ना वोटर से, ना पार्टी से , ना पार्टी विचारधारा से, ना पार्टी नेतृत्व से एकनिष्ठ रहनेवाले, ये जो भी होते है, वे राजनीती मे कही भी रहे, इनकी पहचान दगाबाज व बिन पेंदे के लोटे ही रहेंगे।
2006 में ऊच्च शिक्षा मे ओबीसी को 27% आरक्षन का प्रावधान हुआ। लेकीन MBBS/BDS all India central 15%: quota में ओबीसी को अभी भी कोटा नही दिया गया, पर यह सवाल ।
Learning ability of the congressman? What congressman learned from krtaka own govt's collapse? to topple down the own govt.of mp. And what they did learn from mp ? What ever situation in the country but to brought down the own govt of Rajasthan?
लोगोंको कोरोना के खिलाफ लडाई मे हिम्मत देनकि बजाये ये जो कोई राजस्थानी काँग्रेसद्रोही नेता है? ऊनकी इस घटीया राजनीतीक करतुत का कोई इन्सानी वजुद हो नही सकता।
आज पंचायत /राज दिवस याने प्रत्यक्ष जनतंत्र व जन विकास नियोजन का मंच. इस कानुन व व्यवस्था का राज अगर सशक्त होता, तो कोरोना से निपटने मे सहाय्यक साबीत होता।
18 एप्रेल, लींगायत संप्रदाय के संस्थापक व जातीभेदवाद, जाती वर्चस्वभावना, लींगभेद, अंधविश्वास, छुवाछुत की कुरिती के खिलाफ आन्दोलन करनेवाले महात्मा बसवेश्वरजी को जयंती पर विनम्र अभिवादन।
दूसरों पर उँगली उठाने से या बहुजन नेताओं को कोसने से मीडिया नहीं बनेगा. ख़ुद से अपेक्षा करो. ख़ुद क्यों नहीं करते. आप ख़ुद इसके लिए ढाँचा और व्यवस्था खड़ी क्यों नहीं करते?
आप नौजवान हैं. उम्र आपके साथ है. आप खड़ा कीजिए.
करोना के संकट काल में भी अगर इनकी सरकार बनाने का लोकहितकारी निर्णय विपक्ष के कुछ क्रान्तीकारी विधायकोने अपने पदोंकी कुर्बाणी देकर किया, याने इतने महत्वपुर्ण इस नये सरकार का शराब इस जरुरी सेवा बाबत लीया यह निर्णय भी जनहितैषी ही होगा। ज्योती को पुछा होगा।
यह करोना ना। सौ करोड से उपर की सालाना आय वाली कारपोरेट कंपनी , मंदिर ट्रस्ट का इस वर्ष के आय का 5% , राष्ट्रीय हित में सरकारी कोष में जमा करने का सोशल आपदा एफरमेटीव्ह रिसपोन्सीबिलटी नामसे कोई हुकुमनामा सरकार ने लाना चाहिये ।