क्योंकि यहाँ के लोग धर्म, जाति, हिंदू-मुस्लिम और भारत-पाकिस्तान के नाम पर वोट नहीं करते।
यहाँ के लोग स्कूल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अच्छी सड़कों जैसे मुद्दों पर वोट करते हैं। इसलिए यहाँ के स्कूलों की तस्वीर ऐसी है।
और हमारे हिंदीभाषी राज्यों के स्कूलों का हाल तो आप जानते ही होंगे।
बाबा कोई और है।
बापू कोई और है।
चाचा कोई और है।
तो नरेंद्र क्या बनेगा...?
चाय वाला चाय वाला चाय वाला।
क्योंकि.... चौकीदार ही चोर है.... चौकीदार ही चोर है।
बेटी का एडमिशन राम मंदिर में करबा दिये पढ़ाई अच्छा से चल रहा है।
बीवी का तबीयत खराब हो गया था, हनुमान मंदिर में एडमिट करबा दिये है, ठीक हो जाएगा।
थोड़ा भक्ति करने का मन हुआ, नेता जी के पास चले आए।... जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम..
किसी देश को व्यापक रूप से "विश्वगुरु" मानने के लिए आमतौर पर उ��्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, वैज्ञानिक शोध, नवाचार, सामाजिक विकास, पर्यावरणीय नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी होना आवश्यक माना जाता है।