शिक्षा सेवा चयन आयोग @upesscprayagraj ,
महोदय बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक भर्ती एवं जूनियर शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न एवं पाठ्यक्रम यथाशीघ्र जारी कीजिए 🙏
@PrashantK_IPS90
उत्तर प्रदेश
योगी सरकार 2.0
बेसिक शिक्षा विभाग
एक भी पदों पर नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती नहीं दी।
अंतिम बार दिसम्बर 2018 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था।
शिक्षा विभाग को बर्बाद कर दिया है योगी मॉडल ने।
इस बार भर्ती नहीं तो वोट नहीं @myogiadityanath@narendramodi@AmitShah
सेवा में,
मा0 मुख्यमंत्री जी
उत्तर प्रदेश सरकार
महोदय
जनगणना का कार्य चल रहा है ऊपर से गर्मी अपनी प्रचंड रूप में है अतः आपसे निवेदन है कि प्राथमिक विद्यालय जो 16 जून से खुलने हैं उसे 1 जुलाई से खोल ने कृपा करें।
सादर आभार
@myogiadityanath@UPGovt
जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में वर्तमान में केवल बेसिक शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है, जबकि शिक्षामित्र, अनुदेशक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पंचायत सहायक जैसे अन्य कर्मचारी इस कार्य से बाहर रखे गए हैं।
यह निर्णय न केवल कार्य का असमान वितरण दर्शाता है, बल्कि समान अवसर के सिद्धांत के भी विरुद्ध है। जब अन्य कर्मचारी भी इस कार्य को करने के लिए इच्छुक एवं सक्षम हैं, तो उन्हें इससे वंचित रखना उचित नहीं है।
विशेष रूप से तब, जब इस ड्यूटी के लिए लगभग ₹25,000/- का मानदेय निर्धारित है, सभी पात्र कर्मचारियों को इसमें भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
हम संबंधित अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए इच्छुक शिक्षामित्र, अनुदेशक, आंगनबाड़ी एवं पंचायत सहायकों को भी जनगणना ड्यूटी में शामिल किया जाए, ताकि कार्य का समान वितरण हो और सभी को न्याय मिल सके।
#जनगणना #समानअवसर #शिक्षामित्र #आंगनबाड़ी #पंचायतसहायक
@dm_sitapur@myogiadityanath@BsaSitapur@EyeIndiaMedia@danikjagaran
हैशटैग को लेकर कोई भ्रम न रहे और दो दो हैशटैग न चलें इसलिए हमने एक दिन पूर्व ही हैशटैग की घोषणा कर दी है लेकिन अभी भी साथी पुराने हैशटैग का पोस्टर या स्टीकर चला रहे हैं जिससे भ्रम पैदा हो रहा है इसलिए सभी जिला और ब्लॉक के साथी फ़ोन से अपनी टीम को स्पष्ट कर दें कि आज का हैशटैग
#JusticeForTeachers
है
#JusticeForTeachers शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है। हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये
#JusticeForTeachers
एक आग्रह (केंद्र सरकार और राज्य सरकार से)
आज शिक्षक वर्ग को टीईटी अनिवार्यता के प्रश्न पर असमंजस और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
हम सरकार से यह निवेदन करना चाहते हैं कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल एक परीक्षा से नहीं, बल्कि अनुभव, समर्पण और सतत कार्य से भी आँकी जानी चाहिए। जो शिक्षक आरटीई लागू होने से पूर्व विधिवत नियुक्त हुए, जिन्होंने वर्षों तक सफलतापूर्वक अध्यापन किया, उनके अनुभव और सेवा को एक झटके में कमतर आंकना न्यायोचित नहीं है।
तार्किक पक्ष यह कहता है कि यदि नियुक्ति के समय जो नियम प्रभावी थे, उन्हीं के आधार पर चयन हुआ, तो बाद में नियमों में संशोधन का प्रभाव पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत पुनर्विचार का विषय होना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
एक शिक्षक का आत्मसम्मान ही उसकी सबसे बड़ी पूँजी है। जब वर्षों की सेवा के बाद उसे अपनी योग्यता सिद्ध करने की नई बाध्यता के साथ खड़ा किया जाता है, तो उसके मन में असुरक्षा और पीड़ा स्वाभाविक है। यह पीड़ा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की चिंता बन जाती है।
हम सरकार से टकराव नहीं, समाधान चाहते हैं। हम संवाद चाहते हैं, सहानुभूति चाहते हैं और ऐसी नीति चाहते हैं जो न्याय, संवेदनशीलता और व्यवहारिकता—तीनों का संतुलन बनाए।
आशा है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार शिक्षक समाज की इस गुहार को संवेदनशीलता से सुनेगी और अतिशीघ्र ऐसा निर्णय लेगी जो शिक्षा की गुणवत्ता भी बनाए रखे और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा करे।
क्योंकि शिक्षक मजबूत होगा तो ही शिक्षा मजबूत होगी, और शिक्षा मजबूत होगी तो ही राष्ट्र सशक्त बनेगा।
- विपिन बिहारी
@DrDCSHARMAUPPSS@UPPSS1921
@TFI_2025
शिक्षक साथियों!
#JusticeForTeachers
जब अधिकारों पर आंच आती है, तो मौन नहीं — संगठित स्वर ही परिवर्तन लाता है।
तो आइए, अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
📢 कल, 22 फ़रवरी, दोपहर 2:00 बजे — ट्विटर (X) अभियान
अपनी आवाज़ को एक स्वर दें, अपनी एकता की ताक़त दिखाएँ।
एक साथ, एक समय, एक संकल्प —
न्याय के लिए, अधिकार के लिए!
@DrDCSHARMAUPPSS@UPPSS1921
@TFI_2025
They are threatened on job security and this needs to be addressed and we need proper salaries for them. They are our children's future.
#justiceforteachers