हां मैं एक हिन्दू जरूर हूं
पर इससे पहले मैं एक किसान और एक छात्र हूं। 👈
Ideal & Ideology Late Shri #IndraGandhi ji 🙏
& Respect for Congress garam dal 🙏
🚨 क्या अब इलाज के लिए अस्पताल जाना भी जान जोखिम में डालना है?
BJP शासन में भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो चुका है कि जनता की सुरक्षा तक सवालों के घेरे में है। इलाज के लिए अस्पताल पहुँची महिला पर छत का प्लास्टर गिर पड़ा।
आख़िर जनता अपनी जान बचाने के लिए जाए तो जाए कहाँ?
भ्रष्टाचार की कीमत अब जनता अपनी जान से क्यों चुकाए?
हरियाणा पर 1966 से 2014 तक कर्ज ₹60 हजार करोड़ था, आज बढ़कर ₹5.5 लाख करोड़ (8 गुना) हो चुका है।
जबकि, 12 साल में मेट्रो का 1 पोल नहीं लगा, 1 इंच नयी रेलवे लाइन मंजूर नहीं हुई, एक नयी यूनिट बिजली की नहीं बनी, 1 कोई बड़ी संस्था नहीं आयी।
हमारी मांग है कि BJP सरकार हरियाणा की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे।
'मोदी सरकार मतलब वसूली सरकार'
'महंगाई मैन मोदी' ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए जनता पर महंगाई का हंटर चला दिया था।
• पेट्रोल-डीजल, CNG, LPG सिलेंडर सब महंगा कर दिया था
लेकिन जब कच्चे तेल का दाम घटकर $80 प्रति बैरल से नीचे जा चुका है, तब मोदी सरकार देश की जनता को कोई राहत नहीं दे रही है।
क्योंकि नरेंद्र मोदी का फंडा क्लियर है- जो चीज एक बार महंगी हो गई, वो सस्ती नहीं होगी।
ये दबाकर वसूली करेंगे और अपने अमीर दोस्तों की तिजोरी भरेंगे।
कमजोर नेतृत्व की वजह से देश ट्रंप की दादागिरी बर्दास्त कर रहा है
भारत जैसे विशाल देश को कोई आदेश नहीं दे सकता है पर अफ़सोस कमजोर नेतृत्व की वजह से हम यह बर्दास्त कर रहे है
2029 मे मजबूत सरकार बनाएंगे जो अमेरिका की दादागिरी का जवाब दे।
भाजपा हिंदुओं की वजह से नहीं SC सीट की वजह से जीती इसका खंडन करने की आवश्यकता नहीं है
धीरे धीरे BJP ऐसा करके BSP बनकर सवर्णों को खुद से दूर कर लेगी
बदलाव प्रकृति का नियम है. चिंता न करे यह भी जरूरी है.
आज पंडित मोतीलाल नेहरू की जयंती है।
कम ही लोग जानते हैं कि जब जलियांवाला बाग के बाद पंजाब में मार्शल लॉ लगाया गया और लोगों को अंधाधुंध फांसियां देने का फैसला कर लिया गया। तो पंडित मोतीलाल नेहरु ने सीधे इंग्लैंड में ब्रिटिश हुकूमत से बातचीत करके पंजाबियों की फांसियां रुकवाईं।
पंडित मोतीलाल नेहरू बड़े बैरिस्टर और उससे भी बड़े देशभक्त। इलाहाबाद में उन्होंने एक मकान खरीदा था जो अब स्वराज भवन कहलाता है और तब आनंद भवन कहलाता था। मकान क्या, महल है? सर सैयद अहमद खान बनवाया था। जब सर सैयद ने गृह प्रवेश की पार्टी रखी तो उस जमाने के बड़े अंग्रेज अधिकारी शायद गवर्नर ही उस कार्यक्रम में आए और कहा कि यह भवन अंग्रेजी राज के एक खंभे की तरह काम करेगा।
लेकिन समय का पहिया घूमा और वह भवन पंडित मोतीलाल नेहरू का आवास बना। असहयोग आंदोलन आते-आते उन्होंने अपना प्रिय आनंद भवन कांग्रेस के आंदोलन को दान कर दिया और उसका नाम स्वराज भवन पड़ा। इसी भवन से अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंकने की बड़ी-बड़ी रणनीतियां बनने लगी और यह हिंदुस्तान के सबसे बड़े बागी महात्मा गांधी का हेड क्वार्टर जैसा बन गया।
यहीं से असहयोग आंदोलन में पंडित मोतीलाल नेहरू अपने बेटे जवाहरलाल नेहरू और परिवार के सात सदस्यों के साथ भारत की आजादी के लिए पहली बार जेल गए। फिर तो इलाहाबाद हिंदुस्तान की आजादी की ऐसी सरजमी बन गया जहां से पूरे देश की सियासत का रास्ता तय होता था। स्वराज भवन देश को समर्पित करने के बाद पंडित मोतीलाल नेहरू ने आनंद भवन बनाया और वहां भी कांग्रेस की बैठक होने लगी।
नेहरू परिवार सबके लिए था। वहां सनातनी मदन मोहन मालवीय का स्वागत था, तो क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के लिए भी दरवाजे खुले थे। लेफ्ट राइट सेंटर सब यहां मजमा लगाता था। उनका बेटा जवाहरलाल यूं तो इंग्लैंड से बैरिस्टर की पढ़ाई करके आया था लेकिन वह सबसे पहले प्रतापगढ़ के किसान आंदोलन से जुड़ा और उत्तर प्रदेश के किसानों का नेता बन गया। नेहरू परिवार में देश सेवा करने की होड़ सी मच गई। पंडित मोतीलाल नेहरू जेल गए उनकी पत्नी स्वरूप रानी देवी ने इलाहाबाद की सड़कों पर जुलूस का नेतृत्व करते हुए लाठियां खाई। उनका बेटा जवाहरलाल कांग्रेस के सब नेताओं में सबसे अधिक करीब 10 साल तक आजादी की लड़ाई में जेल में रहा। उसने भी घुड़सवार पुलिस की लाठियां अपने सिर और शरीर पर खाई। मोतीलाल जी की बहू कमला नेहरू सविनय अवज्ञा आंदोलन के समय आंदोलन का नेतृत्व करने लगी और जेल गई। मोतीलाल जी की बेटी बेटा दामाद भतीजे पत्नी सब तो जेल गए।
आगे चलकर जवाहरलाल की बेटी इंदिरा जब सयानी हुई और उसने फिरोज गांधी से विवाह किया तब 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में इंदिरा और फिरोज दोनों ही जेल गए।
ऐसे बलिदानी परिवार के मुखिया को नमन ।
@Profdilipmandal तमिल नाडु जहां पर ब्राह्मण मात्र २% हैं और दलित २०%, ओबीसी ७५ वहां पे आपकी सरकार क्यों नहीं बन पाई? इसका कोई उत्तर है।
क्या २% ब्राह्मणों में इतनी शक्ति है कि वो "दलित हृदय सम्राट" को अपने पिछड़े, शोषित तथा पीड़ित भाइयों का विकास करने से रोक सकें।
इसे वैचारिक धूर्तता कहते हैं।
भइय्या, मेरा जन्म कोई भाजपा सरकार आने के बाद नहीं हुआ। कांग्रेस राज में वही आगे बढ़ता था जो अच्छी शिक्षा लेता था, जो मेहनत करता था, फिर वह किसी भी जाति, बिरादरी या धर्म का हो। कांग्रेस राज में कभी भी ब्राह्मणों की बहन-बेटियों पर इतनी अभद्रता नहीं होती थी, जितनी भाजपा सरकारों में हो रही है। कांग्रेस को शासन तब मिला था, जब भारत को अंग्रेज पूरी तरह लूटकर खत्म कर चुके थे। कांग्रेस के समय शिक्षा और शिक्षक बहुत अच्छे थे। मेरी पूरी फैमिली कांग्रेस के राज में ही अपनी मेहनत और शिक्षा से अच्छी तरह सेटल हुई है।
आज मैं सामान्य वर्ग की हालत देखती हूँ। भाजपा राज में एक भी सामान्य वर्ग का वैसा नेता नहीं बना। जो बृजभूषण शरण सिंह, राजा भइय्या या ब्राह्मणों में अटल बिहारी जैसा बना हो, कोई नहीं। ना ही कोई हरिशंकर तिवारी बना, ना ही कोई अमरमणि त्रिपाठी, ना ही कोई विनय शंकर तिवारी बना, ना ही कोई उदयभान करविया बना, ना ही कोई विजय मिश्रा बना, ना ही कोई अनंत सिंह बना, ना ही कोई बृजेश सिंह या धनंजय सिंह बना, ना ही कोई टाइगर राजा सिंह बना, ना ही कोई प्रभुनाथ सिंह, ना ही कोई अखिलेश सिंह बना, ना ही कोई सुशील सिंह बना।
क्षत्रिय समाज वह था कांग्रेस राज में, वह शिक्षा थी उसकी, शायद आप भूल गए हैं कि जब अमेरिका ने पहली बार कंप्यूटर बनाया, तो भारत के राजीव गांधी ने अमेरिका से कंप्यूटर की टेक्नोलॉजी मांगी थी। अमेरिका ने देने से मना कर दिया था, फिर एक क्षत्रिय ने मात्र 2 साल के अंदर अपना खुद का सुपर कंप्यूटर भारत के लिए बना लिया था, वह भी बिना अमेरिका की टेक्नोलॉजी लिए।
और वह सुपर कंप्यूटर इतना तेज और स्वदेशी था कि रूस और जर्मनी ने भारत का कम्प्यूटर खरीदा था उस समय भारत के ब्राह्मणों और क्षत्रियोँ ने मिलकर पूरे अमरीका की कम्प्यूटर मार्किट ही विश्व पटल पर शून्य कर दी थी।
वहीं एक ब्राह्मण सुंदर पिचाई गूगल का सीईओ बना, जहाँ पहले यूसी ब्राउज़र, ओपेरा मिनी जैसे ब्राउज़र का बोलबाला था। वहीं सब कुछ अपनी बुद्धि और शिक्षा से खत्म करके गूगल क्रोम, यूट्यूब, जीमेल हर जगह आपको ब्राह्मण मिलेंगे, जो आज पूरी दुनिया में टॉप पर राज कर रहे हैं।
क्या भाजपा सरकार में आज एक भी क्षत्रिय या ब्राह्मण शिक्षा में इतना आगे बढ़ पा रहा है? असंभव है, क्योंकि भाजपा सामान्य वर्ग को ऐसे चुपचाप समाप्त कर रही है, धर्म का चोला ओढ़कर, कि सामान्य वर्ग का पतन होता जा रहा है, लेकिन उसकी आँख नहीं खुल रही है।
शायद भगवान की इच्छा ही यही है कि सामान्य वर्ग पूरी तरह बर्बाद हो जाए, तब जाकर अधर्म अपने चरम पर होगा। तभी तो कल्कि अवतार होगा। यदि सामान्य वर्ग की बुद्धि 2014 के पहले वाली फिर से वापस आ गई, तो फिर से सामान्य वर्ग पूरी दुनिया पर राज करने लगेगा। फिर ना अधर्म फैलेगा इतनी तेजी से, ना ही कल्कि अवतार होगा।
भाजपा राज्य में एक चीज अच्छे से हुई है शिक्षा व्यावस्था निम्न स्तर की हो गई है। सामान्य वर्ग को गालियां देने वाले बढ़ गए है और सामान्य वर्ग का पतन अच्छे से होता जा रहा है।
वैसे मैं कॉंग्रेस से भी नफरत करती हूं लेकिन जब कोई कॉंग्रेस और भाजपा में तुलना करता है तो कॉंग्रेस मुझे भाजपा से एक करोड़ गुना ज्यादा अच्छी लगती है। बाकी कॉंग्रेस भी अब ज्यादा बोलती है सामान्य वर्ग के खिलाफ लेकिन कॉंग्रेस का इतिहास रहा है ये जब सत्ता में रहती है तब अच्छा काम करती है जब सत्ता में नही रहती है तब उल्टा सीधा बोलती रहती है। लेकिन ये जो बोलती है वो करती नही।
वही भाजपा जो बोलती नही वो जरूर करती है और जो बोलती है उससे मुह मोड़ लेती है।
मैं 2014 से लगातार अभी तक भाजपा की समर्थक रही यानी 6 सात महीने पहले तक मेरे सोसल मीडिआ एकाउंट पर 4 हजार से ऊपर पोस्ट है। अभी एक भी डिलीट नही की हूँ सारी भाजपा के समर्थन में मिलेगी। 6 से 7 महीने के पहले की। लेकिन अब मेरी आँखें खुल गई कि ये तो धर्म धर्म बोलकर अधर्म के रास्ते पर चल रही है पूरी तरह।
एक अकेली ब्राह्मण स्त्री को हराने के लिए पूरे देश के जातिवादी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा चुके है। ये होती है ब्रह्माण पॉवर।
लेकिन शास्त्र कहते है ब्राह्मण को मात्र ब्राह्मण ही हरा सकता है। दूसरा कोई नही।