गाजियाबाद के लोनी से भाजपा का एक निकम्मा विधायक नंदकिशोर गुर्जर है। अभी दिल्ली प्रवास के दौरान उधर गया था तो देखा की उसके क्षेत्र की स्थिति जहन्नम से भी बदतर है। लेकिन धर्म का अफ़ीम चाटे हुए क्षेत्र की जनता को लोनी स्वर्ग मालूम पड़ता है इसलिए कोई आवाज़ नहीं उठाता है।
भाजपा के नेताओं का यही चाल-चरित्र चेहरा है की जब कोई क्षेत्र के विकास के लिए सवाल करे तो उसे अपराधी घोषित कर दे। विधायक नंदकिशोर गुर्जर को यह याद रखना चाहिये की लोकतंत्र में अपने उल्टी किया हुआ को ख़ुद साफ़ करना पड़ता है।
हाजी सलमान नाम के एक युवक ने सोशल मीडिया पर टूटी-फूटी सड़कों और सड़क पर जमे हुए पानी का वीडियो और फोटो शेयर कर दिया। उसने चॉक्ड और खुले सीवरेज और जर्जर एवं खस्ताहाल सड़क को लेकर आवाज़ उठाई।
इसके बाद मुस्लिम विरोध का अफ़ीम चाटे हुए भाजपा के कार्यकर्ता लोग सलमान के घर के बाहर हंगामा किया और उल्टा उसपर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। यूपी पुलिस ₹25 हजार का इनाम भी घोषित कर दी । अब उसे राजस्थान से गिरफ्तार किए जाने की खबर है।
अब सवाल यह है कि अगर कोई आम नागरिक अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर अपने विधायक या मंत्री से सवाल करता है, तो क्या उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे अपराधी बना देना सही है? जनता अपने जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएँ और मांगें नहीं रखेगा तो कहाँ रखेगा?
लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपनी समस्या बताना जनता का अधिकार है। किसी स्थानीय समस्या को बेवजह हिंदू-मुस्लिम का रंग देकर किसी युवा का भविष्य खराब करना किसी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।
छात्र-छात्राओं से हार्दिक अपील: जौहर यूनिवर्सिटी और तालीमी इदारों को बचाने के लिए आगे आएं
देश के शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदा स्थिति, खासतौर पर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चिंता बढ़ रही है। शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को राजनीति से दूर रखना और तालीमी इदारों की मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
देश के युवाओं और छात्र-छात्राओं से अपील है कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर तालीमी इदारों की हिफाज़त के लिए आगे आएं और ऐसे संस्थानों में बढ़-चढ़कर दाख़िला लें, ताकि उनकी शैक्षणिक और सामाजिक प्रासंगिकता बनी रहे।
किसी भी संस्थान में कमी होने की स्थिति में उसे बातचीत और प्रशासनिक तरीकों से दूर किया जा सकता है। लेकिन किसी संस्थान को कमजोर करने की कोशिशों का असर छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी और बेहतर शिक्षा के माध्यम से देश की शैक्षणिक बुनियाद को मजबूत किया जा सकता है। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के देश के प्रति योगदान को याद रखते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे की हिफाज़त आज की महत्वपूर्ण जरूरत है। मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना देश की वास्तविक तरक्की संभव नहीं।
#ArshadMadani
#SaveEducation
#StudentsForEducation
#JauharUniversity
Two Muslim women journalists, Shaheen Khan and Nafeesa Khan, have alleged that they were dragged by their hair and brutally assaulted inside Delhi’s Saket Police Station while on assignment. They further allege that the violence intensified after the police learned they were Muslim.
The questions remain: Can asking questions become a crime? Can a journalist’s identity become a reason for humiliation and violence? And who will hold power accountable when those meant to protect us are accused of becoming the perpetrators? @FoejMedia
#PressFreedom #Journalism #Justice #Delhi #MuslimWomen #Accountability
4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली पुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्वर्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
Delhi Police attacked Muslim journalists who tried to question Chief Minister Rekha Gupta. Officers asked the journalists if they were Muslim, then intensified the beating upon hearing their names. They were dragged to Saket police station, threatened, and left unable to walk unaided
"स्वतंत्र भारद्वाज" अकेला उदाहरण नहीं है, गुजरात दंगों के 67 आरोपी ऐसे ही सत्ता के सहारे बचाए गए।
एहसान जाफरी को ज़िंदा जला देने वाले बिपिन पटेल और पुलिस निरीक्षक, सब बाइज्जत बरी हो गए। बेस्ट बेकरी जलाकर 14 मासूमों को जलाकर मार डालने वाले सभी बरी हो गए।
और यही क्यों? बाबरी मस्जिद को शहीद करने वाले
वो बिल्किस बानो के 11 सज़ा याफ़्ता बलात्कारी ? याद करिए।
मज़ेदार बात यह है कि "स्वतंत्र" की तरह इन्होंने भी कैमरे के सामने और मंच से अपने अपने अपराध गर्व से स्वीकार किए...
यह संघ का टेस्टेड माडल है.
ये कुछ नया नही है यही इनका चाल चरित्र और चेहरा है इनको सिर्फ यही आता है
Delhi Police must answer: Why did the police ask Shaheen and Nafeesa their names and then beat them? Why were they subjected to such inhuman treatment?
Is Delhi Police acting as an extension of the RSS to harass minorities?
“Yes, my name is Khan. I have Khan in my name. I am Mohammed, I am a Muslim… and because of this, a Delhi Police officer beat me with sticks and slapped me…”
I wonder how the world will perceive this statement about the police in India's capital, Delhi!
उर्मिला इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी किसका पता नहीं है लेकिन यह पता है कि यह कंपनी बिहार के हजारों लोगों का शोषण करती है। इस कंपनी के ज़रिए ही बिहार के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्टाफ की भर्ती होती है,जिसमे स्ट्रेचर मैन से लेकर गार्ड जैसे पद पर आउटसोर्स से भर्ती की जाती है और बहाली के नाम पर पचास हज़ार तक घूस ली जाती है। उसके बाद महीनों तक सैलरी नहीं नहीं दी जाती है। मेडिकल स्टाफ लगातार आंदोलन करते हैं लेकिन सरकार सुनती नहीं है। इस दौरान वेतन नहीं मिलने से पाँच से छह महीने जॉब करने के बाद नौकरी छोड़ देते हैं और उसके स्थान पर दूसरे से पैसे लेकर नौकरी दे दी जाती है और यह कर्म चलता ही रहता है। बताइए कितना पावरफुल होगा इस कंपनी का मालिक।
An elected MP @KanganaTeam from the ruling Party @BJP4India and an Anchor @sudhirchaudhary working for Doordarshan, funded entirely by the taxpayers are targetting entire Muslim community for no reason. Openly vilifying Muslims on public platforms has become so normalised in India that even statements like these barely provoke the outrage they should.
The teleprompter didn't just guide him, it was carrying the whole performance on its back. 😭
One speech without it and suddenly the "Oratory Skills" are BUFFERING…
Gen Z fear is real. 💀
If the police leave for even 5 minutes, your (Muslim) race will be wiped out.
Shrishti Rajput and Madan Kesari from Gaya, Bihar, threatening to wipe out Indian Muslims during the Kavad Yatra.
📍 पूठ, महर्षि वाल्मीकि सरकारी अस्पताल, दिल्ली
5 अगस्त का मामला है। अस्पताल से शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि मुस्लिम महिला से डॉक्टरों ने कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करते हुए कहा “और कोई काम नहीं, सिर्फ बच्चे पैदा करना जानती हो।”
अस्पताल में एडमिट महिला के पति बादशाह खान का आरोप है कि विरोध करने पर परिजनों के साथ गार्डों ने मारपीट की और वीडियो बनाए जाने पर मोबाइल तक छीन लिया।
BJP विधायक ने लोकल पत्रकार को कहा तुम्हें ज्यादा चर्बी चढ़ी है, तुम्हारी चर्बी उतार दूंगा मादर@#&, तुम बहुत वीडियो डालते हो।
पत्रकार सोशल मीडिया व फेसबुक में "मेरा पहाड़ मेरी माटी" नाम से अकाउंट बना रखा है, जिसमें अवैध खनन, व हरे वृक्षों की कटाई के विरोध में वीडियो पोस्ट करके आवाज उठाता है।
और आज इस पत्रकार का BJP विधायक से आमना सामना हो गया, विधायक इसे देखते ही गाली गलौज शुरू कर दी, और उनके गुर्गो ने जान से मारने की धमकी दे डाली।
अब यह पत्रकार निडरता के साथ विधायक और उनके गुर्गों से लाइव वीडियो चलाकर सवाल जवाब कर रहा है, सामने से धमकी के अलावा कुछ जवाब नहीं मिल रहा है।
📍 उत्तराखंड की धरती📍
नाम नकुल (बजरंग दल) का का सदस्य है
ये दो मुस्लिम लड़कों जीशान और शावेज़ को कानूनी मामले में फंसाना चाहता था।
इसलिए नकुल ने इन दोनों लड़को को 'लव जिहाद' और 'गैंगरेप' के झूठे आरोप में फंसाने के लिए अपनी ही बहन को उनके पास (कार में) भेजा।
और फिर नकुल ने पीछे से जाकर अपनी बहन का एक वीडियो बनाया जिसमें लड़की यह नाटक करती है कि उसके साथ बहुत गलत हुआ है।
इसके बाद हिंदू संगठनों (जैसे हिंदू परिषद/बजरंग दल) के लोग इकट्ठे हो जाते हैं और पुलिस को बुलाया जाता है।
पुलिस जब लड़की को कस्टडी में लेकर मेडिकल जांच और कानूनी पूछताछ के लिए ले जाती है तो लड़की पुलिस की सख्त जांच और पूछताछ का दबाव नहीं झेल पाती।
फिर क्या वह सच उगल देती है और कबूल करती है कि यह दोनों लड़को को फंसाने के लिए रचा गया एक झूठा षड़यंत्र था।
साजिश का भंडाफोड़ होने के बाद मुख्य आरोपी नकुल फरार हो जाता है। पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई है
किसी को फँसाने के लिए अपनी ही बहन को मोहरा बना देना इंसानियत और रिश्तों दोनों की हार है।
प्रयागराज के डॉक्टर नरेन्द्र सिंह ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में शेयर किया, प्राइवेट बिना नम्बर प्लेट की गाड़ी से 6-7 लोग आए और प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले छात्रों को घरों से खींचकर मारते पीटते गाड़ी में भरकर ले गए।
प्रोटेस्ट समाप्त होने के बाद छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वह अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।