एक तरफ जहाँ केंद्र सरकार में पीएम, एजुकेशन मिनिस्टर, या हेल्थ मिनिस्टर में से
कोई NEET PAPER LEAK की ज़िम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है,
वहीं 2 दिन पहले तमिलनाडु के CM बने
THALAPATHY VIJAY ने केंद्र सरकार को Neet एग्जाम हमेशा के लिए खत्म करने की सिफारिश की है.
विजय ने कहा कि बार बार पेपर लीक होने और NEET एग्जाम के महंगी तैयारी करके छात्र आर्थिक और मानसिक रूप से टूट जाते हैँ.
उनके माता पिता क़र्ज़ लेकर उनको ये एग्जाम दिलवाते हैँ, लेकिन फिर भी उन्हें निराश होना पड़ता है.
विजय ने इसको रोकने का उपाय भी बताया है.
CM विजय ने कहा कि राज्यों को 12 वीं क्लास में मिले अंको के आधार पर
MBBS, BDS, AYUSH एग्जाम की सीट्स भरने की परमिशन मिले,
ताकि 12 वीं क्लास में की गयी मेहनत के आधार पर छात्रों पर पड़ने वाला भविष्य की पढ़ाई का बोझ और उनके माता पिता पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ खत्म हो..
माता पिता नर्सरी से 12 वीं तक लाखों रूपये शिक्षा पर ऑलरेडी खर्च ही रहें हैँ.
मुझे तो ये सुझाव अच्छा लगा.. और आपको??
अगर मैं 1 किलो चीनी खरीदता हूँ और आज सिर्फ 800 ग्राम इस्तेमाल करता हूँ, तो दुकानदार आधी रात को बाकी चीनी लेने नहीं आता। तो मेरा टेलीकॉम ऑपरेटर ऐसा क्यों करता है?
डेटा हमारी डिजिटल संपत्ति है। हमने इसके लिए भुगतान किया है। यह हमारा है।
संसद में यह मुद्दा उठाने के लिए @raghav_chadha को धन्यवाद।
🚨आवाज़ उठाओ – अब बदलाव जरूरी है!🚨
नौकरी करने वाले का महीना 30 से 31 दिन का होता है,
दूध वाले का महीना भी 30 से 31 दिन का होता है…!
लेकिन मोबाइल रिचार्ज कराने वाले का महीना 28 दिन का क्यों?
हर बार 349 -399 रुपये का रिचार्ज,
और साल में 12 नहीं बल्कि 13 बार Sim Recharge कराना क्या ये सही है?
क्या आम जनता से ऐसे ही ज्यादा पैसा लिया जाएगा?
अगर आप भी चाहते हैं कि
✅ रिचार्ज 28 दिन की जगह 30 दिन का हो
✅ Incoming कॉल हमेशा फ्री रहे
तो अब चुप मत रहो…
अपनी आवाज उठाओ और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा Repost करें
एकजुट होंगे तभी बदलाव आएगा! #RaghavChadha
माननीय कानून मंत्री @arjunrammeghwal जी
माननीय SC आयोग @NCSC_GoI
माननीय SC आयोग चैयरमैन @ikishormakwana जी,
माननीय राजकोट MP @PRupala जी,
राजकोट एम्स में पढ़ने वाले राजस्थान के दलित MBBS छात्र रतन कुमार मेघवाल को न्याय दिलाने हेतु कठोर कदम उठाइए।
केंद्र सरकार से मांग करता हूँ कि तत्काल UGC एक्ट को लागू किया जाए।
एम्स राजकोट में पढ़ने वाले जातिवादी छात्र प्रणव पालीवाल,अस्मित शर्मा,आयुष यादव,निर्विघ्नम नूर युवराज चौधरी ने एक निर्दोष दलित छात्र को रोहित वेमुला की तरह मार दिया।
आज भी उच्च शिक्षण संस्थाओं में जातिवाद का घिनौना रूप व्यापक रूप में मौजूद है। जिसे अब खत्म करना बहुत जरूरी है। अन्यथा कल कोई ओर दलित/आदिवासी समुदाय के होनहार छात्र 17 पेज के सुसाइड नोट लिखकर अपना जीवन समाप्त कर देंगे।
आज सवाल देश की सरकार से भी है..
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी,
अगर देश के AIIMS जैसे संस्थानों में भी दलित छात्र सुरक्षित नहीं हैं,
तो फिर “सबका साथ, सबका विकास” का सपना कैसे पूरा होगा?
मेरी इस मामले में मांग है कि
(1) इस मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच हो।
(2) दोषियों को कड़ी से कड़ी कठोर सजा मिले।
(3) मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जातीय उत्पीड़न रोकने के लिए UGC एक्ट लागू किया जाए।
(5) पीड़ित परिवार को एक सरकारी नौकरी और 5 करोड़ का आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
@CP_RajkotCity इस मामले को तत्काल केस ऑफिसर स्कीम में लेकर SC/ST एक्ट ओर BNNS की कठोर धाराओं में चालान पेश करे।
#JusticeForRatanMeghwal
जो ब्राह्मण समाज के लोग दंभ भरते हैं कि ब्राह्मणों के बिना शादी और श्राद्ध नहीं होता वो देख लें, कैसे उनके बिना मंत्र-तंत्र को छोड़कर संविधान को साक्षी मानकर शादी हो रही है।
आपको जानकारी हो दोनों BPSC अधिकारी हैं और ऐसे-ऐसे लोग ही वर्चस्ववादी लोगों को चुनौती देंगे।
गोदी मीडिया SC, ST, OBC के मुद्दों (UGC, आरक्षण, सामाजिक न्याय आदि) को प्रमुखता से नही उठाता, इसका कारण है कि यहाँ 100% सवर्ण बैठे है!
यहाँ अघोषित 100% आरक्षण चल रहा है!
ब्राह्मणवाद देश के सबसे बड़ा खतरा है इसे जलमुल से खत्म करना होगा 😡😡
रुचिका शर्मा ने ब्राह्मणवाद की पोल खोल दिया और कहा कि देश को सबसे बड़ा खतरा इस विचारधारा और मानसिकता से और खासकर बामन महिलाओं को भी शूद्रों से नीचा माना जाता था 🤔🤔🤔
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प खुद कह रहे हैं, “हम टैरिफ नहीं देंगे, भारत देगा।”
जब राहुल गांधी ने कहा था कि डील अमेरिका के पक्ष में है, तब पीयूष गोयल और शिवराज सिंह चौहान उन्हें झूठा बताते रहे।
अब ट्रम्प ने सच बोल दिया।
राहुल गांधी सही थे, मोदी ने देशहित गिरवी रख दिए।
JNU की VC ने दलितों और Blacks के “victimhood” जैसे नीचे स्तर की बात की, साथ ही साथ UGC रेगुलेशन के ख़िलाफ़ माहौल बनाया।
“अंबेडकर वाली आज़ादी” के नारों के साथ अब पूरा कैंपस VC के इस्तीफ़े की माँग कर रहा है।
ऐसे VC के रहते कैसे कोई बहुजन छात्र विश्विद्यालय में सुरक्षित महसूस करेगा?