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In a major breakthrough cum shame, Punjab policemen killed a person in #Batala on road brutally. Anger kills discipline @DGPPunjabPolice needs moral policing. @BhagwantMann@hrw
जब हमारी सेना जीत रही थी, तब सीजफायर कर दिया गया नहीं तो POK आज भारत का हिस्सा होता
~ अमित शाह दिसंबर 2023 में whatsapp का ज्ञान दे रहे थे
तो चलिए बताइए, अब क्या हुआ?
@DGPPunjabPolice In a major breakthrough, even after 7 days of brutal assault on Pushpinder Bath, Colonel Indian Army on 13th March,@PunjabPoliceInd failed to name the accused police officials in FIR. WHAT A SHAME on such intentional protection.
@CMbhagwantmann
@elonmusk@realDonaldTrump Sheer reminder of "Two cats and a Monkey" story😀 Irony is that here monkey fears the big cat ! Future is bleak for USA , Iam sure
@GyanendrAw लड़ाई तो सच और झूठ की है। हम केवल किरदार हैं।बुद्ध का किरदार सच का है। सच के हथियार प्रेम, अहिंसा व समानता हैं और झूठ के नफ़रत, हिंसा व भेदभाव हैं। इंसान सच की लड़ाई झूठ के हथियारों से जीतना चाहता है। झूठ के हथियारों से लड़ने वाला झूठ का सिपाही है, वह सत्य को जीत नहीं दिला सकता।
भाजपाइयों ने सस्ते में अपनों को खरीदवाया और जब बेचकर निकलने का समय आया तो भाजपा सरकार ने सर्किल रेट बढ़ाने का प्रबंध करवाया। अयोध्या की भूमि भाजपाई सौदेबाज़ी और मुनाफ़ाखोरी की शिकार हुई है। अयोध्या की जनता तो पहले ही जान गयी थी कि भाजपा का अयोध्या से भावात्मक-भावनात्मक लगाव नहीं बल्कि ‘भू-नात्मक’ व ‘मुनाफ़ात्मक’ लोभ है।
भाजपाई लालच ने जब अयोध्या को नहीं छोड़ा तो बाकी देश का क्या हाल कर रहे होंगे, ये कहने की बात नहीं।
भाजपा = भू ज़मीन पार्टी
7 राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा द्वारा बुना गया ‘भय और भ्रम’ का जाल टूट चुका है।
किसान, नौजवान, मज़दूर, व्यापारी और नौकरीपेशा समेत हर वर्ग तानाशाही का समूल नाश कर न्याय का राज स्थापित करना चाहता है।
अपने जीवन की बेहतरी और संविधान की रक्षा के लिए जनता अब पूरी तरह से INDIA के साथ खड़ी है।
जय हिंदुस्तान, जय संविधान।
"ट्रेनों में यूरिनल नहीं है। हम लोग रात के अंधेरे में बोतल में और पॉलिथिन में फेंकते हैं।"
"52 डिग्री में ट्रेन चलाते हैं, सेकेंड्स में फैसला लेना होता है, दिमाग काम कैसे करेगा?"
"चार चार नाइट ड्यूटी, तीन चार दिन बाहर रखते हैं, पर्याप्त आराम नहीं मिलता।"
राहुल गांधी लोको पायलटों से मिले तो रील मंत्री का कहना है कि राजनीति हो रही है।
डूब मरने के लिए चुल्लू भर पानी नहीं मिल रहा आपको मंत्री जी?
एक छोटी सी बच्ची रो रो कर एक ही बात कह रही थी “माँ की याद आ रही है, माँ क्यों चली गई, माँ नहीं आएगी अब”
राहुल जी बहुत देर उससे उसकी माँ के बारे में पूछते रहे, अपने पास बिठाया और सिर पर हाथ फेर उसके आंसू पोंछे
एक पिता फूट फूट कर रो रहा था, उसकी 18 साल की बेटी की भी हाथरस हादसे में मौत हो गई थी
बार बार कह रहा था, “मेरी गलती है, मैंने उसे उस दिन पैसे ना दिये होते तो वो जाती ही नहीं”
राहुल जी ने उसके कंधे पर हाथ रख कर कहा “आप अपने आपको दोष मत दीजिए, आपकी गलती नहीं है”
एक टूट चुके पिता और एक रोती हुई बच्ची को ढाँढस बन्धाने के लिए हिम्मत ही नहीं उनके दर्द को समझना और उसको बाँटने का जज़्बा चाहिए होता है