अगर बिना अनुमति भारत का कोई पत्रकार नेपाल में रिपोर्टिंग नहीं कर सकता, तो फिर बिना किसी विशेष अनुमति के 50 लाख से ज्यादा नेपाली नागरिक भारत में रहकर नौकरी और कारोबार कैसे कर रहे हैं?
विदित हो कि नेपाल के -
लखनऊ के पत्रकार नंदन नेपाल के नेपालगंज – जमुनहा बॉर्डर पर रिपोर्टिंग करने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर नेपाल की पुलिस ने उन्हें घेर लिया। वीडियो में पुलिसकर्मी भारतीय मीडिया को देखकर नाराज़गी जताते हुए पूछता नजर आ रहा है “नेपाल आने की अनुमति ली थी? बिना परमिशन रिपोर्टिंग कैसे कर रहे हो?”
अब सवाल यह उठ रहा है कि,।अगर बिना अनुमति भारत का कोई पत्रकार नेपाल में पत्रकारिता नहीं कर सकता, तो फिर बिना किसी विशेष अनुमति के 50 लाख से ज्यादा नेपाली नागरिक भारत में रहकर नौकरी और कारोबार कैसे कर रहे हैं?
तेलंगाना पुलिस द्वारा भारतीय सेना के जवानों के साथ कथित व्यवहार का वायरल हो रहा वीडियो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
जो जवान दिन-रात देश की सुरक्षा में समर्पित रहते हैं, उनके समुचित सम्मान देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाएं न केवल मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और पुलिस द्वारा सैनिकों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर भी प्रश्न खड़े करती हैं।
श्रीमान @TelanganaDGP जी,
आपसे अनुरोध है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने का कष्ट करें।
सूरत में NEET परीक्षा के दौरान एक हिंदू लड़की से
उसकी तुलसी माला जबरन उतरवाई गई
लड़की के पिता ने किया विरोध कहा मैं हिंदू का बेटा
हूं और सूरत में हूं लाहौर या कराची में नहीं
हिजाब और बुर्का पर कुछ नहीं कहा जाता, लेकिन मेरी
बेटी की तुलसी माला ही क्यों उतरवाई गई?
बड़ी ही पीड़ादायक घटना…
ऐसी औलाद से तो बेहतर है इंसान बिन औलाद ही रहे, या फिर औलाद जन्म लेते ही मर जाए। जिस पिता ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी बाप की बुढ़ापे में सेवा करने के बजाय उसे लातों से पीट रहा है।
Gujarat strengthens tourist safety with dedicated "Tourist Police Stations" to ensure a secure, convenient, and tourist-friendly experience across key destinations.
जितनी महंगी गाड़ी, उतना ही तगड़ा नशा।
फर्क बस इतना है कि शराब का नशा कुछ घंटों में उतर जाता है, लेकिन महंगी गाड़ियों में बैठे कुछ लोगों का घमंड वाला नशा तब तक नहीं उतरता, जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए।
देख रहे हो @RBI जी –
पुणे के हडपसर में दिनदहाड़े प्राइवेट रिकवरी एजेंट्स एक ग्राहक को क्रेडिट कार्ड बकाया के नाम पर सड़क पर मारपीट कर रहे हैं। पत्नी बचाने की कोशिश करती रही, फिर भी हिंसा जारी रही।
क्या अब बैंक वसूली के नाम पर गुंडागर्दी करेंगे? क्या ये आप द्वारा बनाये गए नियमों की खुलेआम धज्जियां नही उड़ा रहे?
आपसे अनुरोध है कि–
तुरंत प्रभाव से संबंधित बैंक/एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस रद्द करे। साथ ही @PuneCityPolice आपसे भी निवेदन हैं कि संबंधित बैंक/ एजेंसी पर तुरंत FIR दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करके दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही हो।
@CPPuneCity
.@RBI देखे इस वीडियो को!
पुणे के हडपसर 15 नंबर चौक पर दिनदहाड़े क्रेडिट कार्ड के कुछ बकाए के नाम पर प्राइवेट रिकवरी एजेंट्स एक ग्राहक को सड़क पर लात-घूंसे मार रहे हैं। उसकी पत्नी पति की रक्षा के लिए खुद को ढाल बना रही है, फिर भी ये गुंडे नहीं रुक रहे।
ये बैंक और उनकी रिकवरी एजेंसियाँ अब खुले आम गुंडागर्दी कर रही हैं! RBI के नियमों को ताक पर रखकर, 7 बजे के बाद भी, बल प्रयोग, धमकी और मारपीट करके लूट रहे हैं। ये लुटेरे कौन हैं? बैंक के ठेकेदार गुंडे!
मैं मांग करता हूँ:
•@PuneCityPolice तुरंत इन गुंडों पर FIR दर्ज करे और गिरफ्तार करे।
•संबंधित बैंक और रिकवरी एजेंसी पर #RBI भारी जुर्माना लगाए और लाइसेंस रद्द करे।
•गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय इस माफिया गिरोह पर सख्त कार्रवाई करें।
ये आम आदमी का खून चूसने वाली संस्कृति बंद होनी चाहिए!
अगर आज हम चुप रहे तो कल कोई भी बैंक अपना गुंडा भेजकर आपके घर में घुसकर मारपीट कर सकता है। @nsitharaman
#SudarshanNews #RBIAction #BankLoot #RecoveryMafia
वाह… शाबाश... 👏
ये होती है सच्ची ईमानदारी की मिसाल।
यूपी के शामली में अमित नाम का युवक अपनी कार में CNG भरवाने के बाद करनाल हाईवे पर आगे बढ़ रहा था। तभी उसकी नजर एक तेज रफ्तार बाइक पर पड़ी, जिसके बैग से ₹500 और ₹200 के नोटों की गड्डियां सड़क पर गिर रही थीं।
अमित ने बिना देर किए अपनी कार रोकी और हाईवे पर बिखरी सभी गड्डियों को सावधानी से इकट्ठा किया। इसके बाद उसने बाइक सवार को ढूंढने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चल सका, तो उसने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी और पूरी रकम ईमानदारी से पुलिस के हवाले कर दी।
आज के दौर में ऐसी मिसालें न केवल प्रेरणा देती हैं, बल्कि यह भी याद दिलाती हैं कि ईमानदारी अभी जिंदा है।
मानवाधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) के राजस्थान प्रदेश निदेशक राजकुमार गर्ग के प्रयासों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। केरल के इडुक्की जिले में एक होटल के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से पांच श्रमिकों की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
यह घटना अक्टूबर 2025 की है, जब केरल के इडुक्की में सुरक्षा उपकरणों के अभाव में पांच सफाई कर्मचारी सीवर टैंक की सफाई करते समय दम घुटने से अपनी जान गंवा बैठे। इस मामले को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन और मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट 2013 की अवहेलना बताते हुए NCIB के प्रदेश निदेशक राजकुमार गर्ग ने NHRC में शिकायत दर्ज कराई थी।
राजकुमार गर्ग द्वारा दायर शिकायत (केस नंबर: 785/11/4/2025) पर सुनवाई करते हुए NHRC के सहायक रजिस्ट्रार अतुल कुमार ने जिला मजिस्ट्रेट, इडुक्की को नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह घटना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि चार सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत जांच कर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) प्रस्तुत की जाए, दोषियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और की गई कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी जाए, तथा पीड़ित परिवारों को दिए गए मुआवजे और उनके पुनर्वास से संबंधित सभी विवरण उपलब्ध कराए जाएं।
इस संबंध में राजकुमार गर्ग ने कहा, “देश में हाथ से मैला ढोना और बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक की सफाई करना कानूनन अपराध है। इन श्रमिकों की मौत प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”
यह कार्रवाई न केवल केरल प्रशासन के लिए एक सख्त संदेश है, बल्कि देशभर में असुरक्षित सफाई कार्यों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी है। NHRC की इस सक्रियता से पीड़ित परिवारों में न्याय की उम्मीद मजबूत हुई है।
ये बाप हैं या दुश्मन...
जहां एक तरफ आज भी हमारे समाज में 40–50 साल के बेटे अपने पिता के सामने मुंह में सुपारी का एक टुकड़ा तक डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, वहीं दूसरी तरफ ये शख्स खुद अपने हाथों से अपने मासूम बच्चे को नशेड़ी बनाने की ट्रेनिंग दे रहा है।
हर माता-पिता का फर्ज होता है कि वो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार दें, लेकिन यहां ये तो 5 साल के अबोध बच्चे को बियर पिलाकर खुश हुआ जा रहा है। सच कहें तो ऐसे लोग बाप नहीं बाप के नाम पर कलंक हैं।
जयपुर पुलिस अधीक्षक पर NHRC का शिकंजा: NCIB की शिकायत पर 10 मई तक एक्शन रिपोर्ट अनिवार्य
राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली ने जयपुर में कथित अवैध गिरफ्तारी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक (जयपुर ग्रामीण) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB) की शिकायत के आधार पर की गई है। आयोग ने दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि देरी होने पर मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला 21 जून 2025 का है, जब राजस्थान विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान छात्र नेता निर्मल चौधरी को गांधी नगर पुलिस द्वारा कथित रूप से सादे कपड़ों में बिना वारंट गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि गिरफ्तारी गैरकानूनी थी, उनके साथ मारपीट की गई और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
यह मामला सम्पत सिंह राजपुरोहित, राज्य जनसंपर्क अधिकारी, NCIB (सरदारशहर, चूरू) द्वारा उठाया गया, जिस पर NHRC ने संज्ञान लिया। शिकायत में निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की गई है।
आयोग ने 13 जनवरी 2026 को ही इस मामले में पुलिस अधीक्षक, जयपुर को शिकायत की प्रति भेजकर 4 सप्ताह में ATR प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिलने पर आयोग ने सख्त रुख अपना लिया है।
आयोग ने साफ कहा है कि यदि 10 मई 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, तो वह कानून के तहत कठोर कदम उठाएगा।
आदरणीय @dgpup जी –
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि मेरठ में होमगार्ड की परीक्षा देकर लौट रहे एक युवक के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। युवक का हेलमेट चोरी हो गया था एवं अंजान शहर होने के कारण रास्ता भटक कर दिल्ली-मेरठ बाईपास पर पहुंच गया।
आरोप है कि बाईपास पर विनोद कुमार नामक दरोगा एवं जितेंद्र सिंह नामक सिपाही ने बिना किसी ठोस कारण के युवक को थप्पड़ मारे, अभद्र भाषा का प्रयोग किया, तथा उसकी बाइक का चालान करते हुए उससे ₹5000 भी वसूल लिए।
उपरोक्त प्रकरण पुलिस कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है इसलिए इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर आरोप सत्य पाए जाने पर दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की कृपा करें, ताकि आम नागरिकों का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
@Uppolice@meerutpolice
इस वर्ष की सबसे ये डरावनी तस्वीर है,
पर अफसोस न तो कोई नेता इस मुद्दे धरना प्रदर्शन कर रहा एवं न ही टीवी पर कोई लंबी डिबेट हो रही हैं।
कोई कुछ बोलना नहीं चाहता... आखिर क्यों?