आरक्षित हूं, 39 वर्ष का हो रहा हूं, और 17 वर्षों से प्राइवेट कंपनी में काम करके अपनी दाल रोटी चला रहा हूं! सर्वोच्च न्यायालय के फैसले आरक्षण उप वर्गीकरण से अथाह आनंदित हूं, मुझे तो नही आने वाली पीढ़ी को जरूर लाभ मिलेगा, साधुवाद माननीय न्यायपालिका 🙏
देश 85 प्रतिशत दलित आदिवासी है फिर भी हमारे नेताओं को सिक्योरिटी चाहिए!
और तो और मूर्ति पूजा को पाखंड बताने वाले अंबेडकरकी मूर्तियां को z पल्स सिक्योरिटी दी जाती हैं उतने खर्च में अस्पताल स्कूल खोले जा सकते है
चंद्रशेखर रावण का पीआरओ अवैध मजार को बचाने के लिए खुद को गोली मारने की धमकी दे रहा था और लोगों को भड़का रहा था। मौके पर पहुंचे डीएसपी डा० अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने भीम आर्मी के विक्टिम कार्ड माॅडल की हवा निकाल दी। नेताजी की जीहुजूरी कर रहे पुलिस वालों की क्लास लगाई हो अलग। सिंघम बनकर रील बनाने वालों से नहीं असली सिंघम से मिलिए।
जो बंद कराने आये थे तवायफों के कोठे...
मगर सिक्कों की खनक देखकर, खुद ही मुजरा कर बैठे।
ये लाइन उन अंबेडकरवादियों पर सटीक बैठती है जो मूर्ति पूजा को पाखंड डोंग बताते थे, आज वही सबसे ज्यादा मूर्ति पूजा कर रहे है।
क्या ये आंबेडकर के चरित्र पर हमला नहीं है ?
भला आंबेडकर का खून प्रियांक खड़के की रगो में कैसे दौड़ सकता है।
मेरा सभी अंबेडकरवादियों से अनुरोध है इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाए।
आंबेडकर के चरित्र पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
आरक्षण उप वर्गीकरण हुआ तो बैरवा बलाई मेहरा महार चमार जाटव अहिरवार वाली राजनीतिक सीटों पर वंचितों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा!
@Hkhandelwal1964@BJP4MP@DrMohanYadav51
अगर आत्म समर्पण कर चुके भरत तिवारी की बिहार पुलिस द्वारा एनकाउंटर में की गई हत्या की घटना सत्य हैं तो ये हमारे देश एवं लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं।
@officecmbihar से अनुरोध है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हेतु विशेष जांच टीम का गठन करें एवं आरोप सत्य पाए जाने पर दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही करें।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राज्य सरकारों को अनुसूचित जाति वर्ग के भीतर सबसे वंचित जातियों को प्राथमिकता देने, वर्गीकरण (कोटे के अंदर कोटा) करने का संवैधानिक अधिकार मिला है, अन्य राज्यों में इसे लागू किया जा रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश इसे लेकर अचेत है अभी कोई नीति नियत नहीं लग रही!
अखिलेश जी, अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा पर संयम कर लें...
नहीं समझा सकते तो हमारे हवाले कर दो, हम उनको अच्छी तरह समझा देंगे...
दिन रात बाबा साब के नाम पर छलने पलने वाली जातियों में इतना तो मानवतावाद समानतावाद और सामाजिक न्याय न्यायिक चरित्र उत्पन्न हो गया होगा कि अपने वर्ग की वंचित जाति के वर्गीकरण का विरोध ना करें!