@mpparimal Thank you for openly speaking out against them. They want to hijack Sanatan Dharm by placing Ghanshyam Pande (Swaminarayan) born 240 years ago as the supreme god. Totally unacceptable.
Once again a sadhu of the Swaminarayan gurukul from Surat has made false and baseless remarks about Lord Dwarkadheesh. It has become a fashion to criticize Sanatan Dharma. Statements after statements from sadhus of the Swaminarayan sect are more painful and condemnable. In order to paint rosy picture of their sect before their disciples, these so called holy men draw the Swaminarayan Gods and saints larger than the traditional Sanatan Gods and deities. This is unacceptable and unpalatable from any logic or the wisdom. It's high time that the wiser counsel prevail on the so called saints. If Swaminarayan sadhus continue such canard to undermine Sanatan Dharma and Sanatan Gods, they will loose the respect of the people.
@Vadtal_mandir
@Harsh0457557173 @ChaudhryKaushik@Sanjay_Dixit@Iyervval@narendramodi@authoramish It should be a huge issue. This cult wants to place someone born 242 years ago as the supreme god of Hinduism, on top of Shiva and Vishnu (and his avatars). How can we tolerate this nonsense? Their books are filled with filthy stories like how Shiva worshipped Swaminarayan.
सनातन धर्म और वैदिक आराध्य देवों को नष्ट करने के स्वामीनारायण संप्रदाय के षडयंत्र और आक्रमण के विरुद्ध समग्र गुजरात के भिन्न भिन्न प्रदेश से भिन्न भिन्न जाती एवं समुदाय के सनातनियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी @narendramodi को साक्ष्यों के साथ पत्र लिखा।
पत्र में प्रधानमंत्री जी को याद दिलाया गया कि उन्हें सत्ता सनातन धर्म, समाज और एवं वैदिक आराध्य देवों की भारत भूमि पर रक्षा के लिए ही दी गई थी। वैसे हाल में वे ऐसे पंथ का राजकीय संरक्षण रोके जो सनातन धर्म को अंदर से ही इस्लाम और ईसाई जैसे पंथ में परिवर्तित करके वैदिक ईश्वरों के अपमान को नॉर्मलाइज करने का षडयंत्र चला रहा है। वे गुजरात और भारत के बाहर इस संप्रदाय को सरकार की ओर से मिल रही जमीनें और विस्तार को भी रोके और रोमन राज्य और यूरोप को ईसाई धर्म में परिवर्तित कर देने वाले रोमन राजा कॉन्स्टन्टाइन का भारतीय स्वरूप बनने से बचे। नीचे प्रधानमंत्री को गुजरात के सनातनी समाज की ओर से लिखे गए पत्र एवं स्वामीनारायण गतिविधियों के साक्ष्य को दिखाती pdf की लिंक दी गई है। यह पत्र और दस्तावेज प्रधानमंत्री जी को @PMOIndia के भिन्न ईमेल आईडी पर भेजा गया है, और स्पीड पोस्ट भी किया गया है।
https://t.co/Ky46sJvmXY
पिछले दो वर्षों से गुजरात में सनातन धर्म पर हुए इस भयानक भीतरी आक्रमण के विरुद्ध धार्मिक आपातकाल जैसी स्थिति है जिस में रोजाना के तौर पर गुजरात की सारी छोटी बड़ी न्यूज़ चैनल आवाज उठा रही है, लेकिन दो साल में अभी भी राष्ट्रीय मीडिया ने इस संवेदनशील मामले में अपना फर्ज नहीं निभाया है। गुजरात और विदेशों में बसे हिंदुओं को खालिस्तानी सोच से भी ज्यादा विकृत सनातन विरोधी धार्मिक स्वरूप में परिवर्तित करने का यह षडयंत्र चल रहा है। और सत्ता उसमें फंसी हुई सी दिखती है। कृपया अपना फर्ज निभाए और गुजरात के सनातनी समाज की मदद करे, क्योंकि कल यह विकृति आपके द्वार पर आकर खड़ी रहेगी। महाकाल कॉरिडोर और जगन्नाथ पूरी में यह पहुंच चुकी है।
@Iyervval@smitaprakash@JaipurDialogues@palkisu@ARanganathan72@Vishnu_Jain1@RSSorg
તમે રાક્ષસોને ખાલી પુરાણોમાં જ સાંભળ્યા હતા. યુગો વીતી ગયા હતા, અને હિંદુ સમાજમાં એમનો અનુભવ લુપ્ત થઈ ગયો હતો એટલે આમણે નક્કી કર્યું કે તમને લાઇવ અનુભવમાં રાક્ષસો કેવા હોય અને કયા લેવલ શું કરતા હોય એ બતાવે. એટલે તમને હિંદુ પુરાણોની એ વાતો પર વિશ્વાસ આવે કે રાક્ષસો હોય છે.
આ છે મણિનગર ગાદી સંસ્થાનનું 'સદગુરૂ શ્રી ગોપાળાનંદ (ગપગોળાનંદ) સ્વામીનો મહિમા' પુસ્તક.
દ્વારકાની યાત્રાએ જે જાય તેમને કુસંગી કહેવાના! ત્યાં ભગવાન નથી એમ પણ કહેવાનુ! કૃષ્ણની ભક્તિ કરે છે એટલે હોડી ડુબી એમ કહેવાનુ! અને અંગ્રેજોએ ઊભો કરેલો તેમનો નવો ભગવાન જ એકમાત્ર સાચો ભગવાન છે એમ કહીને કૃષ્ણને છોડવાનું કહેવાનું! અને બીજું ઘણું બધું. વાંચો. નીચતાનું એક નવું સ્તર.
स्वामिनारायण संप्रदाय की पुस्तकों में लिखा हुआ सनातन धर्म और वैदिक देवों के विरुद्ध विकृत लेखन लगातार बाहर आ रहा है, और पूरा सनातनी समाज जब इससे रोष में है, तब आज हद ही हो है। स्वामीनारायण संप्रदाय के सबसे विवादास्पद व्यक्तियों में से एक रहे गोपालानंद स्वामी की बातों के एक पुस्तक से भगवान कृष्ण के विरुद्ध अति निंदनीय बाते बाहर आई, जिससे आज फिर से गुजरात के सनातनी समाज में सनसनी मच गई।
इस पृष्ठ में द्वारका की यात्रा पर जाने वालों को 'कुसंगी' कहा गया है!
कहा गया है कि द्वारिका में भगवान नहीं हैं! भगवान वडताल में स्वामिनारायण सहजानंद स्वामी है।
कृष्ण की भक्ति करने पर एक भक्त की नाव डूब जाती है, जिसे अंग्रेजों द्वारा स्थापित सहजानंद स्वामी नामक भगवान बचाता है, और कहता है कि उस भक्त के रिश्तेदार उसके पूर्वजन्म के शत्रु है, इसलिए वे उसको कृष्ण भगवान है ऐसा कहते है। और भी बहुत कुछ।
स्वामीनारायण संप्रदाय सनातन धर्म पर किया गया एक भीतरी आक्रमण है जिसमें भगवान विष्णु के नारायण नाम को किसी के साथ जोड़कर अंग्रेजों और ईसाई पादरियों की मदद से जीसस जैसा एक नया एकमात्र भगवान बनाया गया है। और पूरे सनातन धर्म के आराध्य देवों को उसके सेवक के रूप में बताकर पूजने के लिए अयोग्य कहा गया है। एक तरह से हिंदू समाज में भीतर से इस्लाम में कन्वर्ट करने की या जीसस जैसा एक नया सर्वोपरि ईश्वर थोपकर ईसाई स्वरूप में परिवर्तित करने का यह एक भयंकर षडयंत्र है।
गुजरात में इस आक्रमण से हिंदू समाज को बचाने के लिए द्वारिका के शंकराचार्यजी की अध्यक्षता में सनातन धर्म संरक्षण समिति का गठन किया गया है। नीचे दी गई पीडीएफ में आप इस महत्वपूर्ण विषय को विस्तार से समझ पाएंगे। जरूर पढ़िए, क्योंकि आज नहीं तो कल यह वायरस गुजरात के अन्य राज्यों में फैलेगा, और मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं जगन्नाथ पूरी में उसकी शुरुआत तो पहले ही हो चुकी है।
@Sanjay_Dixit@Iyervval@ARanganathan72@authoramish@TheLallantop@narendramodi
हिंदी - कौन है स्वामिनारायण? 👇
https://t.co/PaTIQxgklK
अंग्रेजी - Who is Swaminarayan? 👇
https://t.co/MeE0qYtyBV
स्वामीनारायण संप्रदाय के सनातन धर्म विरुद्ध आक्रमण के खिलाफ गुजरात के हिंदु समाज ने जागरूक होकर कैसा युद्ध लड़ा है वह इस पुस्तक के माध्यम से जाने। गुजरात के बाहर का भारतीय हिन्दू समाज अब इस भीतरी घात से परिचित हो जाए, और अपनी आवाज उठाए, क्योंकि यह विकृति कभी भी उसके द्वार पर आ सकती है।
पुस्तक 👇
कौन स्वामी? कौन नारायण?: एक नकली नारायण के प्रपंच से सनातन धर्म पर हुए आक्रमण और हिन्दू समाज के प्रत्युत्तर की कथा
https://t.co/d06d6bYqMR
स्वामिनारायण संप्रदाय के सनातन धर्म विरुद्ध भीतरी आक्रमण की सच्चाई को इस प्रमाणित पीडीएफ के माध्यम से समझे 👇
कौन है स्वामिनारायण?
https://t.co/3faGpJXzQ9
What @Iyervval is saying here about #BAPS is not sudden or occational incidence. The entire #Swaminarayan_Sect is a huge deception done to the Hindu Sanatana Dharma to vanish the worshipping of Vedic deities and turn Hindu society into a society under one Jesus or Allah like God. Their intention with Hindu society is of Islam, their structure is of Christianity, but the outer cosmetics are of Hinduism. Hindu society of Gujarat is fuming on the tip of a Volcano by vicious insults to Hindu Gods in Swaminarayan books and speeches.
Know the complete subject and the Christian - British roots of Swaminarayan in the pdf below.
@ARanganathan72@vikramsampath@rajshamani@nitishrajput
Who is #Swaminarayan? 👇
https://t.co/MeE0qYtyBV
Read this book to understand what is happening in Gujarat with this issue.
The Deceitful Cult of a Fake Nafayan
https://t.co/8Uh2QZK54h
For USA & ebook 👇
The Deceitful Cult of A Fake Narayan: Story of the Swaminarayan Invasion on Sanatan Dharma and the Response Given by the Hindu Society https://t.co/sRmS51It3g
शंकाराचार्य श्री सदानंद सरस्वतीजी गुजरात के बाहर है, और उन तक अधूरी जानकारी पहुंची है। भगवान कृष्ण अब द्वारिका में नहीं बल्कि स्वामीनारायण के रूप में वडताल में है ऐसा नहीं लिखा गया, जैसा कि शंकराचार्य जी को बताया गया है।
हालांकि शंकराचार्यजी का संदेश स्पष्ट और योग्य है, पर स्वामीनारायण संप्रदाय की पुस्तकों में जो लिखा गया है वह यह है। 👇
'श्रीकृष्ण को भगवान मानने वाले कुसंगी (सत्संगी का विरोधी शब्द) है। भगवान द्वारिका में कैसे मिलेंगे? भगवान तो स्वामीनारायण सहजानंद के रूप में वडताल में मिलेगा।' साथ ही कहा गया है कि कृष्ण को भगवान मानकर जो द्वारका गए उनकी नांव डूब गई। उसे डूबने से स्वामीनारायण ने बचाया और कहा, 'तेरे जो रिश्तेदार कृष्ण को भगवान कहते है वे तेरे पिछले जन्म के शत्रु है।'
सनातन धर्म और वैदिक आराध्य देवों को अंदर से ही लुप्त करने का अंग्रेजों और ईसाई पादरियों प्रेरित षडयंत्र चला रहे स्वामीनारायण संप्रदाय की असलियत नीचे दी गई पीडीएफ और वीडियो लिंक में जाने।
@aajtak@ABPNews@JaipurDialogues@firstpost@palkisu@jsaideepak@RajivMessage@NileshOak@authoramish@narendramodi
कौन है स्वामिनारायण? Pdf.
https://t.co/PaTIQxgklK
स्वामीनारायण का सत्य! आखिर कब तक? वीडियो 👇
https://t.co/fyPO9TwgVh
તમે રાક્ષસોને ખાલી પુરાણોમાં જ સાંભળ્યા હતા. યુગો વીતી ગયા હતા, અને હિંદુ સમાજમાં એમનો અનુભવ લુપ્ત થઈ ગયો હતો એટલે આમણે નક્કી કર્યું કે તમને લાઇવ અનુભવમાં રાક્ષસો કેવા હોય અને કયા લેવલ શું કરતા હોય એ બતાવે. એટલે તમને હિંદુ પુરાણોની એ વાતો પર વિશ્વાસ આવે કે રાક્ષસો હોય છે.
આ છે મણિનગર ગાદી સંસ્થાનનું 'સદગુરૂ શ્રી ગોપાળાનંદ (ગપગોળાનંદ) સ્વામીનો મહિમા' પુસ્તક.
એમાં ઠસાવવામાં આવ્યું છે:
દ્વારકાની યાત્રાએ જે જાય તેમને કુસંગી કહેવાના! ત્યાં ભગવાન નથી એમ પણ કહેવાનુ! કૃષ્ણની ભક્તિ કરે છે એટલે હોડી ડુબી એમ કહેવાનુ! અને અંગ્રેજોએ ઊભો કરેલો તેમનો નકલી નારાયણ એકમાત્ર સાચો ભગવાન છે એમ કહીને એ ડૂબતો બચાવે એવું બતાવવાનું. જો તમારા સંબંધીઓ શ્રીકૃષ્ણને ભગવાન કહે અને તેમને માનવાનું કહે તો એ તમારા પૂર્વ જન્મના શત્રુઓ છે એવું માનવાનું, અને કૃષ્ણને ભગવાન માનવાનું છોડી દેવાનું! અને બીજું ઘણું બધું. વાંચો. નીચતાનું એક નવું સ્તર. નીચે પહેલી કૉમેન્ટમાં.