☝️لا الہ الا اللہ محمد رسول اللہ,❤️ میں تو کچھ بھی نہیں ہوں پر میرا نام کم نہیں ہے, میں غلام مستعفی ہوں یہ مقام کم نہیں ہے💪
(❤️امر بالمعروف و نهى عن المنكر❤️)
@Hindu_Shaktii@DimahKousar अर होर सुन अंधभक्त द्रौपदी के बारे में तो तूने पढा होगा हाँ पर तू कहा पढ़ लेगा तेरे दिमाग मे गोबर जो भरा हुआ चल मेरी सुन हम 4 शादी कररे तो 1 मर्द 4 औरतों से शादी कररा द्रौपदी की तरह 5 आदमियों से नहीं, पहले अपने गिरेबां मे झाँक तुम्हारे यहा कितना गंद फेला हुआ जब दूसरों को बोलना
@Hindu_Shaktii@DimahKousar तू पाकिस्तान में रहरा क्या जो वहां की मिसाल देरा यहां बता ना तेरे कितने जानने वाले जिनकी 4 बीवीया है, और जो ये ucc ka विरोध है यों 4 शादी के लिए नहीं है और अगर मे तुझे बताऊँगा ucc का कारण तो तेरे दिमाग मे आने नी क्यूँ तेरे दिमाग में इतना गोबर जो भरा हुआ है
@Samir_Gosaliya@DimahKousar हाँ जैसे राम ने सीता से 6 साल की उम्र में किया था, और रही बात 4 बीवी की तो तू ये बता तेरे इल्म में 4 शादियाँ कितने मुसलमानो ने कर रखी है 2 4 चार का नाम मुझे भी बता देना
शामली पुलिस चुन-चुन कर उन पत्रकारों, सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ FIR दर्ज कर रही है, जिन्होंने इस मामले में ‘फटकार’ शब्द का इस्तेमाल किया है। क्या ये इत्तेफाक ही है कि वो सभी लोग ‘दूसरे’ हैं? अगर ऐसा नहीं है तो एक ‘हिंदी पत्रकार’ ने भी इसी शब्दावली का इस्तेमाल किया है, लेकिन उस ‘हिंदी पत्रकार’ का नाम FIR में नहीं है।
मैं यह नहीं चाहता कि उस ‘हिंदी पत्रकार’ के खिलाफ भी FIR दर्ज होनी चाहिए। लेकिन @PoliceShamli से यह सवाल ज़रूर है कि जब FIR का आधार ‘फटकार’ ही है तो वही ‘फटकार’ शब्द का इस्तेमाल तो ‘हिंदी पत्रकार’ ने भी किया है। जब मापदंड एक ही है, तो फिर उसमें भेदभाव कैसा? और किसलिए! सवाल यह भी है कि क्या पुलिस संविधान और कानून से ही चल रही है, या ‘ऊपरी आदेश’ से! किसी शायर ने भी क्या खूब कहा है।
मैं पत्थर हूँ मेरे सर पर यही इल्ज़ाम आता है,
कहीं भी आईना टूटे मेरा ही नाम आता है!
@AsendraSingh10 भाई हमारे गाँव से अगला गाँव टोटल थारी ही बिरादरी का हैं और थारे वालों के खेत हमारे खेतों से बिल्कुल मिले हुए है बस एक डोल का फर्क है बीच में, अर जब यों मसला हुआ था तो हम तो आराम से अपने खेतों में काम कर रहे थे, हम अपना गाँव क्या छोड़ते हमने तो अपने खेत भी नहीं छोड़े थे
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद: 1909 की यह ईंट बता रही है कि मस्जिद 1911 में बनी थी। जिस मस्जिद को अवैध बताकर ढहा दिया गया, उसी के मलबे से निकली यह ईंट आज उसकी मौजूदगी और इतिहास की गवाही दे रही है।
सहारनपुर कई महीनों से INDIA की राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। उसी सहारनपुर में मस्जिद गिरा दी गई। अब सहारनपुर के सांसद, विधायक इसे असंवैधानिक बता रहे हैं। सवाल यह है कि संविधान पर होते इन हमलों के खिलाफ विपक्ष क्या करेगा? क्या सामूहिक इस्तीफा देगा? क्या जेल भरो आंदोलन करेगा? संविधान से मिले अधिकारों को छीनने के खिलाफ लड़ी जाने वाली लड़ाई कहाँ लड़ी जाएगी? सड़क पर? संसद में? या प्रेस कांफ्रेस करके सोशल मीडिया पर लड़ी जाएगी?
सहारनपुर में तीन मुस्लिम विधायक हैं। दो MLA और एक MLC सहारनपुर में सांसद भी मुसलमान है। सहारनपुर मुसलमानों के सपोर्ट से सांसद में पहुंचने वाले चंद्रशेखर आज़ाद का गृह जनपद भी है। सहारनपुर से सटी हुई एक लोकसभा सीट से मुसलमान सांसद है, जबकि दूसरी सीट से सपा के हरेंद्र मलिक सांसद हैं। इसके बावजूद सहारनपुर में दशकों पुरानी मस्जिद को अवैध बताकर शहीद कर दिया गया।
अब सारे नेता कह रहे हैं कि संविधान की धज्जियाँ उड़ा दी गईं। सवाल यह है कि ये धज्जियाँ बचेंगी कैसे? तब एक ही रास्ता बचता है, और वो रास्ता संघर्ष का है, जिस जेल से ‘डराया’ जा रहा है, उसी जेल भरो आंदोलन का है। कितने ऐसे नेता हैं, जो संविधान की उड़ती धज्जियों के खिलाफ जेल भरो आंदोलन शुरू कर सकें? कुछ माननीय कह रहे हैं कि उन्हें ‘हाउस अरेस्ट’ कर लिया गया। यह अजीब कुतर्क है! ये ऐसे नेता हैं जिनकी पार्टी के सुप्रीमो जहां जाना चाहते हैं, वहां वो पहुंच ही जाते हैं, भले ही कितना बंदिशें लगी हों!
@SatvikS52168934@nidhiambedkar@grok तू हमारी बहन बेटियों की फिक्र ना कर वो जिस हाल में भी है खुश हैं तुम लोग अपनी बहन बेटियों को चाहे जेसे रखो हमे कोई दिक्कत नहीं है
हिंदुओं से अनुशासन सीख लीजिए, मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक पर कांवड़ियों द्वारा रोड ब्लॉक करके डांस किया जा रहा है, योगी जी कहते हैं "मुसलमानों को हिंदुओं से अनुशासन सीखने की आवश्यकता है, सड़कें चलने के लिए होती न कि चौराहे ब्लॉक करके तमाशा करने के लिए।"
महोदय @dgpup साहब @Uppolice इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
महोदय @uttarakhandcops इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
महोदय @CPDelhi साहब @DelhiPolice इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
@bstvlive नमाज़ कहां सी पढ़रा यों अगर नमाज नहीं पढ़ रहा यों तो इसका इस्लाम से कोई वास्ता नहीं है भले ही यों 50 रूपे की टोपी सिर पे रखके खुद को मुस्लमान दिखा रहा हो क्यूंकि हमारे नबी ने फरमाया कि इस्लाम और कुफ्र के दरमियान सिर्फ नमाज आड़ है और जो नमाज ना पढ़े उसका दीन मे कोई हिस्सा नहीं