Look at this little girl beaten,shocked & crying
She says 'Police make us go round & round without letting us protest or to exit the Protest site and then lathicharged & tear gassed us for no reason"
All we wanted from the Govt was accountability and this is what we get !!
A sixteen year old protester, Karan, breaks down after being lathi charged by Delhi police.
The reporter says, He was shaking. He said he's not crying because of the pain but because he's in shock and disbelief.
"Mere upar lathi charge hua, I can't understand ke meri galti kya hai, meri galti yahi hai ki Mai desh ka bhala chahta hun aur isi liye mujhe dande maare ja raha hain. This is not fair at all...."
आज के घटनाक्रम ने बता दिया कि आप संसद के आंकड़ों का प्रबंधन कर सकते हैं लेकिन सड़कों पर के छात्र एवं युवाओं की पीड़ा एवं आक्रोश को प्रबंधन से संभाल नहीं सकते। आपकी कहानी का आख़िरी अध्याय कोई विपक्ष नहीं बल्कि हम भारत के
लोग ही लिखेंगे।
जय हिंद
“Kitne aadmi the?” - you showed them Gen Z ! You don’t need leaders. You can bring govt to its knees, seek accountability & get Education Minister to resign simply by non violent street protest . Their brutality will be their end.
भजपिल्लों इस बार वोट मांगने आना, इतना समर्थन देंगे कि चुनाव ऐतिहासिक हो जाएगा.........
जितनी लाठियां,पत्थर, आंसू गैस के गोले तुम्हारे ऑर्डर से इन निहत्थे बेरोजगार युवाओं की जान लेने के लिए बरस रहे हैं न,
ये सब याद रखेंगे.........😓😓
युवाओं छात्रों से मेरी बातचीत के पांच मिनट सुनिए आपको समझ में आ जाएगा कि देश का युवा किस कदर मोदी सरकार से खार खाया हुआ है। गजब यह है कि मोदी सरकार को इस बात का अंदाजा ही नहीं है।
तमाम लोग और मैं खुद कहता रहा हूं चुनावों के दौरान यह युवा उन्हीं को वोट कर आयेगा लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है न केवल वह मोदी के खिलाफ वोट करेगा जरूरत पड़ेगी तो अपने परिवार से भी विद्रोह करेगा।
सोनम वांगचुक का एक और पत्र सामने आया है जिसमें वो कहते हैं "शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस क्रूरता से व्यवहार किया जा रहा है, उसे देखकर मैंने निर्णय लिया है कि मैं अपना उपवास तब तक जारी रखूँगा जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या मुझे यहाँ अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती।"
उन्होंने आगे लिखा है" उम्मीद है कि तब तक सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय कर देगी। मैं इस बात से अत्यंत प्रभावित और भावुक हूँ कि उकसावे और लाठीचार्ज के बावजूद युवाओं ने शांति बनाए रखी है, और मैं सरकार एवं पुलिस बल से अपील करता हूँ कि वे केवल छात्रों को आज या कल संसद के समक्ष अपनी शिकायतें रखने की अनुमति देकर इस मुद्दे का समाधान करें। मुझे पूरा विश्वास है कि युवा प्रदर्शनकारी आज की तरह कल भी वही धैर्य और सहनशीलता दिखाएँगे।"
मिस्टर वांगचुक इस भूख हड़ताल का उद्देश्य क्या है? पहले आपने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भूख हड़ताल की अब कह रहे हैं कि युवा नेताओं को जब तक सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती तब तक अनशन करूंगा। यह गजब है।
सिर्फ अफसोस जाहिर करने से कुछ न होगा। गहरी चोटें लगी हैं बच्चों को। यह ठीक नहीं है।
संसद मार्च की कवरेज के दौरान दोपहर करीब 1 बजे दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए Molitics के एडिटर इन चीफ को 6.5 (साढ़े छह) घंटे बाद रिहा कर दिया गया। इस दौरान Molitics की टीम लगातार उनकी जानकारी लेने का प्रयास करती रही, लेकिन टीम के अनुसार उनकी लोकेशन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। सुनिए पूरी घटनाक्रम
Video - @neeraj_jhaa
#Molitics #DelhiPolice #PressFreedom #Journalism #SansadMarch #Media
बीजेपी प्रकृति के नियम को भूल गई है कि इस दुनियां में जो भी है सब कुछ परिवर्तनशील है।
और सत्ता इससे अछूता नही है।
हिंदुत्व की आड़ में जनता को बरगलाकर बस खुद का उल्लू सीधा कर रहे हैं
आम जन मानस के लिए इनके पास सिर्फ बड़े बड़े बोल है कि हमने ये किया हमने वो किया
जमीन पर इनके सारे दावे बुरी तरह से फेल होते हुए नजर आ रहे हैंन स्वास्थ्य विभाग, न शिक्षा, न सड़क, न ट्रेन, कही भी यह सही से काम नहीं कर रहे हैं।
बस एक काम सही से कर रहे हैं वो है झूठ बोलना
बार बार बोलना।