إلى كل إخواننا وأخواتنا في المملكة 🇸🇦🤍
اللي تحتفل باليوم الوطني بهالطريقة هذا الشي ما يمثل بلاد الحرمين ولا يعكس قيمنا وعاداتنا 🇸🇦
واللي تتجاوز حدود الذوق والاحترام المفروض تتحاسب على تصرفها
إحنا بلد العز والشموخ ونفتخر بقيمنا وهويتنا 🇸🇦✨
#اليوم_الوطني_السعودي_٩٦#السعودية#جدة
Thank you for confirming that the video shows an #Iran-backed proxy missile over Islam's second-holiest city, Madina, in 2025. Mecca was targeted on Tuesday. Different attack, same pattern.
So: authentic story, authentic video, and both involve regime proxies threatening holy cities. Denialism doesn't become credible by attaching an #Israel reference to it.
ये बुलंदशहर में बाहुबली पूर्व विधायक गुड्डू पंडित हैं. अपनी तीसरी पत्नी और कांग्रेस नेत्री अर्चना पांडा के साथ मारपीट कर रहे हैं.
गुड्डू पंडित, पत्नी का बाल खींचकर जमीन पर घसीट रहे हैं. पत्नी झाड़ू झाड़ू मार रही है.
पत्नी अर्चना पांडा ने थाने में अपने पति पूर्व विधायक गुड्डू पंडित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. अर्चना ने बताया कि गुरुवार को वह अपने बेटे समर पंडित के साथ घर में मौजूद थीं. इतने में पूर्व विधायक गुड्डू पंडित अचानक उनके घर पहुंचे और जोर-जोर से दरवाजा पीटते हुए चिल्लाने लगे
जैसे ही अर्चना ने दरवाजा खोला, गुड्डू पंडित ने उन्हें जोरदार धक्का दे दिया, जिससे वह फर्श पर जा गिरीं. इसके बाद गुड्डू पंडित ने उनके बाल पकड़कर घसीटा और मारपीट की .
शुक्रिया आप सभी का ! आधी रात को Aisa के छात्र थाने पर डटे है !
भाई सांसद @ShayarImran का फोन आया और मुझे बताया कि वो शाहीन के संपर्क में है और अल्पसंख्यक विभाग की टीम थाने में ही है !
मेरा आज छोटा सा एक्सीडेंट हो गया था वरना मैं भी आज यहॉ होता ! आज दोपहर तक पहुंच रहा हूँ फिर देखता हूँ कितनी बहादुर है दिल्ली पुलिस !
मशहूर शायर मंज़र भोपाली की नज़्म "मुझकों अपने बैंक की किताब दीजिए" युवा पीढ़ी के सामने जंतर मंतर से वायरल हुई तो रोज़ गालीबाज, आवारा लड़के उनके घर बाहर जाते हैं और गालियां देते हुए गुज़र जाते हैं।
रात IICC में मुशायरे में शामिल हुआ मंज़र भोपाली की वायरल नज़्म को सामने बैठकर सुना।
महंत लाल दास जी- 1983 से राम मंदिर के पुजारी थे।
उनका कहना था कि राम मंदिर का आंदोलन धार्मिक है, इसमें राजनीति नहीं आनी चाहिए। वे BJP-RSS-VHP को इससे दूर रखना चाहते थे।
ऐसे में विश्व हिंदू परिषद, BJP और RSS ने मिलकर उन्हें इस आरोप में मुख्य पुजारी के पद से हटवा दिया कि वे चढ़ावे में मिले 10 रुपए अपनी जेब में रख रहे थे।
बाद में महंत लाल दास जी की हत्या करवा दी गई, जिनके हत्यारे आज तक पकड़े नहीं गए।
: @ssrajputINC जी
📍 दिल्ली
आज जंतर-मंतर से सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से लगभग 80 छात्रों को दिल्ली पुलिस छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई। उन्हें वहाँ रात लगभग 9 से 9:30 बजे तक रखा गया और उसके बाद अलग-अलग पुलिस वाहनों में बैठाकर विभिन्न पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया।
रात लगभग 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हमें कुछ छात्रों के परिवारजनों का फोन आया। उन्होंने बताया कि लगभग 6–7 छात्रों को मुखर्जी नगर थाने लाया गया है। परिवार वालों का आरोप था कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा, कई छात्रों के फोन तोड़ दिए गए हैं और पुलिस अधिकारी यह तक बताने को तैयार नहीं हैं कि उन्हें केवल हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है, अथवा उनके विरुद्ध कोई FIR दर्ज की गई है। यहाँ तक कि वकीलों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
रात लगभग 2 बजे हम मुखर्जी नगर थाने पहुँचे। वहाँ जो हुआ, उसे देखकर यकीन करना मुश्किल था कि जिस पुलिस को हम कानून का रक्षक मानते हैं, वह कभी-कभी नागरिकों के अधिकारों के प्रति इतना असंवेदनशील व्यवहार भी कर सकती है।
हमने पहले बिना कैमरा चालू किए लगभग 15 मिनट तक अधिकारियों से बातचीत करने और जानकारी लेने की कोशिश की। लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई उत्तर देने से इनकार कर दिया। मजबूर होकर हमें कैमरा चालू करना पड़ा।
हमने देखा कि छात्रों को अलग-अलग पुलिस वाहनों में बैठाया जा रहा था और उन्हें किसी अन्य स्थान पर ले जाने की तैयारी हो रही थी। जब पूछा गया कि उन्हें कहाँ और क्यों ले जाया जा रहा है, तो कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला। कई पुलिस अधिकारी कैमरे से अपना चेहरा छिपाते दिखाई दिए। हमने थाना प्रभारी से मिलने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने भी मिलने से मना कर दिया।
इसी पुलिस स्टेशन में महात्मा गांधी की तस्वीर लगी हुई है और डी.के. बसु (D.K. Basu) दिशानिर्देशों का उल्लेख भी किया गया है। कानून स्पष्ट है—किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने पर उसके परिवार को सूचित किया जाना चाहिए और उसे अपनी पसंद के वकील से मिलने तथा कानूनी सलाह लेने का अवसर दिया जाना चाहिए।
पुलिस का कहना था कि छात्रों को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा है। लेकिन यदि उन्हें कई घंटे पहले ही हिरासत में लिया गया था, तो रात 2 बजे अचानक मेडिकल कराने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इस प्रश्न का भी किसी के पास कोई उत्तर नहीं था।
यह वीडियो लगभग 17 मिनट का है, लेकिन यदि आप इसे पूरा देखेंगे तो समझ पाएँगे कि किस प्रकार जवाबदेही की जगह केवल “ऊपर से आदेश है” कहकर संवैधानिक और कानूनी दायित्वों से बचने की कोशिश की जाती है।
कई छात्रों ने आशंका व्यक्त की है कि जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए छात्रों के विरुद्ध झूठे या अनुचित FIR दर्ज किए जा रहे हैं। परिवारजनों ने हमें यह भी बताया कि जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जानकारी माँगी तो उन्हें कहा गया कि “घर चले जाइए, नहीं तो आपके ऊपर भी FIR दर्ज कर दी जाएगी।”
यदि कोई सामान्य नागरिक अपने हिरासत में लिए गए बेटे, बेटी, भाई या बहन से मिलने की भी कोशिश न कर सके और पुलिस का रवैया ऐसा हो, तो सोचिए उन परिवारों पर क्या बीतती होगी।
यदि इस देश के युवा शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की माँग कर रहे हैं, तो क्या उनके साथ लाठीचार्ज करना और आधी रात को इस प्रकार का व्यवहार करना उचित है? क्या पुलिस की भी कोई जवाबदेही नहीं है?
हर अधिकारी का केवल एक ही उत्तर था - “ऊपर से आदेश है।” लेकिन यह “ऊपर” कौन है? आदेश किसने दिए? और क्या कोई भी आदेश संविधान और कानून से ऊपर हो सकता है?
यह वीडियो लंबा है, लेकिन यदि संभव हो तो इसे पूरा अवश्य देखिए। विशेष रूप से मेरे सभी अधिवक्ता साथियों और कानूनी समुदाय से मेरा आग्रह है कि इस पर अपनी आवाज़ उठाएँ। कानून-व्यवस्था की पहली सीढ़ी एक पुलिस थाना होता है। यदि राजधानी दिल्ली में, हर विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुलिस मानवाधिकारों और कानूनी दिशानिर्देशों की अनदेखी करती रहे, तो यह केवल प्रदर्शनकारियों का नहीं बल्कि पूरे विधि-तंत्र का प्रश्न बन जाता है।
यदि देश की राजधानी में यह स्थिति है, तो देश के दूर-दराज़ इलाकों में नागरिकों के साथ क्या हो रहा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।
सवाल बड़े हैं। लड़ाई लंबी है। लेकिन जहाँ भी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता होगी, हम अपने साथियों के साथ खड़े रहेंगे।
#JantarMantar
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दुख हो रहा है रिपोर्टरों की ये हालत देखकर। जब स्टार एंकर दिन-रात स्टूडियो में नफ़रत और मोदी प्रोपेगंडा फैलायेंगे तो फ़ील्ड में क़ीमत जूनियर रिपोर्टर को चुकानी पड़ेगी।
"मैं अखिलेश यादव जी से माफी मांगता हूं... मेरे पास टिन्नू यादव और अखिलेश जी की बातचीत के कोई तथ्य नहीं हैं"
◆ अमित भारद्वाज नाम के शख्स ने वीडियो जारी कर मांगी माफी
#Rammandir | Tinnu Yadav | Akhilesh Yadav | Chandachori
मुस्लिम युवक-युवती से कथित जबरन हिंदू रीति से विवाह का मामला, दो गिरफ़्तार!
नवादा (बिहार): दो दिन पहले बिहार के नवादा ज़िले के कमालपुर (चरकी पहाड़) क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक और युवती के साथ कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा जबरन हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कथित तौर पर 15 लोगों की भीड़ ने दोनों को घेर लिया, जबरन विवाह की रस्में कराईं और बाद में मोटरसाइकिल से जाते समय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए धर्मेंद्र कुमार और बहादुर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
@nawadapolice@bihar_police
#Nawada #nawadapolice
📍नवादा, बिहार | चरकी पहाड़
लोकेशन में सुधार: यह घटना सारण की नहीं, बल्कि नवादा के चरकी पहाड़ क्षेत्र की बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक मुस्लिम युवती की हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कराए जाने और बाद में उसे रास्ते में परेशान किए जाने का दृश्य दिखाई देता है।
जिस मोटरसाइकिल पर लड़की और लड़का बैठे दिखाई दे रहे हैं, उसका नंबर BR27M5968 है। इस नंबर के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करना पुलिस के लिए कठिन नहीं होना चाहिए।
@NawadaPolice@bihar_police से मांग है कि वीडियो की निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सार्वजनिक करें। यदि किसी के साथ जबरदस्ती, धमकी या कोई अपराध हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
@jpsin1 Fake News! Nothing to do with Muslims. 17 priests and 17 devotees were booked after priests & devotees fought at Kolhapur's Jyotiba shrine.
Will @KOLHAPUR_POLICE take action against communal hate mongers for sharing Misinformation?
सज-धज कर बेठी एक बच्ची का वीडियो ये कहते हुए शेयर किया गया कि 6 वर्षीय बच्ची का निकाह एक अधेड़ व्यक्ति के साथ हो रहा है. मुस्लिम धर्म पर निशाना साधते हुए शेयर किये गए इस वीडियो की हकीकत कुछ और ही है. देखिए! #AltNewsVideoReport#FactCheck#AltNewsFactCheck
,@ElahiNazia1 का पहला पति शहज़ाद इलाही ख़ान,दूसरा परवेज़ आलम,तीसरा सचिन,चौथे को हक़ीक़त पता चली तो दुम दबाकर भागा,यह मैं नहीं नाज़िया मुर्तद का होने वाला चौथा पति ख़ुद खुलासा कर रहा है,वेस्ट बंगाल में इसके ऊपर कई केस हैं।
13 साल के हिन्दू बच्चे का हत्यारा निकला है अंधभक्तों का नया बाप सलीम वास्तिक!
अंधभक्त मुस्लिमों पर भौकने वाले हर कुत्ते को, बिना उसका अतीत जाने, अपना बाप बना लेते हैं!
Godi Media Anchor @anjanaomkashyap says Nida Khan is the main Mastermind and was a HR Manager. But Nida Khan was an employee and not HR Manager. HR manager was Ashwini Chainani, the HR head and operations manager of the company who was arrested recently. Ashwini Chainani is accused of discouraging a victim from filing a complaint ( Not Nida Khan as claimed by @anjanaomkashyap in this video).