🛡️ प्रदेशाध्यक्ष: राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन 📢 🏥 समर्पित: नर्सेज के हक, स्वाभिमान और सेवा के प्रति।संघर्ष से समाधान तक।#RajasthanNurses#NursingOfficer
प्रदेश की लंबित और आगामी स्वास्थ्य विभाग भर्तियों को लेकर राजस्थान सचिवालय मे होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक से पहले राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नर्सिंग एवं पैरामेडिकल भर्तियो को पूर्व की भांति 'मेरिट सह बोनस अंक' पद्धति से आयोजित करने की मांग
@RajCMO सरकार से मेरा निवेदन है जीवनभर दूसरों की जान बचाने वाले संविदा नर्सिंग ऑफिसर्स खुद आर्थिक तंगी के दलदल में हैं। मुख्यमंत्री महोदय श्री @BhajanlalBjp जी व स्वास्थ्य मंत्री श्री @GajendraKhimsar जी, अपना वादा निभाएं! 13,500 पदों पर मेरिट व बोनस अंक प्रणाली से भर्ती कर इन अनुभवी कर्मियों को नियमितीकरण का अधिकार दें। उम्र के इस आखिरी पड़ाव पर इनके परिवारों को सड़क पर आने से बचाएं।
महंगाई के इस दौर में ₹8,133 मासिक वेतन भत्ते पर जीवन यापन करना संविदा नर्सिंग ऑफिसर्स के साथ सरासर नाइंसाफी है। दिन-रात जनता की सेवा करने वाले इन कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित होना ही चाहिए।
जब पंजाब सरकार @GovtofPunjabPK आउटसोर्स कार्मिकों को नियमित कर उनके भविष्य को सुरक्षित कर सकती है, तो राजस्थान के संविदा नर्सिंग ऑफिसर्स के साथ यह न्याय क्यों नहीं?
अगर अन्य राज्य सरकारें नियमितीकरण का फैसला ले सकती हैं, तो @RajGovOfficial को भी संविदा कर्मियों के हित में कदम उठाना चाहिए।
श्री @hemantkumarnews जी, श्री @NewsSChaudhary जी ,@anjanaomkashyap जी आपसे निवेदन है कि इस गंभीर विषय पर विचार करें और हमारी आवाज सरकार तक पहुँचाने में मदद करें।
@RajCMO@RajGovOfficial@DIPRRajasthan@MPYadav_@manphoolsaran7@NewsSChaudhary@Anjuchoudharye@dranjanac
#RajasthanNursingOfficerUnion #PradeepChoudhary #JusticeForCoronaWarriors
#RegulariSeContractualEmployees
वरिष्ठ पत्रकार @anjanaomkashyap जी ने बिल्कुल सही कहा कि शिक्षा और व्यवस्था में माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और इस पर व्यापार बंद होना चाहिए। यही स्थिति आज राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र की भी है।
प्रदेश में नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती हमेशा से मेरिट और कार्य अनुभव के (10, 20, 30) बोनस अंकों के आधार पर होती आई है। लेकिन कुछ माफिया मिलकर सरकार को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
आज हमारे नर्सिंग ऑफिसर और पैरामेडिकल कार्मिक अस्पतालों में मात्र ₹8,133 प्रति माह के अल्प मानदेय पर दिन-रात सेवा दे रहे हैं। राजस्थान सरकार को इन कर्मवीरों के भविष्य की चिंता करनी चाहिए।
हमारी @RajGovOfficial से मांग है कि पंजाब राज्य की तर्ज पर इन आउटसोर्स और संविदा कर्मियों को स्थायी (Permanent) किया जाए, ताकि इन कार्मिकों और इनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित हो सके। 🙏
राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन आपसे अनुरोध करती है @anjanaomkashyap जी आपसे आग्रह की राजस्थान प्रदेश में संविदा नर्सिंग ऑफिसर ओर पैरामेडिकल कार्मिक लम्बे समय से आगामी भर्ती मैरिट व बोनस पूर्व के भाती (2013,2018,2023) के तर्ज पर आगामी भर्ती की माँग को लेकर आंदोलनरत है आपसे अनुरोध है की आप भी नर्सिंग व पैरामेडिकल कार्मिको की जायज माँग का समर्थन करे
#SupportNursingStaff #RajasthanGovernment #RightToRegularization
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पंजाब में @BhagwantMann जी की सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को खत्म करते हुए 65,000 कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारी पक्के करने का निर्णय किया है। ये फैसला ऐतिहासिक है और देश में पहली बार लिया गया है।
ये सिर्फ एक फैसला नहीं बल्कि इन सभी परिवारों की नई ज़िंदगी की शुरुआत है,
राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन मुख्यमंत्री श्री @BhagwantMann जी का आभार लेकर करती है
ओर राजस्थान की @BhajanlalBjp सरकार से निवेदन है की पंजाब सरकार की तर्ज पर राजस्थान में भी आउटसोर्स कर्मचारी पक्के करने का निर्णय लिया जाए
ये तो हमारे मुख्यमंत्री महोदय श्री @BhajanlalBjp जी ही बतायेंगे जो कह रहे हैं कि प्रदेश के युवाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है, "डबल इंजन की सरकार सदैव इनके साथ है।"
लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। प्रदेश में अल्प वेतन पर पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे कार्मिकों को कार्यमुक्त किया जा रहा है और राजमेस (RAJMES) के द्वारा उनकी जगह नए कार्मिकों को नियुक्ति दी जा रही है।
माननीय मुख्यमंत्री जी, क्या इन पूर्व में कार्यरत अनुभवी कार्मिकों को यहीं समायोजित नहीं किया जा सकता? रोजगार छीनने के बजाय इन्हें सुरक्षा देना ही न्यायसंगत होगा। ओर प्रदेश के अस्पतालों में जब मन मर्जी हो जब ईमानदारी से कार्य कर रहे कार्मिको को हटा दिया जाता है ओर नए कार्मिक लगा दिए जाते है अधिकारियों के खिलाफ की कई शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती
@ashokgehlot51@hanumanbeniwal
आदरणीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी,
राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन की ओर से आपका हार्दिक आभार कि आपने प्रदेश के युवाओं के भविष्य की चिंता की और यह भरोसा दिलाया कि 'डबल इंजन' की सरकार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
परन्तु इसी भरोसे के साथ, यूनियन आपका ध्यान चिकित्सा विभाग में अल्प वेतन पर काम कर रहे संविदा कार्मिकों की गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहती है:
ठेका प्रथा बंद हो और नियमितीकरण किया जाए: शोषणकारी ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर समस्त संविदा कार्मिकों को स्थायी/नियमित किया जाए।
भर्ती प्रक्रिया में संविदा कार्मिकों को प्राथमिकता: 13,500 नर्सिंग ऑफिसर और 15,000 पैरामेडिकल पदों पर होने वाली भर्ती को मेरिट व बोनस अंकों के आधार पर निकालकर, इन अनुभवी संविदा कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित किया जाए।
मनमर्जी से कार्यमुक्त करने पर रोक: प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को बिना किसी ठोस कारण के कार्यमुक्त कर दिया जाता है। शिकायतें करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती।
राजमेस (RAJMES) में समायोजन: जब राजमेस के माध्यम से नए कार्मिक ही लेने हैं, तो बरसों से सेवा दे रहे इन्हीं अनुभवी कार्मिकों को वहां समायोजित क्यों नहीं किया जा सकता?
उम्मीद: पंजाब की सरकार की तर्ज पर राजस्थान की 'डबल इंजन' सरकार ठेका प्रथा को बंद करके संविदा व निविदा कर्मचारियों को स्थायी करने का ऐतिहासिक काम कब करेगी?
अल्प वेतन में भी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को संभालने वाले इन चिकित्सा वीरों को आपसे सिर्फ उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप इस मामले का संज्ञान लेंगे और जल्द ही नियमितीकरण की घोषणा कर इनके साथ न्याय करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी,आज बड़े ही दुखी मन से आपका ध्यान प्रदेश के उन चिकित्सा वीरों की ओर आकर्षित करना पड़ रहा है, जिन्होंने लंबे समय तक प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के अधीन अस्पतालों में अपनी सेवाएं दीं, लेकिन आज उन्हें बेरोजगार कर दिया गया है।
अत्यंत खेद का विषय है कि आपके गृह जिले भरतपुर सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों में इन संविदा नर्सिंग ऑफिसर और पैरामेडिकल कार्मिकों को अचानक कार्यमुक्त कर दिया गया है।
हमारी मांग है आपसे : जब इन अस्पतालों में राजमेस (RAJMES) के माध्यम से नए कार्मिकों की भर्ती की ही जा रही है, तो इन अनुभवी और बरसों से अल्प वेतन पर काम कर रहे कार्मिकों को निकालने के बजाय वहीं समायोजित (Adjust) किया जाए।
माननीय मुख्यमंत्री जी, राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन की आपसे मांग है कि एक तरफ आपकी सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इन अनुभवी युवाओं को बेरोजगार किया जा रहा है। आपसे विनम्र प्रार्थना है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और गृह जिले भरतपुर सहित पूरे प्रदेश के संविदा कार्मिकों को राजमेस में समायोजित कर राहत प्रदान करें।
आज प्रदेश की चिकित्सालयों में कार्यरत संविदा नर्सिंग/पैरामेडिकल कार्मिको के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ कोई जनप्रतिनिधि माँग नहीं उठा रहा
@ml_vikas@parisaini346@RajCMO@RajGovOfficial@DIPRRajasthan@1stIndiaNews@zeerajasthan_@hanumanbeniwal@ashokgehlot51@RavindraBhati__@MPYadav_@manphoolsaran7@Anjuchoudharye@SUMANJAAT1234@Kunal_Alwar@sadhnaplus_@TheNewsCanvas_@news21national@cnnbrk@BBCBreaking@FoxNews@shekharcanada@cockroachhparty@dranjanac
राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन की @RajGovOfficial से माँग है प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के अधीन चिकित्सालयों (भरतपुर,बाड़मेर,अलवर,पाली,भीलवाड़ा सहित प्रदेश के अन्य जिलों)में लंबे समय से मैन-पॉवर के माध्यम से नर्सिंग ऑफिसर और पैरामेडिकल कार्मिक अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अल्प वेतन और विपरीत परिस्थितियों में भी इन कार्मिकों ने पूरी निष्ठा के साथ राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर और मज़बूत बनाने का काम किया है।
ऐसे में चिकित्सा विभाग द्वारा जारी हालिया आदेश के तहत इन्हें हटाकर राजमेस (RAJMES) के माध्यम से नए कार्मिकों को लेने का निर्णय इन अनुभवी युवाओं के भविष्य के साथ सरासर अन्याय है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन की राजस्थान सरकार @RajGovOfficial से हमारी न्यायसंगत माँग है की
अनुभव का सम्मान हो वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे इन कार्मिकों के कार्य अनुभव को देखते हुए इन्हें सेवा से निष्कासित न किया जाए।
राजमेस (RAJMES) में समायोजन चिकित्सा विभाग अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे और पूर्व से कार्यरत इन सभी नर्सिंग ऑफिसर व पैरामेडिकल कार्मिकों को सीधे राजमेस में समायोजित (Adjust) करे।
रोज़गार की सुरक्षा अल्प मानदेय पर प्रदेश की जनता की सेवा करने वाले इन कोविड वॉरियर्स और संविदा कर्मियों के भविष्य को अंधकार में डूबने से बचाया जाए।
में राजस्थान सरकार से यह बेहद संवेदनशील अपील करता हूँ कि इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। इन युवाओं के साथ न्याय करते हुए इनके भविष्य को सुरक्षित करने के आदेश जारी किए जाएँ।
राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर यूनियन को @RajGovOfficial पर पूर्ण विश्वास है की संविदा नर्सिंग ऑफिसर/पैरामेडिकल कार्मिको की जायज माँगो को संज्ञान में लेकर इन कार्मिको के साथ राजस्थान सरकार न्याय करेगी
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