@SupriyaShrinate हार की हताशा और लंबे समय से सत्ता के बाहर रहना किसी भी कांग्रेसी को इतना विचलित कर सकता है।
लेकिन इन हरकतों से तो यह लोग जीवन भर विपक्ष मै रहने की ठान चुके है।
जंतर मंतर पर गन्दी गालीयों से पूरे देश का सभ्य समाज और माता पिता सकते मै हैं।
सिवाय विपक्ष के।
@ashutosh83B मात्र दो राउंड पैलेट गन चली और बो भी किसी स्टूडेंट को नहीं एक शांतिदूत को लगी है।
यह भीड़ को नियंत्रित करने वाला हथियार है कोई जानलेवा नहीं
@AtishiAAP भगवान करे इस बच्ची के सारे गुण और संस्कार आपके बच्चों को भी मिले।
आपके लिए यही शब्द हमेशा प्रयोग किये जाय। इन बच्चों की हरकतों से पूरे देश का सभ्य समाज सकते और गुस्से में है।
आप धन्य है।
@1ALOKJOSHI बीजेपी को हटाने के गाली बाजी और पत्थरबाजी जरूरत नहीं है। बल्कि इन हरकतों ने सरकार को बचने का रास्ता दे दिया। यह आंदोलन शांतिपूर्ण होता तौ सरकार पूरी तरह हिल जाती।
हिंसा सरकार को करने दो। आंदोलन को बल और समर्थन मिलेगा।
@1ALOKJOSHI सर, आपने गटर की भाषा में गाली बकने वालों को डिफेंड किया है। आपने दादा की उम्र के प्रधानमंत्री को गटर छाप गाली देने को कहा है यह कोई अपराध नहीं है।
पूरे सभ्य समाज में इस घटना से भारी रोष फैला हुआ।
कोई इन लड़कियों अपने आसपास फटकने भी नहीं देगा। यह एकदम निंदनीय अपराध है।
@yadavakhilesh नौटंकी तौ सही से करते। नकली भक्त और बाबाओ के जूते चप्पल तौ उतरवा देते।
यार तुम नौटंकी भी सही से नहीं कर पाए।
थोड़ी बहुत तौ रियल लगनी चाहिए थी।
@ashutosh83B पेलेट गन चलाने के लिए ही सुरक्षा बलों को दी गई है। यह पत्थरबाजों को नियंत्रण के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह कोई जानलेवा हथियार नहीं है। थोड़ा बहुत जख्म तौ पत्थरबाजों को लगना भी चाहिए।
SDM के पास इसको इस्तेमाल करने का आदेश देने के अधिकार होते है।
@1ALOKJOSHI एकदम सही किया। बो खुद को गाली देने वालों को तो माफ कर सकते लेकिन हिंसा और कानून तोड़ने वाले लोगों को माफी नहीं दे सकते हैं। बो कानून का काम है।
उन्होंने सिर्फ छोटे बच्चों की गलती को माफ किया है।
मै उनको सलाम करता हूं। आशा है पुलिस इसका संज्ञान लेगी।
@dibang एकतरफा झूंठ फैलाने वाला वामपंथी पत्रकार।
पेलेट gun कभी भी एक जानलेवा हथियार नहीं था। यह दंगाइयों और पत्थरबाजों को काबू करने के लिए सुरक्षा कर्मियों को दी गई है।
यह कैसा हथियार है। अब वामपंथी और झूंठे पत्रकार तय करेंगे।
@dibang पेलेट gun , सुरक्षा बलों को क्यों दी गई है।
पुलिस से लाठी , पेलेट, टियर गैस सब ले लो और भीड़ को सिर्फ बातों से समझने का जिम्मा दो।
कांग्रेस जब सरकार मै थी तब सीधे गोली चलती थी।
@ajitanjum आपने लिखा गलत लड़के भी थे।
जबकि ज्यादातर गलत लड़कियां थी जिनका इस्तेमाल हुआ।
जो भी वीडियो देख सुन रहा है शर्म और गुस्से से लाल हो रहा है।
आपकी बात सही हो सकती है। की कुछ गंदे लड़के लड़कियों ने पूरे आंदोलन की भट्टी भुजा दी।
अब यह कहो यह बीजेपी के कार्यकर्ता थे।