उप्र के गाँव-गाँव तक कोरोना का फैलना बहुत चिंताजनक है। गाँव-तहसील में जब बुख़ार की दवाइयों तक की भारी कमी-क़िल्लत है तो ऑक्सीजन, बेड या वैक्सीन की क्या उम्मीद की जाए।
भाजपा सरकार का ये झूठ कि ‘उप्र में कोरोना न के बराबर है’, ग्रामीण इलाक़ों में बेहद जानलेवा साबित हो रहा है।
सही है इससे अच्छा होता बैक वालो को बुला के इकठ्ठा मार देते सब पास वाले ऐसे ही खुश हो जाते जब यही कारण था तो साफ साफ मना कर देते #डीएलएड_बैक_सेमेस्टर_प्रमोट_करें_योगी_जी
डीएलएड 2018 बैक बालों ध्यान से सुन लो...
अगर तुम यही सोच रहे हो , अगर प्रमोट होंगे तो हम भी हो जाएंगे । हमें क्या जरूरत है ट्वीट करने और 28 सितंबर को लखनऊ जाने की,, जो सबके साथ हो हमारे साथ भी हो जाएगा।
तो तुम्हारी यही छोटी सोच तुम्हारा बहुत जल्दी कल्याण करा देगी!!
@UdayShukla21