सुरू झालं का??
कोठडी नंबर अमुक अमुक आहे, आजुबाजुच्या सेल मध्ये ढमुक ढमुक आहे, पंखा आहे, माठ आहे, जेलचं जेवण केलं, पुस्तक वाचलं, शी केली, चकरा मारल्या, झोप नाही लागली, वगैरे वगैरे...
#मराठीमिडीया#presstitutes
एक मध्यमवर्गीय पति अपनी पत्नी से #प्यार ज़ाहिर करने के लिए, उसे सालगिरह पर कहीं नही ले जा पाता!
वो रात में घर में जब सब सो जाते हैं तब, ऑफिस वाले बैग में से चाँदी की एक जोड़ी पायल और लाल काँच की चूड़ियाँ निकाल कर पत्नी को पहनाता है।