सांसद राजकुमार रोत @roat_mla से मिले व्यावसायिक शिक्षक, समस्याओं के समाधान की मांग
व्यावसायिक शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर व्यावसायिक शिक्षकों ने लोकसभा क्षेत्र बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद माननीय राजकुमार रोत से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
शिक्षकों ने सांसद को बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक विद्यार्थियों को कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवाएं आज भी ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से संचालित हो रही हैं। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों का अनुभव होने के बाद भी उन्हें स्थायी रोजगार सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
5 से 14 माह तक वेतन बकाया होने का मुद्दा उठाया
मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने सबसे गंभीर समस्या वेतन भुगतान में देरी की रखी। शिक्षकों के अनुसार कई व्यावसायिक शिक्षकों को 5 से 14 माह तक का वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से कौशल शिक्षा देने के बावजूद स्वयं शिक्षक आर्थिक असुरक्षा में जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार एवं विभाग से बकाया वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग की।
ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी जॉब पॉलिसी की मांग
व्यावसायिक शिक्षकों ने सांसद के सामने ठेका प्रथा समाप्त करने, स्थायी जॉब पॉलिसी लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा तथा रोजगार की स्थिरता सहित विभिन्न मांगें रखीं।
मुख्य मांगें: बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, ठेका प्रथा समाप्त करना, स्थायी जॉब पॉलिसी लागू करना, समान कार्य के लिए समान वेतन और व्यावसायिक शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगार की गारंटी देना। @pantlp@sharatjpr@educationnagari
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व्यावसायिक शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक, e-BID और वर्क ऑर्डर पर भी लगा स्टे
जयपुर। राजस्थान में व्यावसायिक प्रशिक्षकों (VTs) की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में व्यावसायिक शिक्षकों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पवन गर्ग एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने 17 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए VTPs के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित नई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
माननीय न्यायमूर्ति अनूप कुमार सिंघी की अदालत में पेश मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि पहले से योग्य एवं कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों को दरकिनार कर VTPs के माध्यम से नए व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति करना मनमाना है। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय के पूर्व आदेश S.B. Civil Writ Petition No.12054/2025, गोविंद राम यादव एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य का भी हवाला दिया, जिसमें व्यावसायिक शिक्षकों को सीधे संविदा आधार पर नियुक्त करने तथा VTPs के माध्यम से नियुक्ति नहीं करने संबंधी निर्देशों का उल्लेख किया गया।
याचिका में 19 जून 2026 को जारी e-BID (NIB:06/2026-27) तथा 1 जुलाई 2026 के Corrigendum को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान यह भी न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि उक्त प्रक्रिया के आधार पर 14 अगस्त 2026 को Work Order जारी किया जा चुका है।
e-BID और Work Order की कार्यवाही पर रोक
मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अंतरिम आदेश में 19.06.2026 के e-BID, 01.07.2026 के Corrigendum तथा 14.08.2026 के Work Order के प्रभाव एवं संचालन पर रोक लगाई गई है।
न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि e-BID के तहत VTPs के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित आगे की कार्यवाही फिलहाल स्थगित रहेगी।
हजारों व्यावसायिक शिक्षकों में उम्मीद
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से कार्यरत व्यावसायिक शिक्षक नई भर्ती प्रक्रिया के बजाय योग्य एवं अनुभवी VTs को रोजगार में प्राथमिकता देने, सीधे संविदा आधार पर नियुक्ति तथा रोजगार सुरक्षा की मांग उठा रहे हैं।
व्यावसायिक शिक्षकों का कहना है कि न्यायालय के इस अंतरिम आदेश से वर्तमान विवाद में महत्वपूर्ण कानूनी पहलू सामने आया है। अब मामले की आगामी सुनवाई में सरकार एवं संबंधित विभाग को अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार VTPs के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित नई प्रक्रिया पर रोक प्रभावी है।
जागो राजस्थान सरकार
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो
@rajeduofficial@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@madandilawar
*INDEPENDENCE MOVEMENT*
( NOW JUSTICE FOR EQUALITY & FREE FROM EXPLOITATION & EXPLOITATIVE AGENCY( # VTPS) IN CSS-VSE NSQF )*
Just as the Nation once fought for freedom highly qualified ( B.E/B.tech , https://t.co/ynTd5xrgDn , MCA , MBA,BBA, M.Pharm , BHMS, B. Sc ( NURSING) , https://t.co/CMbEol0hNi( AGRICULTURE, food processing) CSS-VSE NSQF VOCATIONAL TRAINERS( WEST BENGAL ) ( CONTRACTUAL AT) under Samagra Shiksha in School Education ( Though run by TECHNICAL EDUCATION DEPT through VTPS / AGENCIES) stand unitedly against the chains of #VTPS Outsoursing.We deserve dignity,fair pay and same respect as regular employees .
Our fight is for justice, equality & future free from exploitation.
WB CSS-VSE NSQF VOCATIONAL TRAINERS ( CONTRACTUAL AT OF DIFFERENT NSQF COMPLIANT Skill SUBJECTS from class IX-XII)
HIGHLY QUALIFIED, yet
underpaid.
जागो राजस्थान सरकार
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो @rajeduofficial@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@madandilawar
व्यावसायिक शिक्षा में कंपनियां किस तरह विभाग को गुमराह कर रही देखें- new बिड में कार्य आवंटन किया गया हैं उन्होंने यह बोला हैं कि हमने बकाया भुगतान कर दिया किसको किया है वर्तमान स्थिति में 6 माह से ज्यादा वेतन बकाया हैं @rajeduofficial@sharatjpr@pantlp@aajtak@Kunal_Alwar
मुख्यमंत्री कार्यालय → शिक्षा विभाग → पत्र → पत्र → पत्र… और फिर सन्नाटा!
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लगातार पत्र भेजे जाने के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा जवाब तक नहीं देना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।
जब मुख्यमंत्री कार्यालय की चिट्ठियों की भी सुनवाई नहीं हो रही, तो फिर सरकार के विभागों में आमजन और कर्मचारियों की आवाज़ कौन सुनेगा?
पत्रों का जवाब कब मिलेगा ?
और
हमारी समस्या का समाधान कब होगा ?
जागो राजस्थान सरकार
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो @rajeduofficial@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@madandilawar
व्यावसायिक शिक्षकों के वेतन जारी करने के सख़्त आदेश हो गए है अब कंपनियों को समय पर वेतन जारी करना होगा फिर भी अगर कंपनी वाले वेतन जारी नहीं करते है तो इस बार मिलकर बड़े लेवल पर इनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोला जाएगा ।।
#हनुमान_किसान
@skbishnoi164@pantlp@PMOIndia व्यावसायिक शिक्षा- आखिर ये कंपनियां विभाग के आदेश की पालना क्यों नहीं कर रही हैं? 6 अगस्त को बोला गया कि 2 दिन में बकाया भुगतान किया जाए लेकिन आज तक 1 रूपए का भुगतान नहीं किया। आखिर सरकार की कोई जवाबदेही नहीं बनती हैं क्या 5 से 14 माह का वेतन बकाया हैं
@pantlp@PMOIndia
@BJP4Rajasthan व्यावसायिक शिक्षा -एक युवा को आप कितना डराओगे , एक शिक्षक को आप कितना डराओगे । जायज मांग को भी नहीं सुन रहे हो, अनुशासन में बैठ करके मांग की तो भी पुलिस से डरा करके शिक्षकों का अपमान करना यानी मोदी की कौशल शिक्षा का अपमान हैं .. लौट करके आएंगे
व्यावसायिक शिक्षा- आखिर ये कंपनियां विभाग के आदेश की पालना क्यों नहीं कर रही हैं? 6 अगस्त को बोला गया कि 2 दिन में बकाया भुगतान किया जाए लेकिन आज तक 1 रूपए का भुगतान नहीं किया। आखिर सरकार की कोई जवाबदेही नहीं बनती हैं क्या 5 से 14 माह का वेतन बकाया हैं
@pantlp@PMOIndia