लंगड़े हो चुके लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ यानी कि पत्रकारिता को आज न बचाया गया तो भविष्य में भारत को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे, जिसके खामियाजे में हम भारतवासियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
Delhi Police drags citizens on the streets of the capital!
History will remember you Delhi Police and whose side you were on, who you were trying to save and who you attacked!
एक कहावत है जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे।”
आज यही हाल उन गोदी मीडिया के हिस्से का है, जिन्होंने सालों तक नफ़रत फैलाने और समाज को बांटने का काम किया।
नतीजा ये है कि अब जहां भी जा रहे हैं, विरोध और बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।
जनता सब देख रही है, सब याद रख रही है।
लगता है ये सिर्फ़ शुरुआत है… आगे अभी बहुत कुछ देखना बाकी है।
Delhi Police drags citizens on the streets of the capital!
History will remember you Delhi Police and whose side you were on, who you were trying to save and who you attacked!
@MahuaMoitra@Cockroachisback@_YogendraYadav@pbhushan1
दोनों ही कानून के रक्षक है लेकिन डर ऐसे रहे है जैसे कोई पुरानी दुश्मनी हो 😱
पुलिसकर्मी और एक वकील के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 🚨
आज इस देश ने एक भयावह किस्म की गांधी जयंती देखी। गांधी जयंती के दिन मोदी सरकार ने देश को अंग्रेज़ों के राज की याद दिला दी—वही पुलिसिया राज, वही लोगों के साथ बर्बरता।
लेकिन आज देश ने चश्मे और चरखे वाले गांधी को नहीं, चंपारण और सत्याग्रह वाले गांधी को याद किया। दिल्ली की सड़कों पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ महाभियोग शुरू हो चुका है।
#JantarMantarSatyagraha
हिंदू धर्म के ठेकेदार कहां हैं? मोदी, योगी, भागवत कहां हैं? क्या इससे आपका धर्म बदनाम नहीं होता?
सब चुप हैं, सब मज़े ले रहे हैं। उन्हें हिंदू धर्म से मतलब नहीं है, मतलब है सत्ता से। इसलिए वे ऐसे आयोजनों को संरक्षण देते हैं, रोकने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।