पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
बाबर आजम, तू साला वॉश्ड-अप चोकिंग हरामी! पाकिस्तान का किंग मेरी गांड – बल्कि लिम्प-डिक प्रिंस जो बड़े मैचों में लंड खड़ा नहीं कर पाता। T20 WC 2026? 91 रन शिट SR से जैसे कुंवारा पहली चुदाई में फंस जाए, फिर बीच में ड्रॉप क्योंकि टीम तेरे मृत वजन से थक गई। अब ODI से भी बाहर! पाकिस्तान तुझे फेंक रहा जैसे तू चेज में बोतल मार दे। तेरी बैटिंग जितनी भरोसेमंद जितनी रंडीखाने में दो-पंप चूतिए की। ओवररेटेड भोसड़ीके, मिनोर्स पे स्टैट्स फुला और भाड़ में जा। बाबर द ग्रेट डिसअपॉइंटमेंट फॉरएवर।