यह TMC नेता नुरूल इस्लाम हैं भीड़ इन मारने के लिए दौड़ा रही है पुलिसकर्मी जैसे तैसे उन्हें लेकर भाग रहे हैं।
बेशर्मी देखिए बीजेपी @BJP4India ने X पर इसे अपने ऑफिशियल हैंडल से शेयर किया है और लिखा है जनता का गुस्सा सीधे अंडों में ट्रांसलेट हो गया।
मतलब यह मान लिया जाए कि समूची भाजपा इस हिंसा पर एकमत है और वह चाहती है जनता ऐसे ही अपने गुस्से को ट्रांसलेट करे।
650 करोड़ के स्वास्थ्य घोटाले पर मुर्दा शांति क्यों?
कब होगा रेखा गुप्ता और पंकज सिंह का इस्तीफा?
जो चादर AIIMS को 150 रुपये में मिली, वही रेखा गुप्ता जी को 450 रुपये में मिली।
क्या आपको यकीन होगा कि दिल्ली के अस्पतालों में 1 बेड के लिए 111 चादरें खरीदी गईं? कुल 16,70,000 चादरें।
जो X-ray मशीन दूसरे अस्पतालों को 10 लाख रुपये में मिली, वही रेखा गुप्ता को 33 लाख रुपये में मिली। 448 मशीनों में 100 करोड़ का घोटाला।
जो दवाइयाँ 100 करोड़ रुपये की मिलनी थीं, वे रेखा गुप्ता को 400 करोड़ रुपये में मिलीं।
2 रुपये का ORS घोल रेखा गुप्ता को 15 रुपये में मिला। 1 करोड़ रुपये का सामान 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा।
क्या मोदी अब चीन का डटकर सामना कर पाएंगे?
जो लोग पाकिस्तान को पानी के लिए तरसाने के लिए सिंधु नदी का पानी रोकने की बात करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक बहने वाली सभी प्रमुख नदियाँ चीन (तिब्बत) से निकलती हैं। चिनाब, झेलम, सिंध, सतलुज, ब्यास, गंगा-यमुना से लेकर ब्रह्मपुत्र तक सभी चीन से ही आती हैं।
1996 से पहले, कांग्रेस सरकारों ने कभी भी तिब्बत पर चीन के आधिकारिक दावे को मान्यता नहीं दी; इसके बजाय, उन्होंने वहाँ के कब्ज़े को अवैध माना था। हालाँकि, जब अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की भाजपा सरकार सत्ता में आई, तो वह दौड़ते हुए चीन पहुंच गये और उन्होंने चीन के दावे को स्वीकार कर लिया था। बाद में 2003 में उनकी सरकार ने इस रुख को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दिया था।
अब, वही चीन चेतावनी दे रहा है कि अगर पाकिस्तान के हिस्से का एक भी बूंद पानी रोका गया, तो वह भारत को कभी न भूलने वाला सबक सिखाएगा; चीन का कहना है कि भारत का ऐसा कदम मानवता का उल्लंघन होगा—जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रधानमंत्री @narendramodi का नाम लेकर चीन यह बात सार्वजनिक तौर पर कह रहा है। तभी डरी हुई @BJP4India@RSSorg अब पाकिस्तान से बात करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं।
शीतल प्रसाद सिंह जी लिखते हैं-
“सारे नोएडा के मीडिया चैनलों ने और असंख्य यूट्यूबर्स ने अयोध्या चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड/ मुख्य अभियुक्त टिन्नू यादव को घोषित कर रक्खा था ।
अब FIR के बाद जो पुलिस जांच चल रही है और कल जो कोर्ट में मुख्य अभियुक्त बताकर रिमांड माँगी गई और मिली वह अविनाश शुक्ला की है ।
कैश बरामदगी की हर खबर में पंद्रह से बीस लाख रुपये की बरामदगी, डालर की बरामदगी और सोने चाँदी की बरामदगी जिनके यहाँ हुई वे यादव नहीं थे । टिन्नू के घर से कुल एक लाख रुपये बरामद करने की बात इसी दुष्प्रचार वाहिनी को स्वीकार करनी पड़ी (यह एक लाख रुपये भी मंदिर चढ़ावे के हैं कि निजी हैं यह भी स्पष्ट नहीं है)।
टिन्नू यादव के लखनऊ में फ्लैट और फार्चूनर का भी अब कहीं कोई ज़िक्र नहीं है । प्रसार भारती से सोलह करोड़ रुपये सालाना इनाम पाने वाले सुधीर चौधरी भी आरोप लगाकर अब ग़ायब हैं!
हम कितने जातिवादी लोग हैं और हमेशा पिछड़े दलित आदिवासी,स्त्री , व गरीब लोगों को ही टार्गेट करने के दोषी हैं?”
सिर्फ पैर टूटा था... ICU में भर्ती कर बना दिया ₹22 लाख का बिल, ओर फिर जान भी चली गई,😡😡
रांची के राज हॉस्पिटल में एक मरीज को एडमिट कराया गया था क्योंकि उसका पैर फ्रैक्चर हुआ था,
भर्ती करने के बाद मरीज की 2–3 दिन तक ड्रेसिंग नहीं की गई, जिसके कारण शरीर में इंफेक्शन फैल गया,
ऊपर से इलाज के नाम पर करीब ₹22 लाख लिए गए और बाद में डॉक्टरों ने कहा कि मरीज को बचाया नहीं जा सकता,
सच कहूं तो आजकल कुछ प्राइवेट हॉस्पिटलों में गजब की लूट मची हुई है।
कल तक एक थाली में चार स्वयंसेवक खिचड़ी खाते थे, एक ही निक्कर को छह लोग बदल बदलकर पहनते थे, दस लोग एक ही खोली में चिपक चिपक कर सोते थे।
लेकिन आज 12-12 मंजिल के भव्य पाँच सितारा दफ्तर बन रहे हैं, महंगे लैपटॉप, कैमरा और टेलीप्रॉम्प्टर से भागवत और होसबले बयानबाजी करते हैं।
ये सब चढ़ावा कहाँ से आ रहा है? अयोध्या से जो लूटा गया है, उसका कितना हिस्सा यहाँ पहुंचा है? संघ इस सारी लूट पर पर्दा डालने की इतना बेचैन क्यों है?
NEET पेपर लीक की वजह से जिन छात्रों ने आत्महत्या की, वे सभी हस्तमैथुन करते थे,
ये शब्द एक सनातनी भगवाधारी के हैं,
आत्महत्या करने वाले बच्चों में छोटी छोटी लड़कियाँ भी थी जिन्होंने हाल ही में 12th पास किया था,
देश की भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के कारण अपनी जान गंवाने वाले उन मासूमों के बारे में ऐसा बोलते हुए शर्म भी नहीं आ रही इसे.
उत्तर प्रदेश –
BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य का बरेली से बदायूं तक 15 जगह स्वागत समारोह था। जैसे–जैसे काफिले आगे बढ़ रहा था, वैसे–वैसे गाड़ियों की संख्या बढ़ रही थी। बरेली–बदायूं में इस वजह से TET के कई अभ्यर्थियों की परीक्षा छूट गई।
“रुपया कमज़ोर नहीं हुआ, डॉलर मजबूत हो गया” की अपार सफलता के बाद पेश है-
“पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़े ही नहीं।”
आप लोग ही बेवक़ूफ़ हो जो महंगा पेट्रोल-डीज़ल ख़रीद रहे हो। कैसे कैसे पेट्रोल-द्रोही लोग हैं हिंदुस्तान में बताओ। शर्मनाक। 🤦🏽♂️
आखिर चंपत राय ईमानदार कैसे?
वे अपने निजी जीवन में एक रोटी खाते हों, या एक भी न खाते हों,
वे ज़मीन पर सोते हों या मचान पर सोते हों,
उनके पैतृक घर का सीमेंट उधड़ा हो,
या फिर वो झोंपड़े का बना हो,
ये कौन सी ईमानदारी की गारंटी है?
जब राम मंदिर का एक ईमानदार लेखा प्रभारी महिपाल सिंह साल 2021-22 में ही उनकी जानकारी में चढ़ावा चोरी का महापाप लाता हो,
8 महीने के सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का संताप लाता हो,
फिर भी वे खामोश कैसे रहे?
भक्ति की द्रौपदी के चीरहरण के भीष्म पितामह बने रहे?
महिपाल सिंह को ही नौकरी से निकाल दिया!
शिकारी के हाथ में कबूतर को डाल दिया!!
जब राम मंदिर के ईमानदार इंजीनियर दीनानाथ वर्मा उन्हें बाकायदा रिकार्डिंग सुनवाते हैं!
अनिल मिश्रा के 40 परसेंट कमीशन खाने का सप्रमाण चिट्ठा दिखाते हैं!
फिर उन्होंने इस पर लीपापोती क्यों की?
क्यों नही अनिल मिश्रा की कुर्सी ले ली?
उल्टा इंजीनियर दीनानाथ वर्मा को ही अयोध्या से निकाल दिया,
राम की मर्यादा पर चोट ये कराल (भीषण) किया?
हमारा कैमरा इन सारी गवाहियां का गवाह है,
पारदर्शिता की सूखी सरयू का बचा-खुचा प्रवाह है।
चंपत जी, भीष्म तो फिर भी प्रतिज्ञा से बंधे थे!
आप लूट के इस तंत्र में किस राजाज्ञा से बंधे थे?