शाहदरा में 11 वर्षीय बालक अभिनाश संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, पुलिस तलाश में जुटी। https://t.co/wgoYSRfkLi पूरी खबर पढ़ें 👆
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शास्त्री पार्क में अवैध डग्गामार बसों का बोलबाला: बिना कागजात के सामान की लोडिंग और यातायात नियमों की धज्जियां।
दिल्ली राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले स्थित शास्त्री पार्क लोहे वाले पुल के नीचे अवैध गतिविधियों और अनधिकृत वाहनों का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। नियमों को ताक पर रखकर प्रतिदिन लगभग दोपहर 3:00 बजे से लेकर देर शाम तक अवैध 'डग्गामार' (अनाधिकृत) बसें धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं, जो यात्रियों के साथ-साथ भारी मात्रा में बिना बिल व कागजात का अवैध सामान लोड कर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों की ओर रवाना होती हैं।
प्रमुख बिंदु एवं जमीनी स्थिति
नियमों की सरेआम अनदेखी: शास्त्री पार्क लोहे के पुल के नीचे रोज दोपहर 3 बजे के बाद से ही अवैध बसों और लोडिंग वाहनों का जमावड़ा शुरू हो जाता है।
अवैध माल परिवहन: इन बसों में सवारी बिठाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर ऐसा सामान और माल लोड किया जा रहा है, जिसका न तो कोई जीएसटी बिल होता है और न ही वैध कागजात। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
यातायात व सुरक्षा को खतरा: सड़क के किनारे और पुल के नीचे बेतरतीब खड़ी ये बसें न केवल भीषण ट्रैफिक जाम का कारण बनती हैं, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी एक गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
स्थानीय तंत्र की भूमिका पर उठे सवाल,
सूत्रों की मानें तो यह पूरा अवैध सिंडिकेट स्थानीय ट्रैफिक पुलिस और शास्त्री पार्क थाना पुलिस की देखरेख व छत्रछाया में फल-फूल रहा है। बार-बार ध्यान आकर्षित किए जाने और सार्वजनिक स्थान पर हो रही इस अवैध गतिविधि के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई सख्त कार्रवाई न किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय यहां से गुजरना बेहद कठिन हो जाता है। अवैध लोडिंग और बसों के जमावड़े के कारण रोज जाम लगता है और आए दिन हादसों का डर बना रहता है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
इस क्षेत्र में बढ़ती अनधिकृत गतिविधियों, राजस्व की चोरी और संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए उच्च अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। जरूरत है कि:
शास्त्री पार्क लोहे पुल के नीचे चल रहे इस अवैध बस संचालन और लोडिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए।
बिना बिल/कागजात के अवैध सामान ले जाने वाले वाहनों और संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
मामले में संलिप्त या लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाए।
@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@DelhiPolice@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia@TIbhajanpura@shoshastripark@TIGandhinagar जांच कर कार्यवाही हेतु।
शाहदरा में 11 वर्षीय बालक लापता, परिजनों ने पुलिस से लगाई तलाश की गुहार
रात में दोस्त के साथ बिस्किट लेने दुकान पर गया था अभिनाश, घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान
दिल्ली। शाहदरा के न्यू मॉडल क्षेत्र में 11 वर्षीय बालक अभिनाश के लापता होने का मामला सामने आया है। बालक 3 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे अपने दोस्त के साथ दुकान पर बिस्किट लेने गया था, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटा। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी मां पिंकी देवी ने मानसरोवर पार्क थाने में प्रार्थना पत्र देकर बेटे की गुमशुदगी दर्ज करने और उसे तलाश करने की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, पिंकी देवी पत्नी उमाशंकर अपने परिवार के साथ ए-41, शशि पब्लिक स्कूल वाली गली नंबर-2, न्यू मॉडल, शाहदरा, दिल्ली में किराये के मकान में रहती हैं। उनका 11 वर्षीय बेटा अभिनाश 3 अक्टूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने दोस्त शिवम के साथ दुकान पर बिस्किट लेने गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब शिवम के घर जाकर उसके बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अभिनाश के साथ दुकान पर गया था, जहां से अभिनाश वरुण के साथ कहीं चला गया, जबकि वह अपने पिता के साथ घर लौट आया था। परिजनों ने वरुण से भी अभिनाश के बारे में जानकारी ली। वरुण ने बताया कि कुछ देर बाद अभिनाश ने घर जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद वह कहां गया, इसकी उसे जानकारी नहीं है।
बेटे के लापता होने से परेशान पिंकी देवी ने थाना मानसरोवर पार्क, शाहदरा में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से मामले में गुमशुदगी दर्ज करने और बेटे की तलाश कराने की मांग की है। परिजन बालक के सकुशल मिलने की उम्मीद में उसकी तलाश कर रहे हैं।
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बिजनौर में बिजली कनेक्शन के लिए भटक रहा पत्रकार एवं आम नागरिक!
मैं अमित कुमार, पत्रकार एवं पीड़ित नागरिक, ग्राम रुकनपुर, तहसील चांदपुर, जिला बिजनौर का निवासी हूँ।
मैंने 7 अक्टूबर 2026 को UPPCL झटपट पोर्टल पर 1 किलोवाट घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। ₹200 शुल्क भी जमा कर चुका हूँ। आवेदन संख्या J3610716101 है।
JE, SDO और अधीक्षण अभियंता (SE) तक से कई बार फोन पर संपर्क कर चुका हूँ। मुख्य अभियंता (CE) को भी WhatsApp और ईमेल भेज चुका हूँ। 1912 पर शिकायत संख्या PV16102600553 भी दर्ज है।
लेकिन आज तक कोई अधिकारी मौके का निरीक्षण करने तक नहीं पहुँचा, कनेक्शन देना तो दूर की बात है!
जब घर के पास बिजली का खंभा, लाइन और केबल पहले से मौजूद हैं, तो आखिर कोई अधिकारी मौके पर आने को तैयार क्यों नहीं है?
क्या यह विभागीय लापरवाही है, या किसी प्रकार की अनुचित माँग के लिए परेशान किया जा रहा है? यदि कोई समस्या है, तो विभाग स्पष्ट करे।
मैं एक आम नागरिक हूँ। मुझे अपने घर के लिए नियमानुसार बिजली कनेक्शन चाहिए। आखिर कब तक मुझे इस तरह परेशान होना पड़ेगा?
संबंधित वरिष्ठ अधिकारी कृपया संज्ञान लें, जाँच कराएँ और जवाब दें।
#Bijnor #Chandpur #UPPCL #BijliVibhag #UttarPradesh
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जांच कर कार्यवाही हेतु संदर्भ में
दिल्ली के लाल किले और सेंट मेरी चर्च के पास बेखौफ चल रही अवैध पार्किंग, बिना पर्ची-रजिस्ट्रेशन के हो रही है वसूली।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच अवैध और मनमाने तौर पर संचालित पार्किंग माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला ऐतिहासिक लाल किले के पास और St. Mary's Catholic Church (Archdiocese of Delhi Estd. AD 1857) की ठीक बगल में मुख्य मार्ग का है, जहां नियमों को ताक पर रखकर अवैध बाइकों की पार्किंग खुलेआम चलाई जा रही है।
सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह अवैध कारोबार बिना स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत के संभव नहीं है।
बिना पर्ची और बिना रजिस्ट्रेशन का खेल
इस अवैध पार्किंग की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि यहां वाहन चालकों को पार्क किए गए वाहनों के लिए कोई आधिकारिक पर्ची (रसीद) नहीं दी जाती है। इसके अलावा, इस पार्किंग का कोई कानूनी रजिस्ट्रेशन या MCD (नगर निगम) द्वारा वैध ठेका भी नहीं है। इसके बावजूद, सरेआम सड़कों पर अवैध रूप से गाड़ियां खड़ी करवाकर भारी वसूली की जा रही है।
यातायात और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
मुख्य मार्ग पर कब्जा: चर्च के बराबर और मेन रोड पर अवैध पार्किंग होने के कारण सड़क का दायरा सिकुड़ रहा है, जिससे आए दिन लंबा जाम लगता है।
सुरक्षा को लेकर चिंता: लाल किला और उसके आसपास का इलाका सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में बिना किसी वेरिफिकेशन या रजिस्ट्रेशन के बाइकों का बेतरतीब खड़ा होना किसी बड़ी सुरक्षा चूक को भी न्योता दे सकता है।
अवैध संचालकों की जेबें भरने से सरकारी खजाने (MCD) को रोजाना भारी आर्थिक चूना लग रहा है।
जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठे सवाल
एक तरफ जहां दिल्ली पुलिस और नगर निगम (MCD) अवैध पार्किंग के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के इतने महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाके में सरेआम चल रहे इस अवैध खेल पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और अवैध पार्किंग का संचालन करने वालों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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शक्ति खंड-4, इंदिरापुरम: श्मशान घाट के पास झुग्गी-झोपड़ियों में चल रहा है गांजा तस्करी का अवैध कारोबार, स्थानीय बीट पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल।
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, एनसीआर के पॉश इलाकों में शुमार इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शक्ति खंड-4 (श्मशान घाट के पास) स्थित झुग्गी-झोपड़ी के इलाकों में गांजे की अवैध तस्करी का काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।
इस संवेदनशील मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस अवैध धंधे को कथित तौर पर स्थानीय बीट ऑफिसरों की छत्रछाया और संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
शक्ति खंड-4 श्मशान घाट के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ी का क्षेत्र पिछले कुछ समय से मादक पदार्थों (विशेषकर गांजा) की तस्करी का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर तैनात बीट पुलिसकर्मियों की मौन स्वीकृति और संरक्षण हासिल है, जिसके कारण इन तस्करों पर समय रहते कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाती है।
इस अवैध व्यापार के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। यहां तक कि कम उम्र के युवा और किशोर भी इस नशे की लत की चपेट में आते जा रहे हैं, जिससे इलाके में आपराधिक घटनाओं और अवांछित गतिविधियों की आशंका काफी बढ़ गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: इंदिरापुरम जैसे विकसित और संवेदनशील माने जाने वाले थाना क्षेत्र में पुलिस चौकी या बीट व्यवस्था के साये में इस प्रकार का अवैध कारोबार चलना कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
स्थानीय नागरिकों में भारी रोष और चिंता
इस अवैध गतिविधि के कारण स्थानीय निवासियों, महिलाओं और अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि झुग्गी-झोपड़ी के इस इलाके में आए दिन संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने इस बात की भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह क्षेत्र अपराधों का गढ़ बन सकता है।
प्रशासन और उच्चाधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग
इस गंभीर मामले के प्रकाश में आने के बाद अब स्थानीय जनता और प्रबुद्ध नागरिकों ने गाजियाबाद पुलिस के उच्चाधिकारियों (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस कमिश्नर) से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जनता की मांग है कि:
शक्ति खंड-4 श्मशान घाट के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में चल रहे गांजा तस्करी के इस अड्डे पर तुरंत छापेमारी की जाए।
इस अवैध कारोबार में संलिप्त मुख्य तस्करों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई (NDPS Act के तहत) की जाए।
कथित संलिप्तता के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर स्थानीय बीट ऑफिसरों और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित हो।
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गाज़ियाबाद में कानून व्यवस्था को ठेंगा: विजयनगर क्षेत्र में सरेआम चल रहा है गांजे का अवैध कारोबार, पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
गाज़ियाबाद के थाना विजयनगर क्षेत्र, जल निगम चौकी के पास।
बेबी नामक महिला पर लंबे समय से सरेआम गांजा बेचने का गंभीर आरोप।
महिला पहले भी जेल जा चुकी है, लेकिन रिहाई के बाद फिर से सक्रिय होकर खुलेआम नशे का कारोबार चला रही है।
आखिर बेख़ौफ़ अपराधियों में खाकी और कानून का डर क्यों समाप्त हो रहा है?
गाज़ियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जनपद में पुलिस के तमाम दावों और 'ऑपरेशन क्लीन' जैसे अभियानों के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। ताजा मामला थाना विजयनगर क्षेत्र के अंतर्गत जल निगम चौकी के पास का है, जहाँ स्थानीय नागरिकों द्वारा एक महिला पर सरेआम गांजे का अवैध कारोबार चलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
खुलेआम परोसा जा रहा है जहर
विश्वसनीय सूत्रों और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, 'बेबी' नामक यह महिला लंबे समय से इस इलाके में नशे का अवैध सामान बेच रही है। हैरानी की बात यह है कि इस गैरकानूनी धंधे को किसी गुप्त ठिकाने के बजाय बिल्कुल खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है, जिससे आसपास के युवाओं और आने-जाने वाले राहगीरों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है।
पहले भी जा चुकी है जेल, फिर भी नहीं रुका कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह महिला इस धंधे में कोई नई नहीं है। इससे पहले भी वह इसी अवैध कारोबार के चलते पुलिस की पकड़ में आ चुकी है और जेल की हवा खा चुकी है। इसके बावजूद, जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी इस आपराधिक गतिविधियों को और अधिक बेखौफ अंदाज में दोबारा शुरू कर दिया है। बार-बार कानून की गिरफ्त में आने के बाद भी उसके हौसले पस्त न होना स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर पुलिस और चौकी के नाक के नीचे सरेआम यह अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस तरह के अपराधियों पर सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र का युवा वर्ग नशे की गर्त में चला जाएगा और आपराधिक वारदातों में इज़ाफा होगा।
बड़ा सवाल: जब कानून के हाथ लंबे होने का दावा किया जाता है, तो आखिर ऐसे शातिर अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ क्यों गायब हो चुका है? क्या विजयनगर पुलिस इस मामले में कोई ठोस और नज़ीर पेश करने वाली कार्रवाई करेगी, या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा?
स्थानीय जनता और जागरूक नागरिकों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और इलाके में गश्त बढ़ाने की पुरजोर मांग की है।
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नंदनगरी सर्किल: ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर फर्जी शिकायत के नाम पर चालकों को फंसाने और पत्रकार को थाने का बुलावे का गंभीर आरोप।
ट्रॉफिककर्मी द्वारा 'सबा खान' के नाम पर झूठी शिकायत का दावा कर वाहन चालकों को परेशान करने का मामला आया सामने।
पत्रकार द्वारा व्हाट्सएप पर लिखित शिकायत मांगने पर थाने में देखने का बुलावा, या मामले को रफा-दफा करने का प्रयास?
खुद सबा खान ने किया खुलासा: "मैंने कोई लिखित शिकायत नहीं दी, बल्कि नो एंट्री में अवैध वसूली का स्टिंग किया गया था जोकि उजागर किय गया।
आला अधिकारियों से मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के नंदनगरी सर्किल से ट्राफ़िक पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा वाहन चालकों को झूठे मामलों में फंसाने और फर्जी शिकायतों का हवाला देकर डराने-धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी का मोबाइल नंबर +917838202002 है, जिस पर ट्रूकॉलर के माध्यम से उसका नाम मनीष त्यागी प्रदर्शित हो रहा है।
फर्जी शिकायत का खेल और पत्रकारों पर दबाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा एक वाहन चालक को फोन कर यह कहकर बुलाया गया कि 'सबा खान' नामक महिला द्वारा उसकी गाड़ी के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई है। घबराए हुए वाहन चालक ने जब इस संबंध में एक स्थानीय पत्रकार से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी, तो पत्रकार ने स्थिति की सत्यता जानने के लिए ट्रैफिककर्मी के दिए गए नंबर पर संपर्क किया।
बातचीत के दौरान ट्रैफिककर्मी ने पत्रकार को भी यही बताया कि उक्त वाहन के खिलाफ लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। जब पत्रकार ने पारदर्शिता बरतते हुए वह लिखित शिकायत व्हाट्सएप पर भेजने की मांग की, तो पुलिसकर्मी ने शिकायत की प्रति भेजने से साफ इनकार कर दिया और उल्टा पत्रकार को थाना आने को कहा।
सबा खान का बड़ा खुलासा: "मैंने कोई शिकायत नहीं दी"
इस पूरे प्रकरण में जब सच्चाई की तह तक जाने का प्रयास किया गया, तो मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया। खुद सबा खान ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ ऐसी कोई भी लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा केवल यह खबर उजागर की गई थी कि कैसे नंदनगरी क्षेत्र में नो एंट्री के नियमों को ताक पर रखकर 500 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है और गाड़ियां छोड़ी जा रही हैं। इस खबर के समर्थन में उनके पास पुख्ता वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है, जिसमें संबंधित ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के चेहरे साफ तौर पर देखे जा सकते हैं और उनकी बातचीत भी स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती है।
क्या है पुलिसकर्मी की मंशा?
सवाल यह उठता है कि जब शिकायतकर्ता ने ऐसी कोई लिखित शिकायत दी ही नहीं, तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी मनीष त्यागी द्वारा किसी अन्य महिला के नाम का दुरुपयोग करके वाहन चालकों को झूठे आरोपों में थाने बुलाने का क्या षड्यंत्र रचा जा रहा है? क्या यह अवैध वसूली के स्टिंग ऑपरेशन और भ्रष्टाचार की पोल खुलने के बाद पत्रकारों और गवाहों पर दबाव बनाने का कोई कुत्सित प्रयास है?
आला अधिकारियों से जांच की मांग,
क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों से तत्काल प्रभाव से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि वर्दी का दुरुपयोग कर इस प्रकार आम नागरिकों को फंसाने और झूठे मामलों में धमकाने का खेल खेला जाएगा, तो जनता का कानून से विश्वास उठ जाएगा। देखना यह होगा कि इस मामले में पुलिस के बड़े अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और दोषी कर्मी पर क्या कार्रवाई होती है।@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@TIKhajurikhas@TIbhajanpura@TINandNagri@DelhiPolice@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia जांच कर कार्यवाही हेतु।
पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार क्षेत्र में गंभीर मामला: चित्रा विहार रेड लाइट के पास सरेआम जारी है गांजे का अवैध कारोबार, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
स्थान: चित्रा विहार रेड लाइट, मुख्य सड़क पर स्थित झुग्गियों में, थाना प्रीत विहार क्षेत्र, पूर्वी दिल्ली।
खुलेआम अवैध गांजे की बिक्री और आए दिन होने वाले झगड़े।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार का संचालन रईस, मशकूर और राजा द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्य कमान मशकूर और रईस के हाथों में है।
पूर्व में थाना अध्यक्ष को व्हाट्सएप और कॉल्स के जरिए सूचना देने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पूर्वी दिल्ली: राजधानी दिल्ली के थाना प्रीत विहार अंतर्गत आने वाले संवेदनशील क्षेत्र चित्रा विहार रेड लाइट के पास कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा है। मुख्य सड़क पर बनी झुग्गियों में सरेआम गांजे की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है, जिससे स्थानीय रहवासियों, राहगीरों और आसपास के दुकानदारों में भारी डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
बच्चों के जरिए जारी है अवैध धंधा,
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार, इस अवैध नशीले कारोबार के संचालन में मुख्य रूप से तीन लोगों—रईस, मशकूर व राजा के नाम सामने आ रहे हैं। इस पूरे सिंडिकेट की मुख्य कमान मशकूर और रईस के हाथों में बताई जा रही है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि हाल ही में हुए एक आपसी झगड़े के मामले में रईस नामक आरोपी फिलहाल जेल या पुलिस हिरासत में बंद है, लेकिन इसके बावजूद उसके गुर्गों और बच्चों के माध्यम से गांजे का अवैध व्यापार बदस्तूर जारी है। इस इलाके में नशा तस्करों के बीच वर्चस्व और अवैध कारोबार के चलते आए दिन झगड़े व मारपीट की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल,
इस गंभीर मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और सूत्रों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार के तार काफी गहरे हैं और 'ऊपर तक' अवैध वसूली (प्रसाद/रिश्वत) पहुंचाई जाती है। यही कारण है कि तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनका यह तक कहना है "यहां कॉल कर लो या खबर लगाओ, कुछ नहीं होने वाला।"
घटना की गंभीरता को देखते हुए आज इस संबंध में आपातकालीन सेवा 112 नंबर पर भी कॉल कर पुलिस को सूचित किया गया, जिसके संदेश और साक्ष्य के रूप में गांजे की पुड़िया के वीडियो भी सामने आए हैं।
इससे पहले भी स्थानीय लोगों और सूत्रों द्वारा थाना अध्यक्ष (SHO) को व्हाट्सएप पर ट्वीट द्वारा खबर के माध्यम से सूचना और कॉल्स के जरिए अवगत कराया गया था, परंतु ज़मीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। पुलिस की इस कथित सुस्ती और निष्क्रियता के चलते स्थानीय जनता में भारी रोष व्याप्त है।
चित्रा विहार रेड लाइट के पास सरेआम चल रहा यह अवैध कारोबार न केवल नई पीढ़ी को नशे के गर्त में धकेल रहा है, बल्कि किसी बड़ी आपराधिक घटना को भी न्योता दे रहा है। क्षेत्रवासियों ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने, आरोपियों (रईस, मशकूर और राजा) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा थाना प्रीत विहार की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। @DCPEastDelhi@preet_sho@shopreetvi30711@CrimeBranchDP@narcoticsbureau@CBIHeadquarters@CPDelhi@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@CPDelhi@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiGovDigital
संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार क्षेत्र में गंभीर मामला: चित्रा विहार रेड लाइट के पास सरेआम जारी है गांजे का अवैध कारोबार, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
स्थान: चित्रा विहार रेड लाइट, मुख्य सड़क पर स्थित झुग्गियों में, थाना प्रीत विहार क्षेत्र, पूर्वी दिल्ली।
खुलेआम अवैध गांजे की बिक्री और आए दिन होने वाले झगड़े।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार का संचालन रईस, मशकूर और राजा द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्य कमान मशकूर और रईस के हाथों में है।
पूर्व में थाना अध्यक्ष को व्हाट्सएप और कॉल्स के जरिए सूचना देने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पूर्वी दिल्ली: राजधानी दिल्ली के थाना प्रीत विहार अंतर्गत आने वाले संवेदनशील क्षेत्र चित्रा विहार रेड लाइट के पास कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा है। मुख्य सड़क पर बनी झुग्गियों में सरेआम गांजे की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है, जिससे स्थानीय रहवासियों, राहगीरों और आसपास के दुकानदारों में भारी डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
बच्चों के जरिए जारी है अवैध धंधा,
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार, इस अवैध नशीले कारोबार के संचालन में मुख्य रूप से तीन लोगों—रईस, मशकूर व राजा के नाम सामने आ रहे हैं। इस पूरे सिंडिकेट की मुख्य कमान मशकूर और रईस के हाथों में बताई जा रही है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि हाल ही में हुए एक आपसी झगड़े के मामले में रईस नामक आरोपी फिलहाल जेल या पुलिस हिरासत में बंद है, लेकिन इसके बावजूद उसके गुर्गों और बच्चों के माध्यम से गांजे का अवैध व्यापार बदस्तूर जारी है। इस इलाके में नशा तस्करों के बीच वर्चस्व और अवैध कारोबार के चलते आए दिन झगड़े व मारपीट की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल,
इस गंभीर मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और सूत्रों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार के तार काफी गहरे हैं और 'ऊपर तक' अवैध वसूली (प्रसाद/रिश्वत) पहुंचाई जाती है। यही कारण है कि तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनका यह तक कहना है "यहां कॉल कर लो या खबर लगाओ, कुछ नहीं होने वाला।"
घटना की गंभीरता को देखते हुए आज इस संबंध में आपातकालीन सेवा 112 नंबर पर भी कॉल कर पुलिस को सूचित किया गया, जिसके संदेश और साक्ष्य के रूप में गांजे की पुड़िया के वीडियो भी सामने आए हैं।
इससे पहले भी स्थानीय लोगों और सूत्रों द्वारा थाना अध्यक्ष (SHO) को व्हाट्सएप पर ट्वीट द्वारा खबर के माध्यम से सूचना और कॉल्स के जरिए अवगत कराया गया था, परंतु ज़मीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। पुलिस की इस कथित सुस्ती और निष्क्रियता के चलते स्थानीय जनता में भारी रोष व्याप्त है।
चित्रा विहार रेड लाइट के पास सरेआम चल रहा यह अवैध कारोबार न केवल नई पीढ़ी को नशे के गर्त में धकेल रहा है, बल्कि किसी बड़ी आपराधिक घटना को भी न्योता दे रहा है। क्षेत्रवासियों ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने, आरोपियों (रईस, मशकूर और राजा) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा थाना प्रीत विहार की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। @DCPEastDelhi@preet_sho@shopreetvi30711@CrimeBranchDP@narcoticsbureau@CBIHeadquarters@CPDelhi@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@CPDelhi@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiGovDigital
संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
चित्रा विहार रेड लाइट के पास खुलेआम गांजे की बिक्री: पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल।
(पूर्वी दिल्ली: राजधानी के थाना प्रीत विहार क्षेत्र अंतर्गत आने वाले चित्रा विहार रेड लाइट के पास अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्य सड़क पर बनी झुग्गियों के सामने सरेआम अवैध गांजे की बिक्री की जा रही है, जिससे पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अवैध नशीले कारोबार की कमान रईस नामक व्यक्ति के हाथों में है।
कारोबार का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी पुलिस और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए नाबालिग बच्चों और महिलाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। सड़क किनारे बिना किसी खौफ के हो रही तस्करी के कारण न केवल क्षेत्र का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है, बल्कि मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, महिलाओं और स्थानीय निवासियों का निकलना भी दूभर हो गया है।
थाना अध्यक्ष को दी गई सूचना, फिर भी ठोस कार्रवाई का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना अध्यक्ष को फोन पर इस अवैध धंधे की विस्तृत सूचना दे दी गई है। हालांकि, स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पूर्व में भी इस संबंध में खबरें प्रकाशित होने और शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी या ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मुख्य सड़क पर बेखौफ जारी नशीले पदार्थों का यह कारोबार न केवल स्थानीय पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करता है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर किसकी शह पर यह अवैध गतिविधि फल-फूल रही है।
नाबालिगों के भविष्य पर मंडराता खतरा
अपराध में नाबालिग बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। नशीले पदार्थों के कारोबारी बच्चों को कम उम्र में ही इस दलदल में धकेल रहे हैं, जिससे उनका भविष्य पूरी तरह तबाह हो रहा है।
क्षेत्रीय निवासियों ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) से मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। चित्रा विहार रेड लाइट के पास विशेष अभियान चलाकर मुख्य आरोपी रईस समेत इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो सके। @DCPEastDelhi@ShoPreet@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@CrimeBranchDP@CPDelhi@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiPolice@DelhiGovDigital@dgovcbic
चित्रा विहार रेड लाइट के पास खुलेआम गांजे की बिक्री: पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल।
(पूर्वी दिल्ली: राजधानी के थाना प्रीत विहार क्षेत्र अंतर्गत आने वाले चित्रा विहार रेड लाइट के पास अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्य सड़क पर बनी झुग्गियों के सामने सरेआम अवैध गांजे की बिक्री की जा रही है, जिससे पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अवैध नशीले कारोबार की कमान रईस नामक व्यक्ति के हाथों में है।
कारोबार का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी पुलिस और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए नाबालिग बच्चों और महिलाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। सड़क किनारे बिना किसी खौफ के हो रही तस्करी के कारण न केवल क्षेत्र का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है, बल्कि मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, महिलाओं और स्थानीय निवासियों का निकलना भी दूभर हो गया है।
थाना अध्यक्ष को दी गई सूचना, फिर भी ठोस कार्रवाई का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना अध्यक्ष को फोन पर इस अवैध धंधे की विस्तृत सूचना दे दी गई है। हालांकि, स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पूर्व में भी इस संबंध में खबरें प्रकाशित होने और शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी या ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मुख्य सड़क पर बेखौफ जारी नशीले पदार्थों का यह कारोबार न केवल स्थानीय पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करता है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर किसकी शह पर यह अवैध गतिविधि फल-फूल रही है।
नाबालिगों के भविष्य पर मंडराता खतरा
अपराध में नाबालिग बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। नशीले पदार्थों के कारोबारी बच्चों को कम उम्र में ही इस दलदल में धकेल रहे हैं, जिससे उनका भविष्य पूरी तरह तबाह हो रहा है।
क्षेत्रीय निवासियों ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) से मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। चित्रा विहार रेड लाइट के पास विशेष अभियान चलाकर मुख्य आरोपी रईस समेत इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो सके। @DCPEastDelhi@ShoPreet@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@CrimeBranchDP@CPDelhi@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiPolice@DelhiGovDigital@dgovcbic
उत्तर पूर्वी दिल्ली: गोलचक्कर फ्लाईओवर के नीचे और मुख्य सड़क पर अवैध पार्किंग का बोलबाला, सर्विस रोड पूरी तरह ठप।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के एक महत्वपूर्ण मार्ग—गोलचक्कर फ्लाईओवर उतरने के बाद से लेकर मंडोली फ्लाईओवर से पहले तक—इन दिनों अवैध अतिक्रमण और बेतहाशा पार्किंग के कारण आम जनता के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। सर्विस रोड पर तो पहले ही पूरी तरह कब्ज़ा हो चुका है, लेकिन अब स्थिति यह है कि मुख्य (मेन) सड़क का भी आधा हिस्सा अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों और अनधिकृत पार्किंग के हवाले कर दिया गया है।
मुख्य सड़कें बनीं गैराज, राहगीर परेशान
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के अनुसार, गोलचक्कर से मंडोली की ओर जाने वाले इस मार्ग पर दिन-रात गाड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। सर्विस रोड बंद होने के कारण लोग मुख्य सड़क से गुजरने को मजबूर हैं, लेकिन वहां भी मुख्य सड़क की एक पूरी लेन अवैध पार्किंग के रूप में इस्तेमाल की जा रही है।
सर्विस रोड पर पूर्ण कब्ज़ा: सर्विस रोड पर स्थायी/अस्थायी अतिक्रमण और गाड़ियों के खड़े होने से ट्रैफिक पूरी तरह बाधित है।
मेन रोड पर गाड़ियों की कतारें: मुख्य मार्ग पर भी कतारबद्ध तरीके से वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जिससे चलने के लिए सिर्फ आधी सड़क ही बचती है।
भयानक ट्रैफिक जाम: सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान यहां किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है, जिससे एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों को भी निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस पर उठे सवाल,
गंभीर आरोप: सूत्रों और स्थानीय लोगों का दावा है कि यह अवैध पार्किंग का काला कारोबार बिना प्रशासनिक शह के मुमकिन नहीं है। इलाके में चर्चा है कि स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की कथित 'छत्रछाया' और अनदेखी के चलते ही यह अवैध कारोबार दिन-दूना रात-चौगुना फल-फूल रहा है।
सड़क पर सरेआम कानून-व्यवस्था और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की खामोशी से क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने उपराज्यपाल (LG), दिल्ली पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ यातायात अधिकारियों से मांग की है कि:
इस पूरे स्ट्रेच पर तुरंत विशेष अभियान चलाकर अवैध अतिक्रमण हटाया जाए।
अवैध पार्किंग संचालित करने वाले माफियाओं और इसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
सर्विस रोड को पूरी तरह खाली कराकर आम जनता के आवागमन के लिए खोला जाए।
अब देखना यह होगा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए प्रशासन कब तक हरकत में आता है या फिर आम जनता यूं ही रोजाना इस जाम और अव्यवस्था से जूझती रहेगी।
@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@TIKhajurikhas@TIbhajanpura@TINandNagri@DelhiPolice@bishtmla@UpenderSolanki7@ShoDayalpur@shodayalpur25@AcpKhajuri@Acpgokalpuri@TransportDelhi@ParivahanSewa@MORTHIndia@NHAI_Official@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia जांच कर कार्यवाही हेतु।
उत्तर पूर्वी दिल्ली में डग्गामार बसों का खेल: सीलमपुर रोड पर सरेआम हो रही बिना बिल के माल की ढुलाई, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल।
कांवड़ मंदिर के पास यूपी नंबर की बसें बनीं 'अवैध ट्रांसपोर्ट', जींस-पैंट और लोडिंग का बेखौफ कारोबार जारी।
नई दिल्ली: राजधानी के उत्तर पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। भजनपुरा सर्किल अंतर्गत आने वाले सीलमपुर रोड स्थित कांवड़ मंदिर के पास और इसके आस-पास के मुख्य मार्गों पर उत्तर प्रदेश (UP) रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो से तीन डग्गामार बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं।
बिना बिल का माल और कर चोरी का खेल:
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन बसों का मुख्य इस्तेमाल यातभजनपुरा-सीलमपुर रोड पर डग्गामार बसों की दबंगई, सरेआम अवैध माल ढुलाई।
दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा सर्किल क्षेत्र स्थित सीलमपुर रोड पर कांवड़ मंदिर के पास अवैध रूप से संचालित डग्गामार बसों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोपहर 2, बजे से लेकर शाम 5, बजे तक जमावड़ा रहता है,यूपी नंबर की दो से तीन बसें रोजाना बिना किसी टैक्स या बिल के माल ढो रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन बसों में कपड़ा व्यापारियों का सरेआम जींस-पैंट व अन्य लोडिंग का सामान भरा जाता है। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की कथित अनदेखी और मंथली उगाही के चलते इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। सड़क किन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। दिन के उजाले में हो रही इस गैर-कानूनी गतिविधि से ट्रैफिक नियमों की धज्जियां तो उड़ ही रही हैं, साथ ही मुख्य सड़क पर अक्सर लंबा जाम भी लग जाता है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी रोष:
सीलमपुर और भजनपुरा क्षेत्र के दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि इन डग्गामार बसों के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों ने दिल्ली परिवहन विभाग (RTO) और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने और दोषी कर्मचारियों व अवैध वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भजनपुरा-सीलमपुर रोड पर डग्गामार बसों की दबंगई, सरेआम अवैध माल ढुलाई।
दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा सर्किल क्षेत्र स्थित सीलमपुर रोड पर कांवड़ मंदिर के पास अवैध रूप से संचालित डग्गामार बसों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूपी नंबर की दो से तीन बसें रोजाना बिना किसी टैक्स या बिल के माल ढो रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन बसों में कपड़ा व्यापारियों का सरेआम जींस-पैंट व अन्य लोडिंग का सामान भरा जाता है। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की कथित अनदेखी और मंथली उगाही के चलते इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। सड़क किनारे बसों को खड़ा कर सामान चढ़ाने-उतारने से यातायात बाधित होता है। क्षेत्रवासियों ने उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से तुरंत औचक निरीक्षण कर कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।
@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@TIKhajurikhas@TIbhajanpura@TINandNagri@DelhiPolice@bishtmla@UpenderSolanki7@ShoDayalpur@shodayalpur25@AcpKhajuri@Acpgokalpuri@TransportDelhi@ParivahanSewa@MORTHIndia@NHAI_Official@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia जांच कर कार्यवाही हेतु।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली स्थित फर्नीचर मार्केट के पास भारी यातायात जाम की शिकायत संज्ञान में ली गई है। असुविधा के लिए खेद है। संबंधित Traffic Circle को तत्काल आवश्यक यातायात कर्मियों की तैनाती, सक्रिय ट्रैफिक रेगुलेशन, अवरोधक/अवैध पार्किंग के विरुद्ध प्रवर्तन तथा प्रमुख बॉटलनेक को क्लियर करने हेतु सूचित किया जा रहा है। एम्बुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
उत्तर पूर्वी दिल्ली: फर्नीचर मार्केट के पास लगा भीषण जाम, घंटों से फंसे वाहन चालकों और आम जनता का बुरा हाल।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के व्यस्त समय में ही फर्नीचर मार्केट के पास सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव शुरू हो गया था। इसके ऊपर से सड़क किनारे अवैध पार्किंग, भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही और स्थानीय स्तर पर अतिक्रमण के चलते सड़क की चौड़ाई कम हो गई, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जाम इतना भयंकर था कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी पैदल निकलना मुश्किल हो गया। घंटों तक गाड़ियाँ एक ही स्थान पर थमी रहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर यातायात पुलिस की नियमित तैनाती न होने के कारण वाहन चालक अपनी मनमानी करते हैं, जिससे अक्सर ऐसी विकट परिस्थितियाँ पैदा होती हैं।
जनता में आक्रोश:
घंटों जाम में फंसे रहने के कारण यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन इस समस्या से भली-भांति परिचित है, फिर भी स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आपातकालीन सेवाएँ जैसे एम्बुलेंस भी इस जाम में काफी देर तक फँसी रहीं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। @dtptraffic@dcptcr@DelhiTrafficPol@FMCENTER
उत्तर पूर्वी दिल्ली: फर्नीचर मार्केट के पास लगा भीषण जाम, घंटों से फंसे वाहन चालकों और आम जनता का बुरा हाल।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के व्यस्त समय में ही फर्नीचर मार्केट के पास सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव शुरू हो गया था। इसके ऊपर से सड़क किनारे अवैध पार्किंग, भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही और स्थानीय स्तर पर अतिक्रमण के चलते सड़क की चौड़ाई कम हो गई, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जाम इतना भयंकर था कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी पैदल निकलना मुश्किल हो गया। घंटों तक गाड़ियाँ एक ही स्थान पर थमी रहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर यातायात पुलिस की नियमित तैनाती न होने के कारण वाहन चालक अपनी मनमानी करते हैं, जिससे अक्सर ऐसी विकट परिस्थितियाँ पैदा होती हैं।
जनता में आक्रोश:
घंटों जाम में फंसे रहने के कारण यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन इस समस्या से भली-भांति परिचित है, फिर भी स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आपातकालीन सेवाएँ जैसे एम्बुलेंस भी इस जाम में काफी देर तक फँसी रहीं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। @dtptraffic@dcptcr@DelhiTrafficPol@FMCENTER
प्रेमी जोड़े ने परिवार के खिलाफ जाकर की कोर्ट मैरिज, सुरक्षा की लगाई गुहार।
हस्तिनापुर (मेरठ)।
हस्तिनापुर क्षेत्र के ग्राम शिरजो शेपुर (हाल निवासी रामविहार कॉलोनी, हस्तिनापुर) की 23 वर्षीय युवती ने अपने प्रेमी के साथ गाजियाबाद में मंदिर व कोर्ट मैरिज कर ली है। विवाह के बाद युवती ने एक बयान जारी कर उच्च अधिकारियों से अपने पति तथा ससुराल पक्ष के लोगों की सुरक्षा की मांग की है।
युवती के अनुसार, वह क्षेत्र के ही निवासी विनीत कुमार को पिछले 10 वर्षों से जानती है और बीते 4 वर्षों से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती ने अपने इस रिश्ते की जानकारी स्वयं अपने परिजनों को दी थी और विनीत के साथ शादी करने की इच्छा जताई थी।
युवती का कहना है कि विनीत कुमार के परिजन इस विवाह के लिए सहर्ष तैयार हो गए थे, लेकिन उसके अपने परिवार वालों ने शादी से साफ इंकार कर दिया। आरोप है कि शादी की बात रखने पर परिजनों ने युवती को जान से मारने की धमकी दी।
'हम बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ हैं'
युवती ने स्पष्ट किया कि चूंकि वह और विनीत दोनों बालिग हैं, इसलिए उन्होंने किसी के दबाव में आए बिना गाजियाबाद स्थित मंदिर तथा न्यायालय (Court) में कानूनी रूप से विवाह रचा लिया है।
हम दोनों इस शादी से बेहद खुश हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ रह रहे हैं। युवती का बयान व पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग,
युवती ने पुलिस एवं प्रशासनिक आला अधिकारियों से अपील की है कि स्थानीय पुलिस (SO हस्तिनापुर) द्वारा उसके पति या ससुराल पक्ष के परिजनों को न तो परेशान किया जाए और न ही उन पर किसी तरह का अनुचित दबाव बनाया जाए।
युवती ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि भविष्य में उसे, उसके पति को या उसके ससुराल वालों को किसी भी तरह से प्रताड़ित या नुकसान पहुंचाया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उसके अपने परिवार (मायके पक्ष) की होगी। @Uppolice@UPGovt@dgpup@India_NHRC@CMOfficeUP@myogiadityanath@digrangemeerut@meerutpolice@HMOIndia@PMOIndia
प्रेमी जोड़े ने परिवार के खिलाफ जाकर की कोर्ट मैरिज, सुरक्षा की लगाई गुहार।
हस्तिनापुर (मेरठ)।
हस्तिनापुर क्षेत्र के ग्राम शिरजो शेपुर (हाल निवासी रामविहार कॉलोनी, हस्तिनापुर) की 23 वर्षीय युवती ने अपने प्रेमी के साथ गाजियाबाद में मंदिर व कोर्ट मैरिज कर ली है। विवाह के बाद युवती ने एक बयान जारी कर उच्च अधिकारियों से अपने पति तथा ससुराल पक्ष के लोगों की सुरक्षा की मांग की है।
युवती के अनुसार, वह क्षेत्र के ही निवासी विनीत कुमार को पिछले 10 वर्षों से जानती है और बीते 4 वर्षों से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती ने अपने इस रिश्ते की जानकारी स्वयं अपने परिजनों को दी थी और विनीत के साथ शादी करने की इच्छा जताई थी।
युवती का कहना है कि विनीत कुमार के परिजन इस विवाह के लिए सहर्ष तैयार हो गए थे, लेकिन उसके अपने परिवार वालों ने शादी से साफ इंकार कर दिया। आरोप है कि शादी की बात रखने पर परिजनों ने युवती को जान से मारने की धमकी दी।
'हम बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ हैं'
युवती ने स्पष्ट किया कि चूंकि वह और विनीत दोनों बालिग हैं, इसलिए उन्होंने किसी के दबाव में आए बिना गाजियाबाद स्थित मंदिर तथा न्यायालय (Court) में कानूनी रूप से विवाह रचा लिया है।
हम दोनों इस शादी से बेहद खुश हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ रह रहे हैं। युवती का बयान व पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग,
युवती ने पुलिस एवं प्रशासनिक आला अधिकारियों से अपील की है कि स्थानीय पुलिस (SO हस्तिनापुर) द्वारा उसके पति या ससुराल पक्ष के परिजनों को न तो परेशान किया जाए और न ही उन पर किसी तरह का अनुचित दबाव बनाया जाए।
युवती ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि भविष्य में उसे, उसके पति को या उसके ससुराल वालों को किसी भी तरह से प्रताड़ित या नुकसान पहुंचाया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उसके अपने परिवार (मायके पक्ष) की होगी। @Uppolice@UPGovt@dgpup@India_NHRC@CMOfficeUP@myogiadityanath@digrangemeerut@meerutpolice@HMOIndia@PMOIndia
पुरानी सीमापुरी में फल-फूल रहा अवैध सट्टे का कारोबार, उठ रहे गंभीर सवाल।
नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली के थाना सीमापुरी क्षेत्र अंतर्गत पुरानी सीमापुरी (B-Block) से अवैध सट्टेबाजी का एक बड़ा मामला सामने आ रहा है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सट्टे का कारोबार बेखौफ होकर चलाया जा रहा है। इस अवैध और काले कारोबार की मुख्य सरगना 'कमलेश' नाम की महिला बताई जा रही है, जो क्षेत्र में खुलेआम सट्टे का जाल फैलाए हुए है।
पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न
सूत्रों का दावा है कि इस गैर-कानूनी कारोबार को स्थानीय बीट ऑफिसर आदेश का संरक्षण प्राप्त है, जिसकी छत्रछाया में यह धंधा बेधड़क फल-फूल रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जब इस मामले की सूचना टेलीफोनिक कॉल और व्हाट्सएप मैसेज (खबर) के जरिए थाना प्रभारी (SHO) को दी गई, तो जिम्मेदार पुलिस अधिकारी का रवैया बेहद निराशाजनक रहा। पीड़ित और जागरूक नागरिकों को जवाब दिया गया: "हमें कॉल मत किया करो, हमने एक्शन ले लिया है।"
कागजों में 'एक्शन', जमीन पर 'जस की तस' स्थिति
पुलिस प्रशासन के दावों के विपरीत, धरातल पर सट्टे का कारोबार जस का तस जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर कार्रवाई की गई होती, तो यह काला कारोबार तुरंत बंद हो जाता। पुलिस अधिकारी के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार और जमीनी हकीकत में अंतर से यह संदेह गहराता जा रहा है कि क्या बीट ऑफिसर को कमाई के इस तंत्र को शह देने के लिए ही तैनात किया गया है?
उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग
कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते इस अवैध कारोबार से क्षेत्रीय माहौल बिगड़ रहा है। जब स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई ठोस सुधार नहीं हो रहा है, तो सवाल उठता है कि आखिर ऐसे अवैध काम कब और कैसे बंद हो पाएंगे?
क्षेत्रीय निवासियों और जागरूक मीडिया वर्ग ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों, विशेषकर संबंधित जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) और संयुक्त पुलिस आयुक्त से मांग की है कि:
इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
दोषी बीट ऑफिसर और संबंधित कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
सट्टा माफिया कमलेश और उसके गिरोह के खिलाफ तत्काल प्रभाव से सख्त कानूनी कार्रवाई कर इस अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त किया जाए। @DCP_SHAHDARA@SHOSeemaPuriDL@ShahdaraAddlDCP@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@LtGovDelhi@DelhiGovDigital संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।