अगर सरकार यह समझ रही है कि किसी एक समुदाय को खुश करने के लिए दुसरे समुदाय के लोगों की अस्था के साथ उनके मस्जिदों को तोड़ कर राजनीति करना है तो मुझे लगता है कि अब हिन्दू मुस्लिम की राजनीति चलने वाली नहीं है
एक तरफ हम विश्वगुरु बनने की बात कर रहे हैं तो दुसरी तरफ हमारे हीं देश के एक राज्य है बिहार जिसमें चम्पारण के श्रीनगर प्रखण्ड ठकराहा का यह विडियो है जिसमें बच्चे DM साहब से कह रहे हैं कि हमारे स्कूल में शिक्षक भेजे यहां पढ़ाई नहीं हो रही है 😭😭😭😭💯
क्या देश में मुसलमानों को इतनी भी धार्मिक और कानूनी आज़ादी नहीं है कि वे ज़िला अदालत के फ़ैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें?
सहारनपुर प्रशासन को मस्जिद पर बुलडोज़र चलाने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों थी?
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद: 1909 की यह ईंट बता रही है कि मस्जिद 1911 में बनी थी। जिस मस्जिद को अवैध बताकर ढहा दिया गया, उसी के मलबे से निकली यह ईंट आज उसकी मौजूदगी और इतिहास की गवाही दे रही है।
छात्र-छात्राओं से हार्दिक अपील: जौहर यूनिवर्सिटी और तालीमी इदारों को बचाने के लिए आगे आएं
देश के शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदा स्थिति, खासतौर पर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चिंता बढ़ रही है। शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को राजनीति से दूर रखना और तालीमी इदारों की मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
देश के युवाओं और छात्र-छात्राओं से अपील है कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर तालीमी इदारों की हिफाज़त के लिए आगे आएं और ऐसे संस्थानों में बढ़-चढ़कर दाख़िला लें, ताकि उनकी शैक्षणिक और सामाजिक प्रासंगिकता बनी रहे।
किसी भी संस्थान में कमी होने की स्थिति में उसे बातचीत और प्रशासनिक तरीकों से दूर किया जा सकता है। लेकिन किसी संस्थान को कमजोर करने की कोशिशों का असर छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी और बेहतर शिक्षा के माध्यम से देश की शैक्षणिक बुनियाद को मजबूत किया जा सकता है। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के देश के प्रति योगदान को याद रखते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे की हिफाज़त आज की महत्वपूर्ण जरूरत है। मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना देश की वास्तविक तरक्की संभव नहीं।
#ArshadMadani
#SaveEducation
#StudentsForEducation
#JauharUniversity
दोस्तों अगर आजादी के 80 साल बाद भी किसी को मुसलमान होने के कारण मारा जाता है तो मुझे लगता है कि यह बहुत ही ओछी और शर्मनाक है इस महिला पत्रकार की गलती यहीं है कि वह एक खास जाति समुदाय से है। 💯🙏🙏🙏
"धर्म" और जाति के आधार पर इन मुस्लिम पत्रकारों को जैसे बेरहमी से मारा गया यह बात सब देश जान गया है। लेकिन जो लोग मुसलमानों के हितैषी समझते हैं अभी तक उनके और ना उनके पार्टी का कोई स्टेटमेंट सामने आया है, धर्म या जाति के नाम पर किसी को मारना कहीं न कहीं मुझे लगता है कि निंदनीय है।
Tit for Tat!
साकेत थाने में दिल्ली पुलिस पत्रकार की FIR दर्ज नहीं कर रही थी। तभी सोशल एक्टिविस्ट हूदा ज़रीवाला ने दिल्ली पुलिस को उसी के लहजे में जवाब दिया। वीडियो देखिए।
दोस्तों कल जो घटना दिल्ली में महिला पत्रकार के साथ हुई, उसे देख कर दिल बहुत हीं दुखी है, आजदी के 80 साल के बाद भी हमारे समाज में जाती के नाम पर धर्म के नाम पर अअगर किसी को सताया जा रहा है तो मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं हमारे लिए इसे शर्मनाक बात कुछ नहीं हो सकता है, 💯💯💯💯💯
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
जब हमारा देश भारत 1947 में आजाद हुआ उस समय हमारी क्या हालत थी ये बात भली भांति आपको मालूम है। लेकिन ये बात आप क्यों नहीं बोल रहे हैं कि आज देश में जो भी स्कूल या विश्वविध्यालय है उन्हें कांग्रेस ने हीं बनवाई है।