अमेठी: दबंगई के आगे बेबस ग्रामीण व किसान! सार्वजनिक मार्ग पर कब्जे का आरोप, विरोध करने वाले व्यक्तियों केसाथ धमकियो का सिलसिला जारी ........,
#सार्वजनिक_मार्ग_पर_आवागमन_बाधित ?
तिलोई (अमेठी)। तहसील तिलोई के ग्राम सभा पाकर गांव, थाना मोहनगंज क्षेत्र में कथित दबंगई का ऐसा मामला सामने आया है जिसने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के मुख्य सार्वजनिक मार्ग को निजी जागीर समझकर उस पर आरसीसी निर्माण सामग्री, गिट्टी, सरिया और मसाला फैलाकर आवागमन बाधित किया जा रहा है।
आरोप है कि राजाराम गौतम और उनके सहयोगियों द्वारा गांव के सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर ही आरसीसी मसाला तैयार किया जा रहा है, जिससे राहगीरों, किसानों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपना वाहन निकालने या रास्ता खाली करने की बात करता है तो उसे कथित रूप से धमकियों और फौजदारी के #मुकदमों का डर दिखाया जाता है।
बताया जाता है कि यही मार्ग गांव से निकलकर निहाल सिंह के पूर्व, बलभदरगंज, सांगीपुर,रानी का पुरवा, रजिस्ट्री ऑफिस व तिलोई मुख्य मार्केट होते हुए विभिन्न मारगो को जोड़ता है।
मार्ग सुचारू रहने पर जहां लोगों के घरो को कुछ सौ मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, वहीं रास्ता बाधित होने की स्थिति में 2 से 12 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।, लोग अपने हिसाब से कम व ज्यादा दूरी का रास्ता स्वयं डिसाइड करते हैं
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त निजी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद सार्वजनिक सड़क को ही निर्माण स्थल बना दिया गया है। इतना ही नहीं, राहगीरों पर कथित दबाव बनाकर दूसरे रास्तों से जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर रास्ता अवरुद्ध किया गया है वहां चार पहिया वाहन का बैक होना तक लगभग असंभव है, जिससे कभी भी बड़ा विवाद या दुर्घटना हो सकती है।
ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने राजस्व एवं पुलिस प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर सार्वजनिक मार्ग को अवरोधमुक्त कराने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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#अमेठी में रात के अंधेरे में धरती का सीना चीर रहे खनन माफिया, प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल......,
अमेठी। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद जनपद अमेठी में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं।
#इन्हौना_थाना क्षेत्र के #सढ़िया_गांव में कथित खनन माफिया फिरोज खां द्वारा पिछले तीन दिनों से लगातार रात के अंधेरे में अवैध खनन किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्र,
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से धरती का सीना चीरकर मिट्टी का अवैध दोहन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लगातार तीन दिनों तक चल रहे इस अवैध कारोबार की भनक पुलिस और खनन विभाग को क्यों नहीं लगी,
या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन अधिकारी बड़े खनन माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय उनके साथ सांठगांठ में व्यस्त हैं। {#सूत्र} यही कारण है कि छोटे मामलों में #सक्रिय दिखने वाला विभाग प्रभावशाली और बाहुबली तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने से #बचता नजर आता है। खनन विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि यदि समय रहते इस अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। सूत्र ,
ग्रामीणों ने #जिलाधिकारी_अमेठी से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रशासन खनन माफियाओं पर बुलडोजर चलाता है या फिर अवैध खनन का यह खेल यूं ही रात के अंधेरे में फलता-फूलता रहेगा.......?
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उक्त समाचार क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों, स्थानीय चर्चाओं,उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर प्रकाशित। इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करते
'गुंडा मुख्यमंत्री हैं ये. इसपे मुकदमे चलरे भतेरे. योगी पे. मोदी पे. अमित शाह पे. महाराज कहा से आ गया यो तो गुंडा. अरे गुंडा'
बकरीद के दिन यूपी के मुख्यमंत्री योगी को गुंडा बताने वाले चच्चा का इलाज मेरठ पुलिस ने कर दिया है. चच्चा अहसान अब कान पकड़कर माफी मांग रहे हैं.. कह रहे हैं कि 'मेरे मुंह से निकल गी'
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को गुंडों ने पीटा, सख्त कार्रवाई की उठी मांग
#झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को कुछ दबंग युवकों ने बीच सड़क पर घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मी पर लगातार थप्पड़ों की बरसात की, जबकि मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मी खुद को छोड़ देने की गुहार लगाता रहा, लेकिन हमलावरों ने उसकी एक न सुनी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। आम जनता का कहना है कि जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
घटना के बाद लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि पुलिस पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर मिसाल पेश की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी कानून के रक्षकों पर हाथ उठाने की हिम्मत न कर सके।
#सूत्र
@Uppolice
'पुलिस कर्मी पर गुंडों ने की थप्पड़ों की बरसात'
झांसी में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को गुंडों ने बीच सड़क पर घेरकर पीट दिया. गुंडे लगातार थप्पड़ों की बरसात करते रहे. भीड़ तमाशबीन बनी रहीं. पुलिसकर्मी खुद को छोड़ देने की गुहार लगाता रहा. लेकिन बेरहम गुंडों का दिल नहीं पसीजा.
एक वोट की ताकत: कोलकाता के रेड रोड की बदली तस्वीर........
#कोलकाता के चर्चित रेड रोड को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2025 में बकरीद और नमाज के दौरान रेड रोड पर भारी भीड़ उमड़ी थी, जबकि 2026 में उसी स्थान पर बकरीद के दिन सड़क पूरी तरह खाली दिखाई दी। इसे लोग सत्ता परिवर्तन और प्रशासनिक सख्ती से जोड़कर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स इस बदलाव को “एक वोट की ताकत” बताते हुए राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि सरकार बदलने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ और आयोजन को लेकर नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसे प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय बता रहे हैं।
हालांकि वायरल तस्वीरों और वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
इसके बावजूद यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जनता इसे लोकतंत्र में मतदान की ताकत और उसके प्रभाव के रूप में देख रही है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर लटक रहा ताला, ग्रामीणों में नाराजगी
स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से मरीज परेशान, जिम्मेदारों पर उठे सवाल
*तिलोई/अमेठी।* विकासखंड सिंहपुर क्षेत्र के जेहटा उसराहा गांव में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर हमेशा ताला लटकने का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र पर नियमित रूप से ताला बंद रहता है, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, सरकार द्वारा गांव स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना की गई थी, ताकि लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। लेकिन जेहटा उसरहा में बना यह केंद्र अपनी बदहाल व्यवस्था और बंद ताले के कारण लोगों के लिए बेकार साबित हो रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोग्य मंदिर कभी समय से नहीं खुलता और अधिकांश दिनों में यहां ताला लटका रहता है। इससे मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में लोगों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोग्य मंदिर को नियमित रूप से संचालित कराया जाए और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। राजा मयंकेश्वर शरण सिंह Munna singh Tiloi Journalist Anand Trivedi #follower
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हर-हर महादेव
जनपद टिहरी गढ़वाल में बालगंगा और धर्मगंगा के पावन संगम के समीप स्थित बूढ़ा केदार धाम आस्था और अध्यात्म का अद्भुत केंद्र है। स्कंदपुराण के केदारखंड में वर्णित यह पवित्र स्थल पंचम धाम के रूप में विशेष मान्यता रखता है।
टिहरी गढ़वाल आगमन पर इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें।
अमेठी जनपद की तहसील तिलोई अंतर्गत उपकेंद्र सेमरौता के पूरे फकीरे मजरे सिंहपुर में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही और भ्रष्ट कार्यशैली से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। भीषण गर्मी के बीच गांव का ट्रांसफार्मर जले हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय कर्मचारी खुलेआम “खाओ-कमाओ” नीति पर काम कर रहे हैं और ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर गांव वालों से अवैध वसूली की जा रही है। आरोप यह भी है कि जब तक मोटी रकम नहीं मिलेगी, तब तक गांव में नया ट्रांसफार्मर नहीं रखा जाएगा। बिजली विभाग की इस संवेदनहीनता के चलते पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है, जबकि भीषण उमस और गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। रातभर लोग मच्छरों और गर्मी से तड़पने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर जनता की समस्याओं से आंखें मूंदे हुए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि समय रहते ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो गांववासी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेठी प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई करेगा? क्या गरीब जनता को इस भीषण गर्मी में राहत मिलेगी? और आखिर कब बदला जाएगा पूरे फकीरे का जला हुआ ट्रांसफार्मर?
फिलहाल गांव की जनता बिजली विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की मार झेलने को मजबूर है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।
@narendramodi@myogioffice@UPPCLLKO@MVVNLHQ@mvvnlamethi@EddTiloi@edsdtiloi@SDM_Tiloi@sdmtiloi@DmAmethi@dmayodhya
अमेठी जनपद की तहसील तिलोई अंतर्गत उपकेंद्र सेमरौता के पूरे फकीरे मजरे सिंहपुर में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही और भ्रष्ट कार्यशैली से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। भीषण गर्मी के बीच गांव का ट्रांसफार्मर जले हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय कर्मचारी खुलेआम “खाओ-कमाओ” नीति पर काम कर रहे हैं और ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर गांव वालों से अवैध वसूली की जा रही है। आरोप यह भी है कि जब तक मोटी रकम नहीं मिलेगी, तब तक गांव में नया ट्रांसफार्मर नहीं रखा जाएगा। बिजली विभाग की इस संवेदनहीनता के चलते पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है, जबकि भीषण उमस और गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। रातभर लोग मच्छरों और गर्मी से तड़पने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर जनता की समस्याओं से आंखें मूंदे हुए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि समय रहते ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो गांववासी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेठी प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई करेगा? क्या गरीब जनता को इस भीषण गर्मी में राहत मिलेगी? और आखिर कब बदला जाएगा पूरे फकीरे का जला हुआ ट्रांसफार्मर?
फिलहाल गांव की जनता बिजली विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की मार झेलने को मजबूर है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।
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नीदरलैंड्स के ‘द हेग’ में दिखा भारत प्रेम, प्रवासी भारतीयों ने प्रधानमंत्री मोदी @narendramodi का किया भव्य स्वागत.......
नीदरलैंड्स के प्रसिद्ध शहर The Hague में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और वहां मौजूद प्रवासी भारतीयों के बीच गहरा आत्मीय जुड़ाव देखने को मिला। कार्यक्रम का माहौल भारत माता के जयघोष, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और देशभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में शामिल भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत करते हुए भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सभ्यता के प्रति अपना गर्व खुलकर व्यक्त किया। दूर देश में रह रहे भारतीयों के उत्साह ने यह साबित कर दिया कि मातृभूमि के प्रति प्रेम सीमाओं का मोहताज नहीं होता।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों में बसे भारतीय भारत की संस्कृति, संस्कार और लोकतांत्रिक मूल्यों के सबसे बड़े प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को नई मजबूती प्रदान की है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कई प्रवासी भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर भावुक भी नजर आए। पूरे आयोजन में भारत और भारतीयता के प्रति गर्व की भावना साफ दिखाई दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम भारत और विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। साथ ही यह भी दर्शाते हैं कि आज विश्व मंच पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और भारतीय समुदाय उसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है।
#दिलावलगढ़ में सरकारी #तालाब पर खनन माफियाओं का कब्जा, #जेसीबी से धड़ल्ले से हो रही #मिट्टी खुदाई ........,
#अमेठी जनपद की तहसील तिलोई अंतर्गत #थाना_इन्हौना क्षेत्र के दिलावलगढ़ गांव में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। गांव स्थित प्राइमरी स्कूल के सामने बने सरकारी तालाब को खनन माफियाओं द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, जहां जेसीबी मशीनों से धड़ल्ले से मिट्टी की खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रालियों पर लादकर भेजी जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मौके पर लगभग एक दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियां लगातार मिट्टी ढुलाई में लगी हुई हैं। दिन ढलते ही खनन का यह खेल और तेज हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी संपत्ति को खुलेआम नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
बताया जा रहा है कि तालाब की जमीन से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाले जाने के कारण उसका स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है। वहीं भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि आखिर सरकारी तालाब पर इस तरह खुलेआम अवैध खनन कैसे संचालित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों का आरोप है कि यदि प्रशासन समय रहते सख्त कदम नहीं उठाता है तो सरकारी भूमि और पर्यावरण दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सूत्रों की मानें तो रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से तेजी से मिट्टी काटकर ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए विभिन्न स्थानों तक पहुंचाई जा रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और खनन विभाग इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर सरकारी तालाबों पर यूं ही खनन माफियाओं का कब्जा चलता रहेगा।
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'पच्चीस सौ के सिलेंडर में निकला पानी ही पानी'
यूपी के मेरठ में फ़हीम 25 सौ रूपए का ब्लेक में LPG सिलेंडर खरीदकर लाया. घर आकर लगाया तो गैस नहीं जली. फ़हीम ने सिलेंडर उल्टा किया तो पानी ही पानी निकलने लगा. फ़हीम ने वीडियो बनाकर गैस एजेंसी की हकीकत उजागर कर दी.