IIT Bombay की घटना के बाद देखिए SC-ST Act का खौफ! बेगूसराय के एक स्कूल में छात्र खुलेआम मोबाइल से नकल कर रहे हैं, लेकिन कोई इनविजिलेटर रोकने की हिम्मत नहीं कर रहा।
आखिर क्यों? कहीं SC-ST Act में फँसा दिए जाने का डर तो नहीं?
जब कानून के डर से नकल रोकने वाले ही पीछे हट जाएँ, तो ईमानदार छात्रों का भविष्य कौन बचाएगा?
तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में स्वर्ण मंदिर के बाहर गश्त पर पुलिस कर्मी ने साधु पर बेवजह धार्मिक गुस्सा निकाला
साधु के गाल पर थप्पड़ जड़ने वाला मुस्लिम SI नसीम
वर्दी की आड़ में धार्मिक हिंसा @VellorePolice
यही अगर कोई मौलाना होता हिंदू पुलिस वाला थप्पड़ मारता तो देश में हंगामा हो गया होता
हिंदुओं पुलिस पर करवाई होने तक शेयर करते रहो
@sankrant@DrMohanBhagwat अगर कटुता नहीं थी तो फिर ब्राह्मणों और सनातन के ख़िलाफ़ बिना ही योग्यता के शास्त्रों का मतलब निकल उसको बदनाम किया बुद्ध धर्म अपनाया, क्यों क्या कारण था?
@spvaid Indian politicians are stooges and lick the asses of westerns. They all stash illegal money outside. Their kids study abroad and well settled. They bring scst and ugc here because they will never have to bear the burnt. Hope you got the value of elected banana democracy of India.
@GC_Revolution@BJP4India@BJP4UP Me ye teeno hote dekhna chahta hoon... Chahe thoda GC ko bhi problem ho lekin RSS ban jana chahiye aur Modi k saath uske sabhi neta salakhon k piche jaaye.
भोपाल के अफ़ज़ल खान ने किया हिन्दू लड़की का शिकार; सौरभ नाम से 5 वर्षों तक लूटी इज्जत... शरीर नोचने के बाद अब दे रहा मानसिक टॉर्चर भी
https://t.co/VJy46e55ok
#MP#Bhopal#LoveJihad
University in the constituency of PM @narendramodi.
Grafitti reads - Graves of Brahmans will be dug.
Can someone share it with "world's most popular leader"?
HORRIBLE!
Police lathi-charged a mid-Ganpati immersion celebration out of nowhere and killed one of the devotees for merely dancing to the Ganpati tune in Ahilyanagar, Maharashtra.
This happened in the presence (or on the instructions) of SP Mummaka Sudarshan (IPS) and DySP Dilip Tiprse.
Innocent Mandal member Deepak Waghskar died for nothing!
Ahilyanagar MLA Sangram Jagtap has demanded strict action against the DySP and the responsible officers, including jail and dismissal. And until it happens, the town will remain shut.
Sangram has also accused the local police of acting like the British Raj and hating Hindu symbols.
Make an example out of those responsible, @HMOIndia@AmitShah@Dev_Fadnavis@NagarPolice
Without any provocation, Mumbai Police lathi-charged a Ganpati immersion celebration, which killed one of the devotees.
Didn't see anyone talking about this??
Hindu govt me hindu procession nikalna bhi gunah ho gaya??
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अंतर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए गए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।