#Mood#feelings#मेरी_कलम_से✍️
हवाओं की मानिंद हूँ बे-निशां मैं,
किसी को न मालूम जाना कहाँ है।।
परों से नहीं है उड़ानों का रिश्ता,
सफ़र पूछता है ठिकाना कहाँ है।।
#कुमुद🥀
#बस_इतना_ही🥀
#मेरी_कलम_से✍️
तेरा ज़िक्र हो तो महके मेरा हर इक मुक़ाम शाम पर,
चढ़ा ले मोहब्बत का इक हसीं सा जाम शाम पर।।
सुनाई देता है दिल की धड़कनों में तू ही तू,
उतरता है तेरा साया हर इक निज़ाम शाम पर।।
'कुमुद' ने रख दिए हैं दिल के सारे राज़ आज,
तेरी यादों से भर गया है ये मुक़ाम शाम पर।।
#कुमुद🥀
#बस_इतना_ही🥀