Devband, Saharanpur: Members of the Hindu organization Bajrang Dal, Rudra Mishra and Ajay Prajapati, reached Hyderabad Chicken Center, which is run by Muslims. They forcibly entered the kitchen, recorded videos, and objected to the shop being open during the month of Sawan. They called the police, citing religious sentiments. The hotel was not located in an open or visible area, but in an underground section of the market.
टायर गवैया राष्ट्रीय नमकहर@म है।
असद के एनकाउंटर पर कुछ नहीं बोला न लिखा।
पूर्व सांसद मरहूम अतीक अहमद साहब और उनके छोटे भाई पूर्व विधायक मरहूम अशरफ़ की पुलिस कस्टडी में हत्या होती है लेकिन यह नमक हर@म उसपर भी कुछ नहीं बोला न लिखा।
अभी 06 अगस्त को पूर्व सांसद मरहूम अतीक अहमद साहब के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद का सड़क हादसे में इंतकाल हो जाता है उसपर भी कुछ नहीं बोला न ही लिखा
लेकिन ये नमकहर@म 06 अगस्त को अबान के इंतकाल के बाद अपना जन्मदिन मना रहा था। अतीक अहमद को अपने बाप की हैसियत बताने वाला बेग़ैरत को शर्म तक नहीं आया।
अतीक अहमद के बेटे की मौत पर हिन्दू महिला ने कहा हमे बहुत दुख है अबान की मौत का हमे बहुत दुख है क्योंकि आबान हम गरीबों का मसीहा था जबकि मीडिया पर इस परिवार को गुंडा माफिया जैसे शब्दों से पुकारती है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती, इस हिन्दू माता जी का कहना है हम मुम्बई में रहते हैं जब हमें खबर मिली के अबान बेटा का रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई है, तो हम तुरंत मुम्बई से अबान के घर के लिय निकल पड़े! और जब हमने घर पर पहुंच कर देखा तो अबान को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था! अब हम कब्रिस्तान पहुंचकर कब्र को देख कर ही दिल को तसल्ली देंगे, जबकि इन माता जी न अबान की कब्र पर सजदा किया और रोती हुई वहां से निकल गई जबकि इन सब बातों से साबित होता है कि अतीक का परिवार गरीबों के लिय एक मसीहा था। और वो हमेशा गरीबों के साथ खड़े रहते थे लेकिन आज कल सोशल मीडिया पर इस परिवार के खिलाफ कुछ और ही कहानी सुनाई जा रही है।
उसी इलाहाबाद में उस शख्स की कब्र है जो शख्स इस ‘शाइर’ के लिए ‘बाप की हैसियत’ रखता था। उसी ‘बाप’ की हत्या पर यह शाइर सार्वजनिक तौर पर “इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन” तक नहीं कह पाया था। आज उसी शहर में आबान का दफनाया गया है, आबान उसी शख्स का बेटा था जो शख्स इस शाइर के लिए ‘बाप की हैसियत’ रखता था। जब ‘अज्ञात’ शायरी पोस्ट करके पुरानी याद को ज़िंदा कर ही रहे हैं, तो इस याद में उन कब्रों पर भी फातिहा पढ आना, जिनमें दफन लोगों के कांधों का इस्तेमाल ‘ऊंचाइयों’ पर पहुंचने के लिए किया था।
इस मंच पर तक़रीर करने वाले ‘मुक़र्रिर’ को देखिए, सुनिए! फिर यह भी देखिए कि जब यह तक़रीर की जा रही थी तब ‘मुक़र्रिर’ क्या था! और आज क्या है। जिस शख्स को मुक़र्रिर ने ‘बाप की हैसियत’ दी थी, उस शख्स के परिवार पर ग़म का पहाड़ टूटा है, और यह एक बार नहीं कई बार हुआ है। सवा तीन साल पहले उस परिवार में 24 घंटे के भीतर तीन जनाज़े उठे, जिसमें एक जनाजा उस शख्स का भी था, जिसे इस मुक़र्रिर ने ‘बाप की हैसियत’ दी थी। बाकी दो जनाज़े उस शख्स के भाई और बेटे के थे। लेकिन वह मुक़र्रिर उस वक्त भी उन जनाजों पर सार्वजनिक तौर पर शोक प्रकट भी नहीं कर पाया था।
बीते रोज़ उसी परिवार का एक और सदस्य सुपुर्द-ए-खाक हुआ है। लेकिन मजाल भला कि यह मुक़र्रिर जो अब ‘सांसद’ भी है वह उस दुर्घटना पर सार्वजनिक तौर पर ग़म का इज़हार भी कर पाता। जब कांधों पर चढ़कर ‘बड़ा’ बनना था, तब भरे मंच से उस शख्स को ‘बाप’ बता दिया था। और जब बारी कांधा देने की आई तो ‘बेख़बरी’ की चादर तान ली। क्यों? क्या यह ‘डर’ था कि इससे राजनीतिक ‘तरक्की’ रुक सकती? माना हालात ‘अच्छे’ नहीं हैं, लेकिन इतने भी बुरे नहीं हैं कि किसी ‘अपने’ की मौत पर ग़म का इज़हार भी ना कर सकें।
His Royal Highness the Crown Prince, His Excellency the President of the Republic of Türkiye, and His Excellency the Prime Minister of the Islamic Republic of Pakistan performing Friday prayers at Masjid al-Haram in Makkah Al-Mukarramah.
राजस्थान के सरकारी स्कूल में टीचर नहीं हैं, तो चपरासी ही बच्चों को पढ़ा रहा है.
इसके विरोध में कल बच्चों ने स्कूल में ताला लगा दिया. Gen Alpha लगातार ऐसे प्रोटेस्ट कर रहे हैं.
मोदी जी पढ़े लिखे व्यक्ति हैं, उम्मीद है वो शिक्षा पर ध्यान देंगे.
📍बिहार
रोहित कुमार (Instagram: (Rohitsuperstar_09) लगातार खाना काबा (काबा शरीफ़), जो दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे मुकद्दस जगह है और जहां हर साल लाखों मुसलमान हज व उमराह के लिए जाते हैं, उससे जुड़ा कथित आपत्तिजनक कंटेंट साझा कर रहा है।
इस मामले की शिकायत Muslim Voice Cell पहले भी कर चुका है, लेकिन आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होने के बजाय पटना पुलिस ने X के माध्यम से हमें कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें हमारा नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी मांगी गई थी। जबकि पुलिस को आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी।
अगर उसी समय कार्रवाई हुई होती, तो शायद आज यह सिलसिला दोबारा देखने को न मिलता।
📍गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
"एक महीने कांवड़ियों से बड़ा कोई प्रधानमंत्री या विधायक नहीं है। प्रशासन गाज़ियाबाद से हरिद्वार तक अपनी गाड़ियों में कांवड़ लेकर जाएगा, क्योंकि कांवड़ खंडित हो गई है।"
यह बयान दक्ष चौधरी का है। अब सवाल यह है कि क्या दक्ष चौधरी जैसे लोग तय करेंगे कि प्रशासन क्या करेगा और क्या नहीं? क्या सरकारी मशीनरी कानून के हिसाब से चलेगी या ऐसे खुलेआम दिए जा रहे आदेशों के मुताबिक?
पत्रकार @ShoaibRaza87 ने टीएमसी के बाग़ी सांसद @iamyusufpathan ने सवाल किया कि क्या वह फिर से TMC के सम्पर्क में है? इस सवाल को युसूफ पठान बार-बार टालते रहे। और फिर आखिरकार उन्होंने कह ही दिया, “मैं नहीँ बोलूंगा।” सही भी है! बोलने लायक़ बचे भी कहाँ हो! बोलने लायक़ होते तो बोलते भी।