कल दिनांक 28 जुलाई 2026 को पंचायत सहायक अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ माननीय निदेशक जी से जो वार्ता हुई वो सफल नहीं हो पाई क्योंकि जब हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तो फायदा ही क्या अब अपर मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद ही हल निकलेगा हमें सम्मान जनक वेतन चाहिए मानदेय नहीं @myogiadityanath
माननीय मुख्यमंत्री जी,
@myogiadityanath
चाहे कृषि विभाग हो, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग या कोई अन्य विभाग आज पंचायत सहायकों से लगभग हर विभाग के तकनीकी एवं क्षेत्रीय कार्य कराए जा रहे हैं।
विडंबना यह है कि बिना किसी संसाधन, यात्रा भत्ता, सुरक्षा या अतिरिक्त मानदेय के पंचायत सहायक अपने निजी मोबाइल, इंटरनेट और खर्च पर दूसरे विभागों के कार्य भी संपादित कर रहे हैं।
पंचायत सहायकों को केवल जन सेवा संचालक या ग्राम सचिवालय खोलने वाले कर्मचारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आज वे शासन की अधिकांश योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
समान कार्य, समान वेतन के सिद्धांत के अनुसार पंचायत सहायकों को भी न्याय मिलना चाहिए।
₹9,000 मानदेय हमारे सभी पंचायत सहायकों को स्वीकार नहीं है।
कम से कम ₹18,000 तो किया ही जाए।
माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र आग्रह है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार कर पंचायत सहायकों को सम्मानजनक वेतनमान एवं उचित अधिकार प्रदान किए जाएँ।
@uppanchayatiraj@oprajbhar@ChiefSecyUP@CLCMOLE@yadavakhilesh@INCUttarPradesh@Mayawati@BhimArmyChief@UPGovt
वीडियो क्रेडिट @batangarh ♥️🙏
"हर जोर जुल्म की टक्कर से संघर्ष हमारा नारा है"
लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो अख़बार तुम्हारा है!
पीड़ित पंचायत सहायक जायें तो कहां जायें
कानून तुम्हारा है, दरबार तुम्हारा है !! 🔥
#पीड़ित_पंचायत_सहायक#अल्प_मानदेय_6000
महोदय
अपने लगभग सभी विभागों को कुछ न कुछ दिया है।
परन्तु जो मुख्य रूप से गांव में हर घर को सरकार से जोड़ते है पंचायत सहायक, रोजगार सेवक,डाटा एंट्री ऑपरेटर, केयर टेकर, आदि पंचायती विभाग में संविदा पर कार्यरत को क्या मिला ?? क्या इनके परिवार नही है?? @oprajbhar@BJP4UP@UPGovt
अगर आज भगत सिंह होते तो क्या सोचते..!
जिन अंग्रेजों की बेड़ियों से आजादी दिलाई उसी समान परिस्थिति उत्पन्न कर दी गई अपने ही लोगों द्वारा...!
स्वतंत्रता केवल संविधान की पंक्तियों में नहीं, मनुष्य के जीवन में दिखाई देनी चाहिए।
यदि किसी मेहनतकश को भय, हिंसा या शोषण में जीना पड़े,
तो यह केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, पूरे लोकतंत्र की नैतिक विफलता है...!
@oprajbhar@CMOfficeUP@uppanchayatiraj@DirectorUPPR@yadavakhilesh@RahulGandhi@Cockroachisback@abhijeet_dipke
अधोहस्ताक्षरी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के साथ यूनिसेफ़ द्वारा वित्तपोषित, कुपोषण उपचार इकाई, बाल रोग विभाग, जे.एन. मेडिकल कॉलेज, AMU, अलीगढ़ का निरीक्षण
आज दिनांक 15 जून 2026 को माननीय पंचायती राज मंत्री जी से शिष्टाचार भेंट हुई। माननीय जी ने भरोसा दिया है कि प्रस्ताव शासन को चला गया है। जल्द ही आप सबको मानदेय बढ़ोत्तरी की खुशखबरी मिलेगी। हम सब प्रयासरत हैं।
@oprajbhar@PSKUnionUP
अस्थाई गौ-आश्रय स्थल भविगढ़ जनपद अलीगढ़ में भूसा/हरा चारा दान करने वाले किसानों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए सम्मानित किया गया।
#Aligarh#Uttarpradesh
अभी तो एक लोग आत्मदाह कर रहा है यदि पंचायत सहायको के बारे में उनके उज्ज्वल भविष्य के बारे मे जल्द से जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो ऐसे ही 57000 पंचायत सहायक वही लखनऊ में आत्मदाह करने को मजबूर होंगे योगी जी @myogiadityanath@oprajbhar@uppanchayatiraj@psunionup
डबल इंजन सरकार के 'रामराज्य' की भयावह हकीकत देख लीजिए, जहां एक पीड़ित को इंसाफ के लिए आत्मदाह करने पर मजबूर होना पड़ता है।
मुजफ्फरनगर में पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवाही के कारण आज एक सहायक पंचायत सचिव को डीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास करना पड़ा। दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे सरकारी मुलाजिमों को पीट रहे हैं और पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित को ही थानों के चक्कर लगवा रही है।
विज्ञापनों में कानून के राज का ढोल पीटने वाली भाजपा सरकार बताए कि एक आम इंसान न्याय की गुहार लगाने कहां जाए?
जब रक्षक ही बहरे हो जाएं, तो जनता के पास अपनी जान दांव पर लगाने के अलावा क्या रास्ता बचता है?
@bstvlive इतिहास रचा किसने पंचायत सहायक फिर भी सरकार हम पंचायत सहायकों को मात्र ₹6000 का अल्प मानदेय में रखे हुए हैं आखिर कब तक हम अपने परिवार का दुख दर्द को झेलते रहेंगे 🙏