार UPSC CSE 2024 का रिजल्ट आया है । मेरी रैंक AIR 483 है। लेकिन यह पोस्ट उसको लेकर नहीं है ।शुरुआती असफलताओं के बाद लगातार तीन बार (IRS, IPS, …483*) UPSC की परिणाम सूची में अपना नाम देखना और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का हिस्सा बनने का गर्व और संतोष मेरे लिए कम नहीं है।
2020 से लेकर आजतक की इस यात्रा की कितनी ही यादें है ;कितनी ही सीखे है। इस प्रिपरेशन में बहुत शानदार दोस्त मिले जिन्होंने जिंदगी की कहानी के एक अंश को बुनने में बहुत मदद की ; बहुत अच्छे शिक्षकों और ढेरों किताबों से सामना हुआ जिन्होंने भीतर के खालीपन को भरा; बहुत हितैषी मिले जिन्होंने अपनी शुभकामनाओं से नियति को मेहरबान करवाया। मेरी वाइफ़ जिसने मेरे बड़े सपने के लिए अपने ख़्वाब ,अपनी खुशियों को ग़ैर जरूरी बताकर मुझे निश्चित हो कर पढ़ने के लिए कहा । परिवार और मददगार साथियों ने असफलताओं में सहारा दिया। कितना कुछ …..।
कई परीक्षाओं के कई पेपर, कई शहर , कई ढाबे और चाय की बैठके इस सफ़र की गवाह रही। खूब भटके , ख़ूब रोये । इस एक परीक्षा ने खुदकों माँझने, संवारने में बहुत मदद की , बहुत तजुर्बे दिए। उन सबकों इत्मीनान से किसी और दिन दर्ज करूँगा ; लेकिन आज यह सब लिखने की वजह दूसरी है ।
मैं सोचता हूँ कि अगर मैं सफल नहीं होता तो क्या मुझे यह सिविल सेवा की यात्रा इतनी ही सुहानी लगती ? या एक त्रासदी की याद बन जाती? पता नहीं । लेकिन मैं सफल नहीं होता तो भी कभी आत्मतरस या हीनता से नहीं भरता , खुदको नहीं कोसता । अफ़सोस ज़रूर होता लेकिन उस अफ़सोस को मैं ज़िन्दगी भर नहीं ढोता। मैं इस असफल कोशिश से जो भी सीखता उससे अपने जीवन को बेहतर बनाने में लगता। मैं प्राइमरी स्कूल टीचर होता और खुश होता। ऐसे बहुत से एग्जाम्पल है जो बताते है की UPSC की परीक्षाओं में असफल लोगो ने अपने अपने क्षेत्रों में कमाल किया है।
मेरे लिए UPSC की यात्रा आज समाप्त हुई।जीवन अब एक नहीं राह के मुहाने पर है और अब भारतीय पुलिस सेवा(IPS) ….ही स्वधर्म है । लेकिन जिन के लिए यह सफ़र अधूरा है या जिन्हें कामयाबी नहीं मिली उनके लिए एक बात जो मैंने UPSC CSE 2023 के रिजल्ट के समय लिखी थी -
वही बात दोहराता हूँ …
शब्द वही है बस साल और समय बदल गया। इस बार UPSC CSE 2024 का रिजल्ट आया है । मेरी रैंक AIR 483 है।
लिस्ट में 1016 उम्मीदवारों का सिलेक्शन हुआ है। हर नाम के पीछे एक कहानी होगी। हर कहानी का एक संघर्ष होगा। लेकिन इन 1016 सफ़ल कहानियों के बाहर इसी एग्जाम की अनगिनत अनाम कहानियाँ है। जो अंतिम चयन सूची में दर्ज नहीं है। रिज़ल्ट के बाद का शोर जब आपके लिये सन्नाटे में बदलता है तो कोई मोटिवेशनल कहानी काम नहीं आती। तब ख़ुद पर एतबार और सख़्त दिली बहुत ज़रूरी होती है। ऐसे बहुत से उदाहरण है जो बताते हैं कि इस परीक्षा की असफलता जीवन की असफलता नहीं बनती है।
मेरे बहुत से दोस्त है जो एक नंबर, दो नंबर , तीन नंबर ….। से इस एग्जाम की प्रक्रिया से बाहर हुए है। मैं भी इसी तरह से कई बार अलग-अलग एग्जाम में असफल हुआ। सिविल सर्विस के एग्जाम में भी इंटरव्यू देने के बाद जब एक नंबर से प्रिलियम्स नहीं हुआ तो समझ आया कि कोई दिलासा काम नहीं आता। भीतर सब बिखर जाता है। सुझता नहीं कुछ। कई बार यह घुटन बहुत गहरी होती है जब आप सफलता के बहुत नज़दीक होकर भी चूक जाते है तो।
ऐसे में सफलता और असफ़लता के बीच की दूरी को कम करना बहुत ज़रूरी होता है। हम सब के लिये सफलता के पैमाने आत्मनिष्ठ हो सकते है। और होते भी है। लेकिन मैंने यह महसूस किया है कि आपकी सफलता चाहे कितनी ही भव्य क्यों ना हो या फिर आपकी असफ़लता कितनी ही विनाशकारी क्यों ना हो। दुनिया को कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ता है। यह सब ऐसे ही चलता रहता है। साल दर साल रिज़ल्ट आते है…..। सदियों से यही चल रहा है।
सारी लड़ाइयाँ व्यक्तिगत होती है। इसलिए अपने सपने , अपने चयन , अपने ख़्याल बचा के रखो। उन्हें सफलता के बोझ से बोझिल न होने दो। और ना ही नाकामयाबियों को नाकामयाबियाँ ही समझो।
एग्जाम हुआ है इसलिए नहीं कह रहा हूँ। या सफलता के बाद का ज्ञान नहीं है। मनोभाव थे तो सोचा लिख दे। क्योंकि कोई है जिसे फिर उठना है, पढ़ना है। वही चीजे बार बार दोहरानी है। उन्हीं किताबों से राबता करना। मुश्किल है। लेकिन बनने के लिए किसी को लड़ते, झूंझते संघर्ष करते देखने से खूबसूरत भी कुछ नहीं है। तो बस एक बार और……….।