सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड,
जयपुर, राजस्थान।
विषय: अध्यापक भर्ती परीक्षा 2025 (लेवल-1) में 11 प्रश्नों को डिलीट करने की घोर लापरवाही एवं प्रशासनिक विफलता के संबंध में औपचारिक शिकायत।
महोदय,
हम आपका ध्यान अध्यापक भर्ती परीक्षा (लेवल-1) के प्रश्न-पत्र में हुई शर्मनाक त्रुटियों की ओर आकर्षित करना चाहते है। एक ही परीक्षा में 11 प्रश्नों का डिलीट होना किसी तकनीकी चूक का परिणाम नहीं, बल्कि बोर्ड की अक्षमता, घोर लापरवाही और परीक्षा निर्माण समिति की संवेदनहीनता का सीधा प्रमाण है।
इस संदर्भ में मैं निम्नलिखित बिंदुओं पर बोर्ड की स्पष्टीकरण और कार्यवाही की मांग करते हैं:
प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न: 11 प्रश्नों का त्रुटिपूर्ण होना यह सिद्ध करता है कि प्रश्न-पत्र को अंतिम रूप देने से पहले किसी भी प्रकार के विश्वसनीय 'क्वालिटी चेक' या 'प्रूफ-रीडिंग' का पालन नहीं किया गया।
परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़: अध्यक्ष महोदय का सोशल मीडिया पर केवल "दुःख" व्यक्त करना या "सुधार के प्रयास" की बात करना उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक क्रूर मजाक है, जिनका करियर इस प्रशासनिक विफलता की भेंट चढ़ गया है।
जवाबदेही का अभाव: बोर्ड द्वारा सेटर्स को केवल 'ब्लैकलिस्ट' करने का दावा करना अपर्याप्त है। जब तक संबंधित अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों पर भारी आर्थिक दंड और अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
पारदर्शिता की मांग: हम मांग करते हैं कि प्रश्न निर्माण समिति में शामिल उन विशेषज्ञों के नाम और उनकी साख सार्वजनिक की जाए, जिनकी अयोग्यता के कारण लाखों युवाओं का समय, धन और ऊर्जा बर्बाद हुई है।
बोर्ड का यह उत्तरदायित्व है कि वह न केवल इस विफलता को स्वीकार करे, बल्कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए उचित मुआवजे या आगामी परीक्षा में शुल्क मुक्ति जैसे ठोस कदम उठाए।
यदि बोर्ड अपनी इस कार्यप्रणाली में सुधार हेतु तत्काल कदम नहीं उठाता, तो प्रभावित अभ्यर्थी अपने अधिकारों के संरक्षण हेतु उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।
अपेक्षित कार्यवाही:
प्रश्न निर्माण समिति के सदस्यों पर ठोस प्रशासनिक व आर्थिक दंड का विवरण सार्वजनिक करें।
प्रभावित अभ्यर्थियों की हुई क्षति की भरपाई हेतु स्पष्ट नीति घोषित करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
समस्त पीड़ित अभ्यर्थी]
लेवल 1
@alokrajRSSB@RajCMO@BhajanlalBjp@madandilawar@HANUMANKISAN@Radhemahwa
माननीय अध्यक्ष साहब ने बहुत अच्छा नवाचार किया हैं, शिक्षक भर्ती 2023 में 5 प्रश्न डिलीट हुए थे जिसे नवाचार के माध्यम से बढ़ाकर 2025 की भर्ती में 11 प्रश्न डिलीट कर दिए!
हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फिर गया!
आखिर ऐसे प्रश्न बनाते ही क्यों है जिन्हें डिलीट करना पड़े! शर्मनाक
खम्मा घणी राजस्थान।
सोमवार, 15 जून को 3 बजे से मैं आप सबके बीच शहीद स्मारक, जयपुर पर मौजूद रहूँगा। पेपर लीक ने राजस्थान के लाखों युवाओं का जीवन बर्बाद किया है। अब वक्त है एकजुट होकर अपनी आवाज़ रखने का।
आप ज़रूर आइएगा। मिलकर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा माँगते है।
@deepakbaliyan90@ashutoshranka
इन सबका जवाब कोर्ट में देना अब , 150 प्रश्न सही नहीं बना सकते हो , ओर बात करते हो नवाचार की , क्या अचार डाले आपके नवाचार का जहां बेचारे अभ्यर्थियों का बुरा हो गया और इसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ बोर्ड है और कोई नहीं
कॉकरोच पार्टी ने तीन प्रवक्ता भी बना दिए और आज उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हो गई.... एक टिप्पणी से मामला कहां पहुंच गया.... देखते है 6 जून को कितनी भीड़ दिल्ली आती हैं... पर जो सरकार विपक्ष को कुछ भी आसानी से नहीं करने देती... उसने इनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस आराम से होने दी... दया कुछ गड़बड़ तो नहीं है...
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
Hello Cockroach Army 🪳
मेरा मानना है कि देश में ऐसा कानून होना चाहिए जो चुनाव जितने के बाद अगर कोई नेता अपने वादे पूरे न करे तो
उसे 5 साल की सजा ₹50 लाख का जुर्माना और जीवन भर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध मिले
क्यूँकि जनता से किया गया वादा सिर्फ भाषण नहीं होता है बल्कि उन्हें पूरा करना उसकी जिम्मेदारी होती है
तो क्या कहती है हमारी कॉकरोच आर्मी?
क्या नेताओ के झूठे वादों पर रोक लगनी चाहिए?
अपनी राय जरूर दे, और इग्नोर न करे
आज़ तो सुधीर चौधरी रात 9 बजे आपको बैलगाड़ी के 10 फ़ायदे और पेट्रोल डीजल के इस्तेमाल के 101 नुकसान गिनाएंगे।
क्या आप जानते हैं कि विदेशी ताकतें नहीं चाहती कि भारत का युवा बैलगाड़ी और साइकील चलाकर अपना स्वास्थ्य अच्छा रखें और भारत का पर्यावरण बचें, वह आपको Lamborghini, Rolls Roys जैसी गाड़ियों में बैठकर पेट्रोल खरीदकर आपका स्वास्थ्य खराब करना चाहती है।
कल हम जानेंगे निकोबार में पेड़ काटने से भारत के पर्यावरण को कितना फायदा होगा।
🚨 अपील 🚨
जनगणना कर रहे शिक्षक साथी आप वैसे भी गाँव ढाणी खेत तक पहूँच रहे हो..
तो आप गरीब असहाय लाचार का विडिओ बना कर प्रशासन तक जरूर पहुँचायें.! 🙏
वो नींद में सो रहें है सपने में गरीबी हटा दी है भारत विकसित हो गया है.!
लेकिन असलियत से रूबरू आप लोग करवा सकतें है.!
शिक्षक समाज का दर्पण है..!! 🙏
एक शिक्षक जनगणना-2027 के लिए गांव में आंकड़े जुटाने निकला था, लेकिन एक घर में पहुंचकर उसे सिर्फ डेटा नहीं, जिंदगी की सच्चाई देखने को मिली। करीब 80 वर्षीय वृद्ध दंपत्ति की आंखों में अपनेपन की चमक थी, जैसे वर्षों बाद कोई उनका हाल पूछने आया हो। यह दृश्य बताता है कि कई बार आंकड़ों के पीछे अकेलापन, इंतजार और भावनाओं से भरी पूरी जिंदगी छिपी होती है।
असली गरीबी मकान सूचीकरण से अध्यापक ही दिखा रहे है... सरकार की नजरों मे सब लखपति है.... मैने कितने सारे अध्यापकों का वीडियो देखे सब ये हालात बता रहे हैं..
Hello bacchon
Based on your suggestions, Punjab government has decided to make the bus services for all NEET students free during June 20-22.
अब मन लगाकर तैयारी करो