चढ़ावा चोरी के बाद अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के
नए CEO के लिए आज से नए सिरे से इंटरव्यू शुरू हो गए हैं,
CEO के पद के लिए 5200 लोगों ने आवेदन किया था,
जिसमें से सिर्फ 18 लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है,
मुझे जो जानकारी मिली है,
उसके मुताबिक इंटरव्यू में बुलाए गए 18 लोगों में से कोई भी Sc, St और OBC नहीं है,
और CEO के पद पर अंतिम तैनाती भी किसी ब्राम्हण या किसी दूसरे सवर्ण की होगी,
अगर ऐसा होता है तो
Sc, St, OBC लोगों से मेरी अपील है कि मंदिर में सिर्फ भगवान के दर्शन करें,
कभी कोई चढ़ावा ना चढ़ाएं,
क्योंकि आपका चढ़ावा भगवान को नहीं
धर्म को धंधा बनाने वाले लोगों की जेब में जाता है,
बड़ी ख़बर-
झारखंड वाली एफआईआर की वजह सामने आई है।
ये एफआईआर रांची के सदर अस्पताल के HDU (High dependency unit) HDU में घुसकर वीडियो रिकार्डिंग करने पर हुई है।
इस सिलसिले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने 8 अगस्त को ही शिकायत दे दी थी।
शिकायत में साफ लिखा है कि HDU में गंभीर अवस्था में उपचाररत मरीज रहते हैं।
इस बेहद संवेदनशील जगह पर बिना सावधानी, अनुमित व सुरक्षा प्रोटोकॉल के वीडियो बनाना कहीं से भी मान्य नहीं है।
मैने पहले भी लिखा कि सत्ता का विरोध करने पर एफआईआर करना कहीं से भी जायज नहीं है,
मगर उस नियम, कानून और प्रोटोकॉल का पालन तो करना ही चाहिए जिसकी अनदेखी किसी की जान को ख़तरे में डाल दे।
नाखून कटाकर भगत सिंह नहीं बनते!!
@harshktweets@AmanChopra_ चाटुकारिता बुरी बात नहीं है, वहां आईसीयू के नियमों को किसने तोड़ा था कितनी धूर्तता है आप लोगों मे आईसीयू मे प्रवेश कर मरीज़ की जान को जोखिम मे डालने को सही ठहराते हैं
अपनी मिट्टी अपने लोग
मै इरफ़ान
यूटुब पर पूरा तीसरा वीडियो देखे
साथ में जो कमिया हो उस पर खुल कर राय दे
मुझे सिखने की लालसा रहती है
अब तक जो सीखा आप जैसे लोगो को सुना देखा और अपने जीवन में उतारा
https://t.co/XWssCz8ZNh
अमन चोपड़ा पर रांची में आंदोलन कवरेज के लिए नहीं बल्कि अस्पताल के ICU में जाकर वीडियो शूट करने पर मुक़दमा हुआ है, ICU के बाहर लिखा रहता है कि प्रवेश निषेध है, फिर भी चोपड़ा अंदर गए।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त गाइडलाइन है, कानून भी पत्रकारिता के लिए पत्रकार को ICU में जाने की अनुमति नहीं देता।
@HemantSorenJMM@AmanChopra_
अमन चोपड़ा जैसे 'गोदी पत्रकारों' की मंशा झारखंड के विरोध-प्रदर्शन को जंतर-मंतर के विरोध-प्रदर्शन के आमने-सामने खड़ा करने की थी।
लेकिन, जंतर-मंतर के छात्र पहले से ही झारखंड के विरोध-प्रदर्शन में मौजूद थे।
उन्होंने साफ़ कर दिया कि छात्रों को 'गोदी पत्रकारों' की कोई परवाह नहीं है।
यहाँ तक कि अभिनव पांडे ने भी अमन चोपड़ा के दोहरेपन पर तंज कसा। 🔥
पिताजी जाने से मना किए, मगर हम आ गए।
पत्रकार - अब तो पिताजी को पता चल जाएगा?
छात्र - नहीं चलेगा, पिताजी गोदी मीडिया देखते है. हम तो जंतर मंतर भी जाने वाले थे मगर नहीं जा सके इसलिए यहां आये है। गोदी मीडिया हमको आतंकवादी बता देगा...
रांची में प्रोटेस्ट चल रही है, मगर विपक्ष ने किसी को देशद्रोही नहीं बोला! उल्टा हम छात्रों के पक्ष में है।