इस विडियो में तो AG साफ़ कह रहे हैं कि एथनॉल ब्लेंडिंग एक एक्सपेरिमेंट है और इसका रिजल्ट एक साल में पता चलेगा।
फिर कल इसी रिपोर्ट पर इतना शोर क्यों मचाया गया? इसे ग़लत क्यों कहा गया?
जो हाल आज चंपत राय का है .. वही कभी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का था .. आप मानते हैं ? ईमानदार व्यक्ति सबको ईमानदार समझता है .. यही उसकी सबसे बडी कमजोरी है .. मगर ज़िम्मेदारी तो उसकी ही बनती है .. जैसे मनमोहन सरकार भ्रष्ट कही जाती है वैसे ही ट्रस्ट को भ्रष्ट कहना सही है या नहीं ??? मैं मनमोहन सिंह को भी और चंपत राय दोनों को ईमानदार मानता हूं